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kaushambi : 662 साल तक अदालत में चला मुकदमा, तीसरी पीढ़ी को मिला इंसाफ
Fri, 12 Nov 2021 04:34 PM IST
इलाहाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Published by: इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 12 Nov 2021 04:34 PM IST
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court news : court
- फोटो : social media
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कस्बे की चावल मंडी स्थित एक विवादित मकान को लेकर 62 साल बाद अदालत से फैसला आया। इस दौरान मुकदमा लड़ते-लड़ते दोनों पक्षों की दो पीढ़ियां गुजर गईं। कोर्ट के फैसले के बाद बृहस्पतिवार को कोर्ट अमीन ने पुलिस और प्रशासन की मौजूदगी में मकान के असल मालिक के वारिसों को कब्जा दिलाया। मकान के अंदर रखे कबाड़ को सरायअकिल थाने के मालखाने में रखवाया गया। कानूनी कार्रवाई की वीडियोग्राफी भी कराई गई।
चावल मंडी के रामदास व भोला के बीच वर्ष 1961 में मकान को लेकर विवाद हुआ था। दोनों ने विवादित मकान पर अपना दावा करते हुए न्यायालय में वाद दाखिल किया। दोनों पक्षों के बीच सिविल न्यायालय में 62 वर्षों तक मुकदमा चला। मुकदमे के दौरान ही दोनों वादकारियों रामदास व भोला की मौत हो चुकी है।
तीन पीढ़ियों तक चले मुकदमे में हजारों पेशी, सैकड़ों गवाही होने के बाद 31 अगस्त 2021 को न्यायालय सिविल जज जूनियर डिवीजन सोनल अग्रवाल ने रामदास के पक्ष में फैसला सुनाया। न्यायालय से फैसला आने के बाद कोर्ट अमीन तीन बार विवादित मकान पर कब्जा दिलाने चावल मंडी पहुंचे।
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लेकिन मकान में ताला बंद होने से उन्हें हर बार लौटना पड़ा। बृहस्पतिवार को कोर्ट अमीन हरिशंकर व रामदास के अधिवक्ता कुलदीप पांडेय व पुलिस-प्रशासन की मौजूदगी में विवादित मकान का ताला तोड़कर रामदास के वारिसों हरिश्चंद्र, अशोक, कमल व गनेश आदि को कब्जा दिलाया गया। मकान में रखे हुए कबाड़ को लिखापढ़ी के बाद थाने के मालखाने में जमा करा दिया गया। पूरे घटनाक्रम की वीडियो रिकॉर्डिंग भी कराई गई। इस दौरान मौके पर सैकड़ों लोगों की भीड़ जुटी रही।
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चावल मंडी के रामदास व भोला के बीच वर्ष 1961 में मकान को लेकर विवाद हुआ था। दोनों ने विवादित मकान पर अपना दावा करते हुए न्यायालय में वाद दाखिल किया। दोनों पक्षों के बीच सिविल न्यायालय में 62 वर्षों तक मुकदमा चला। मुकदमे के दौरान ही दोनों वादकारियों रामदास व भोला की मौत हो चुकी है।
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तीन पीढ़ियों तक चले मुकदमे में हजारों पेशी, सैकड़ों गवाही होने के बाद 31 अगस्त 2021 को न्यायालय सिविल जज जूनियर डिवीजन सोनल अग्रवाल ने रामदास के पक्ष में फैसला सुनाया। न्यायालय से फैसला आने के बाद कोर्ट अमीन तीन बार विवादित मकान पर कब्जा दिलाने चावल मंडी पहुंचे।
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लेकिन मकान में ताला बंद होने से उन्हें हर बार लौटना पड़ा। बृहस्पतिवार को कोर्ट अमीन हरिशंकर व रामदास के अधिवक्ता कुलदीप पांडेय व पुलिस-प्रशासन की मौजूदगी में विवादित मकान का ताला तोड़कर रामदास के वारिसों हरिश्चंद्र, अशोक, कमल व गनेश आदि को कब्जा दिलाया गया। मकान में रखे हुए कबाड़ को लिखापढ़ी के बाद थाने के मालखाने में जमा करा दिया गया। पूरे घटनाक्रम की वीडियो रिकॉर्डिंग भी कराई गई। इस दौरान मौके पर सैकड़ों लोगों की भीड़ जुटी रही।