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ट्रांसफार्मर का तेल व क्वॉयल निकाल ले गए चोर, तीन सौ घरों की बत्ती गुल
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Thieves took out transformer oil and coils, lights of 300 houses
- फोटो : KAUSHAMBI
गांव में लगे 250 केवीए के ट्रांसफार्मर को बेखौफ चोरों ने बुधवार रात नीचे उतारने के बाद उसके अंदर से तेल व क्वॉइल चोरी कर लिया। देर रात चोरी की घटना के बाद करीब तीन सौ घरों की बत्ती गुल हो गई।
बिजली गुल होने के कारण लोग पेयजल के लिए परेशान हो गए। मामले में अवर अभियंता घटमापुर ने पुलिस को तहरीर दी है। चोरी गए समान की कीमत करीब तीन लाख रुपये बताई जा रही है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
घटमापुर उपकेंद्र से जुड़े पइंसा गांव में डोली तालाब के समीप लगे 250 केवीए के ट्रांसफार्मर को नीचे उतारने के बाद चोर उसके अंदर से तेल व क्वॉइल निकाल ले गए। गांव के अहमद अली, अनवर शाह, बच्ची लाल, तूफान सिंह आदि का कहना है कि रात 12 बजे तक आपूर्ति जारी थी। इसके बाद अचानक से लाइन कट गई।
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सुबह लोग खेत की तरफ जा रहे थे तो उन्होंने देखा कि ट्रांसफार्मर नीचे पड़ा है। चोर उसे खोलकर अंदर का तेल व कीमती सामान निकाल ले गए थे। इसकी वजह से करीब तीन सौ घरों की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। खासतौर पर उन लोगों को ज्यादा परेशान होना पड़ा, जिनके यहां पेयजल के लिए सबमर्सिबल लगा था।
ग्रामीणों ने घटना की जानकारी उपकेंद्र के अवर अभियंता राजेंद्र दिवाकर को दी गई। मौके पर पहुंचे जेई ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि चोर ट्रांसफार्मर के अंदर भरा 350 लीटर तेल व क्वॉइल निकाल ले गए हैं। चोरी गए सामान की कीमत तीन लाख रुपये है। पइंसा कोतवाल महेश मिश्रा का कहना है कि तहरीर मिली है। मामले की रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।
चोरों के निशाने पर है घटमापुर उपकेंद्र
घटमापुर उपकेंद्र की विद्युत विभाग के अफसर की अनदेखी कर रहे हैं। यहां विभाग के जिम्मेदार नहीं रहते। सिर्फ संविदा कर्मियों के भरोसे आपूर्ति की जा रही है। सूत्रों की मानें तो संविदा कर्मियों की मिलीभगत से चोरी की वारदातें होती हैं।
पुरानी घटनाओं का जिक्र करें तो 21 फरवरी 2012 को चोर पावर हाउस में लगे बड़े ट्रांसफार्मर का तेल व सामान चोरा कर ले गए थे। वर्ष 2015 में फिर एक बार चोरों ने इसी पावर हाउस के ट्रांसफार्मर को निशाना बनाया। पिछले दिनों घटमापुर में ही जल निगम की पानी की टंकी का तार चोर काट ले गए थे।
बिजली के काम में ही इस्तेमाल होता है तेल
बिजली विभाग से जुड़े सूत्रों की मानें तो ट्रांसफार्मर का तेल हो या क्वॉइल बिजली के ही काम में इस्तेमाल होता है। तमाम कंपनियां ट्रांसफार्मर बनाती हैं। चोर इन्हीं कंपनियों को तेल व अन्य सामान बेचते हैं। इसके अलावा बड़े स्टेबलाइजर व जेनरेटर में ट्रांसफार्मर के तेल का इस्तेमाल किया जाता है।
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बिजली गुल होने के कारण लोग पेयजल के लिए परेशान हो गए। मामले में अवर अभियंता घटमापुर ने पुलिस को तहरीर दी है। चोरी गए समान की कीमत करीब तीन लाख रुपये बताई जा रही है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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घटमापुर उपकेंद्र से जुड़े पइंसा गांव में डोली तालाब के समीप लगे 250 केवीए के ट्रांसफार्मर को नीचे उतारने के बाद चोर उसके अंदर से तेल व क्वॉइल निकाल ले गए। गांव के अहमद अली, अनवर शाह, बच्ची लाल, तूफान सिंह आदि का कहना है कि रात 12 बजे तक आपूर्ति जारी थी। इसके बाद अचानक से लाइन कट गई।
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सुबह लोग खेत की तरफ जा रहे थे तो उन्होंने देखा कि ट्रांसफार्मर नीचे पड़ा है। चोर उसे खोलकर अंदर का तेल व कीमती सामान निकाल ले गए थे। इसकी वजह से करीब तीन सौ घरों की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। खासतौर पर उन लोगों को ज्यादा परेशान होना पड़ा, जिनके यहां पेयजल के लिए सबमर्सिबल लगा था।
ग्रामीणों ने घटना की जानकारी उपकेंद्र के अवर अभियंता राजेंद्र दिवाकर को दी गई। मौके पर पहुंचे जेई ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि चोर ट्रांसफार्मर के अंदर भरा 350 लीटर तेल व क्वॉइल निकाल ले गए हैं। चोरी गए सामान की कीमत तीन लाख रुपये है। पइंसा कोतवाल महेश मिश्रा का कहना है कि तहरीर मिली है। मामले की रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।
चोरों के निशाने पर है घटमापुर उपकेंद्र
घटमापुर उपकेंद्र की विद्युत विभाग के अफसर की अनदेखी कर रहे हैं। यहां विभाग के जिम्मेदार नहीं रहते। सिर्फ संविदा कर्मियों के भरोसे आपूर्ति की जा रही है। सूत्रों की मानें तो संविदा कर्मियों की मिलीभगत से चोरी की वारदातें होती हैं।
पुरानी घटनाओं का जिक्र करें तो 21 फरवरी 2012 को चोर पावर हाउस में लगे बड़े ट्रांसफार्मर का तेल व सामान चोरा कर ले गए थे। वर्ष 2015 में फिर एक बार चोरों ने इसी पावर हाउस के ट्रांसफार्मर को निशाना बनाया। पिछले दिनों घटमापुर में ही जल निगम की पानी की टंकी का तार चोर काट ले गए थे।
बिजली के काम में ही इस्तेमाल होता है तेल
बिजली विभाग से जुड़े सूत्रों की मानें तो ट्रांसफार्मर का तेल हो या क्वॉइल बिजली के ही काम में इस्तेमाल होता है। तमाम कंपनियां ट्रांसफार्मर बनाती हैं। चोर इन्हीं कंपनियों को तेल व अन्य सामान बेचते हैं। इसके अलावा बड़े स्टेबलाइजर व जेनरेटर में ट्रांसफार्मर के तेल का इस्तेमाल किया जाता है।