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गला कसने के बाद गंगा में डुबोया गया था रेलकर्मी ओमप्रकाश
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The railway worker was drowned in the Ganges after the throat was tightened
संदीपन स्थित गंगा घाट पर नदी में मिले रेलकर्मी ओमप्रकाश की मौत दम घुटने के कारण हुई थी। किसी चीज से गला कसने के बाद उसे नदी में फेंका गया था। यह खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुआ है। मामले में तफ्तीश में जुटी पुलिस अब मृतक की पत्नी व उसके ड्राइवर के बीच रिश्ते को खंगाल रही है। मामले में पत्नी व उसका भाई और चालक के खिलाफ रिपोर्ट भी दर्ज है। पुलिस ने अब तक फिलहाल किसी को गिरफ्तार नहीं किया है।
कोखराज कोतवाली के संदीपन घाट में नदी के किनारे दो अप्रैल को एक व्यक्ति का शव पानी में उतराता मिला था। मृतक के मुंह से खून निकल रहा था। गला अंगौछे से कसा था। घटना की जानकारी पर पहुंची पुलिस ने शव की शिनाख्त कराने की कोशिश की लेकिन सफलता नहीं मिली। अगले दिन फतेहपुर जिले के गाजीपुर कोतवाली के भगवानपुर निवासी सुनील कुमार ने कोतवाली आकर शव की शिनाख्त अपने भाई ओम प्रकाश के रूप में की।
बताया कि ओम प्रकाश भरवारी स्थित रेलवे स्टेशन में कर्मचारी था और यहीं पर परिवार के साथ रहता था। सुनील ने अपने भाई की हत्या किए जाने का शक जाहिर करते हुए अपनी भाभी लक्ष्मी, साले राकेश व भाई के वाहन चालक के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कराया। उधर, ओम प्रकाश की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पता चला कि उसका गला कसने के बाद नदी में फेंका गया था। दम घुटने के कारण उसकी मौत हुई है। इस बारे में इंस्पेक्टर गणेश प्रसाद सिंह का कहना है ओम प्रकाश की हत्या की गई थी।
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मामले में नामजद किए गए लोगों की कुंडली खंगाली जा रही है। अब तक की जांच में पता चला कि मृतक की पत्नी व उसके चालक के बीच गहरी दोस्ती थी। माना जा रहा है कि उनके इसी रिश्ते को लेकर ओम प्रकाश को शक हो गया। इसी के कारण ओम प्रकाश की हत्या की गई है। फिलहाल वारदात के साक्ष्य संकलित किए जा रहे हैं। जल्द ही घटना का खुलासा किया जाएगा।
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कोखराज कोतवाली के संदीपन घाट में नदी के किनारे दो अप्रैल को एक व्यक्ति का शव पानी में उतराता मिला था। मृतक के मुंह से खून निकल रहा था। गला अंगौछे से कसा था। घटना की जानकारी पर पहुंची पुलिस ने शव की शिनाख्त कराने की कोशिश की लेकिन सफलता नहीं मिली। अगले दिन फतेहपुर जिले के गाजीपुर कोतवाली के भगवानपुर निवासी सुनील कुमार ने कोतवाली आकर शव की शिनाख्त अपने भाई ओम प्रकाश के रूप में की।
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बताया कि ओम प्रकाश भरवारी स्थित रेलवे स्टेशन में कर्मचारी था और यहीं पर परिवार के साथ रहता था। सुनील ने अपने भाई की हत्या किए जाने का शक जाहिर करते हुए अपनी भाभी लक्ष्मी, साले राकेश व भाई के वाहन चालक के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कराया। उधर, ओम प्रकाश की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पता चला कि उसका गला कसने के बाद नदी में फेंका गया था। दम घुटने के कारण उसकी मौत हुई है। इस बारे में इंस्पेक्टर गणेश प्रसाद सिंह का कहना है ओम प्रकाश की हत्या की गई थी।
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मामले में नामजद किए गए लोगों की कुंडली खंगाली जा रही है। अब तक की जांच में पता चला कि मृतक की पत्नी व उसके चालक के बीच गहरी दोस्ती थी। माना जा रहा है कि उनके इसी रिश्ते को लेकर ओम प्रकाश को शक हो गया। इसी के कारण ओम प्रकाश की हत्या की गई है। फिलहाल वारदात के साक्ष्य संकलित किए जा रहे हैं। जल्द ही घटना का खुलासा किया जाएगा।