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Kaushambi News: पानी न शौचालय की सुविधा, हुई जांच तो भागीं स्कूल की शिक्षिकाएं
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सिराथू के शमशाबाद गांव स्थित प्राइवेट स्कूल का निरीक्षण करते बीईओ। स्रोत: स्वयं
बीआरसी क्षेत्र के समशाबाद के वाणी शिशु मंदिर स्कूल में पानी की सुविधा है न ही शौचालय की। यहां स्कूल का भवन भी मानक के अनुरूप नहीं मिला। साथ ही यह स्कूल बिना मान्यता के चल रहा था। जब जांच करने बीईओ पहुंचीं तो स्कूल में पढ़ा रहीं दो शिक्षिकाएं भाग खड़ी हुईं। विद्यालय को सील कर दिया गया है। यहां मौजूद 86 बच्चों का नामांकन कंपोजिट स्कूल में कराने का निर्देश दिया गया है।
समशाबाद गांव में वाणी शिशु मंदिर स्कूल जर्जर भवन में संचालित हो रहा था। साथ ही यहां न तो पेयजल की सुविधा थी और न ही शौचालय की। यहां दो इंटर पास शिक्षिकाएं बच्चों को पढ़ा रही थीं। फर्जी तरीके से संचालित विद्यालय की जानकारी सिराथू बीईओ डॉ. प्रज्ञा सिंह को हुई। तो उन्होंने स्कूल में छापेमारी की। इस दौरान वहां तैनात दोनों शिक्षिकाएं फरार हो गईं।
जांच के दौरान पता चला कि बच्चों से 200 रुपये महीने फीस ली जाती थी। बीईओ ने सभी 86 बच्चे के माता-पिता को स्कूल बुलाया। इनसे वार्ता के बाद सभी का नामांकन गांव के कंपोजिट विद्यालय में कराने के लिए प्रेरित किया। इसके बाद प्रधानाध्यापक को सभी का नामांकन करने का निर्देश दिया। सोमवार से कंपोजिट विद्यालय में नामांकन कर इनको शिक्षा दी जाएगी।
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समशाबाद गांव में वाणी शिशु मंदिर स्कूल जर्जर भवन में संचालित हो रहा था। साथ ही यहां न तो पेयजल की सुविधा थी और न ही शौचालय की। यहां दो इंटर पास शिक्षिकाएं बच्चों को पढ़ा रही थीं। फर्जी तरीके से संचालित विद्यालय की जानकारी सिराथू बीईओ डॉ. प्रज्ञा सिंह को हुई। तो उन्होंने स्कूल में छापेमारी की। इस दौरान वहां तैनात दोनों शिक्षिकाएं फरार हो गईं।
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जांच के दौरान पता चला कि बच्चों से 200 रुपये महीने फीस ली जाती थी। बीईओ ने सभी 86 बच्चे के माता-पिता को स्कूल बुलाया। इनसे वार्ता के बाद सभी का नामांकन गांव के कंपोजिट विद्यालय में कराने के लिए प्रेरित किया। इसके बाद प्रधानाध्यापक को सभी का नामांकन करने का निर्देश दिया। सोमवार से कंपोजिट विद्यालय में नामांकन कर इनको शिक्षा दी जाएगी।
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