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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kaushambi News ›   The other day immersion of the idols

दूसरे दिन भी हुआ मूर्तियों का विसर्जन

Sun, 25 Oct 2015 12:25 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी Updated Sun, 25 Oct 2015 12:25 AM IST
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मंझनपुर/नेवादा (ब्यूरो)। नौ दिनों तक पंडालों में पूजी गईं मां भवानी की प्रतिमाओं का विसर्जन शुक्रवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। जयकारों के बीच विभिन्न पूजा पंडालों के लोगों ने तालाबों में ले जाकर मूर्तियों का विसर्जन किया। शनिवार को मंझनपुर, सरायअकिल आदि कस्बों में सजी मूर्तियां विसर्जित की गईं। विसर्जन से पहले पंडालों में मां की विधि-विधान से पूजा की गई। इसके बाद ढोल, नगाड़े के साथ शोभायात्रा निकाली गई। श्रद्धालु एक दूसरे को अबीर-गुलाल लगाते हुए माता की जय-जयकार करते हुए झूमते रहे।
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करारी में मुकुट पूजन आज
करारी (ब्यूरो)। करारी कस्बे में 28 अक्तूबर से शुरू होने वाली रामलीला के लिए मुकुट पूजन रविवार शाम को होगा। यह जानकारी रामलीला कमेटी के अध्यक्ष पंकज कुमार शर्मा ने दी। बताया कि कस्बे में 7, 8 और 9 नवंबर को मेले का आयोजन किया गया है। नौ नवंबर की रात ही भरत मिलाप होगा।
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जयकारों के बीच भाई भरत से मिले श्रीराम
मंझनपुर में भरत-मिलाप का किया गया आयोजन
झालरों की सजावट और झांकियों लोगों को मोहा
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। बिजली की चकाचौंध रोशनी के बीच मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के गले जैसे ही भरत मिले, पूरा कस्बा भगवान के जयकारों से गूंज उठा। मौका था मंझनपुर के भरत मिलाप का। शुक्रवार रात राम-भरत देखने के लिए हजारों श्रद्धालु मौजूद थे। कस्बे को रंग-बिरंगे बिजली की झालरों से सजाया गया था। वहीं मेले में धार्मिक प्रसंगों का प्रदर्शन करती झांकियों को भी रातभर लोग निहारते रहे।  
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दशहरे के बाद भरत-मिलाप का आयोजन किया गया। कौशाम्बी में तो किसी न किसी कस्बे में 15 दिनों तक भरत-मिलाप का आयोजन चलता रहता है। मंझनपुर कस्बे में भरत-मिलाप शुक्रवार रात हुआ। मंझनपुर चौराहे से लेकर पूरे बाजार में आकर्षक सजावट की गई थी। भगवान श्रीराम का अपने भाई भरत से मिलन देखने को गांव-गांव से हजारों श्रद्धालु शुक्रवार शाम से ही मंझनपुर आ गए थे। रात करीब आठ बजे से भगवान श्रीराम, लक्ष्मण, सीता, हनुमान और भरत, शत्रुघ्न की सवारियों को निकालने का सिलसिला शुरू हुआ। दुर्गामंदिर मोड़ के निकट बने रामलीला मंच के समीप आधी रात जैसे ही श्रीराम और भरत की सवारियां पहुंची। जयकारे से पूरा कस्बा गूंज उठा। इसके बाद चारों भाई एक दूसरे से गले मिले। राम-भरत का मिलन देख लोग जय-जयकार करने लगे। साथ थी आंखें भी छलक गईं। वहीं मेले में विभिन्न स्थानों पर अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया था।


मीनाबाजार भी रहा आकर्षण का केंद्र
मंझनपुर (ब्यूरो)। कस्बे के दशहरा और भरत-मिलाप के मेले में प्रतिवर्ष मीना बाजार भी लगता है। महिलाओं के सामानों की बिक्री वाले इस बाजार में शुक्रवार रात ऐसी भीड़ रही कि लोगों को खरीददारी करने में ही मुश्किल हो रही थी। बता दें कि इस मेले में सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें 8 साल से ऊपर के लड़कों का प्रवेश प्रतिबंधित रहता है। 
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