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Kaushambi News: गांव के मसले निपटाने वाली घर की कलह से हार गई, ट्रेन के सामने कूदकर दी जान
Tue, 20 May 2025 01:23 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Tue, 20 May 2025 01:23 AM IST
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मृतक सुहेला देवी की फाइल फोटो।
रामपुर सुहेला गांव के करीब 12000 हजार लोगों की नुमाइंदगी करने वाली ग्राम प्रधान गीता देवी ने सोमवार को भरवारी स्टेशन के समीप ट्रेन के सामने कूदकर जान दे दी। घरेलू कलह से आजिज आकर उन्होंने यह आत्मघाती कदम उठाया। पति बड़ेलाल ने अपने छोटे भाई, भयाहू व उसकी सास पर आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाते हुए तहरीर दी है।
सिराथू ब्लॉक के रामपुर सुहेला गांव निवासी बड़ेलाल ने बताया कि उनकी पत्नी गीता देवी (35) से आए दिन देवर पवन कुमार व देवरानी सुशीला किसी न किसी बात को लेकर झगड़ा किया करते थे। सुशीला की मां उन्हें उकसाया करती थी। इसे लेकर गीता काफी परेशान रहती थीं। कई बार उन्होंने परिजनों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन स्थिति जस की तस बनी रही।
रविवार शाम घर के बाहर पानी बहाने को लेकर देवर-देवरानी से कहासुनी हुई थी। बड़ेलाल ने किसी तरह झगड़ा शांत कराया था। सोमवार सुबह गीता ने बच्चों को स्कूल भेज दिया और खुद बिना बताए घर से निकल गईं। दोपहर भरवारी रेलवे फाटक से करीब दो सौ मीटर पश्चिम दिशा में कालका एक्सप्रेस ट्रेन के सामने कूदकर खुदकुशी कर ली।
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क्षत-विक्षत शव देख राहगीर सिहर उठे। भीड़ इकट्ठा हो गई। सूचना पर पहुंची जीआरपी ने घटनास्थल का निरीक्षण कर शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा। घटना की जानकारी होने पर पति बड़ेलाल भी पहुंच गए। उन्होंने बताया कि वह तहसील सरकारी काम से गए थे। दोपहर को वापस लौटे तो पत्नी नहीं मिलीं। पूछने पर परिजन भी कुछ नहीं बता पाए। इस बीच मौत की खबर आई।
इनसेट
28 अप्रैल को पुलिस से की थी शिकायत
मृतका के पति बड़ेलाल ने बताया कि 28 अप्रैल को भी भाई-भयाहू ने उनकी पत्नी से झगड़ा किया था। साथ ही जान से मारने की धमकी दी थी। इससे क्षुब्ध गीता देवी ने थाने में शिकायत कर कार्रवाई की मांग की थी। लेकिन पुलिस ने पारिवारिक मामला होने के कारण समझाकर शांत करा दिया था। पुलिस ने कार्रवाई की होती तो शायद यह नौबत न आती। हालांकि, कोखराज थानाध्यक्ष चंद्रभूषण मौर्य का कहना है कि अप्रैल में ग्राम प्रधान ने ऐसी कोई शिकायत नहीं की थी।
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चार साल से संभाल रही थीं व्यवस्था
गीता देवी मई 2021 में ग्राम प्रधान निर्वाचित हुई थीं। कड़े मुकाबले में उन्होंने निकटतम प्रतिद्वंद्वी को 24 मतों से शिकस्त दी थी। 5200 मतदाताओं वाली ग्राम पंचायत रामपुर सुहेला की आबादी 12 हजार के करीब है। यहां इससे पहले दो बार क्रमश: पुष्पा देवी और कुसमा देवी ग्राम प्रधान रहीं। ग्रामीणों के मुताबिक, गीता निर्विवाद रूप से ग्राम पंचायत की व्यवस्था संभाल रही थीं। लेकिन घर में उलझ गईं।
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महिला प्रधान ने खुदकुशी की है। उनके पति ने अपने परिवार के सदस्यों पर प्रताड़ना और आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया है। घटना रेलवे क्षेत्र की होने के कारण जीआरपी ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। फिलहाल, मामले की जांच की जा रही है।
- चंद्रभूषण मौर्य, थानाध्यक्ष, कोखराज
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सिराथू ब्लॉक के रामपुर सुहेला गांव निवासी बड़ेलाल ने बताया कि उनकी पत्नी गीता देवी (35) से आए दिन देवर पवन कुमार व देवरानी सुशीला किसी न किसी बात को लेकर झगड़ा किया करते थे। सुशीला की मां उन्हें उकसाया करती थी। इसे लेकर गीता काफी परेशान रहती थीं। कई बार उन्होंने परिजनों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन स्थिति जस की तस बनी रही।
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रविवार शाम घर के बाहर पानी बहाने को लेकर देवर-देवरानी से कहासुनी हुई थी। बड़ेलाल ने किसी तरह झगड़ा शांत कराया था। सोमवार सुबह गीता ने बच्चों को स्कूल भेज दिया और खुद बिना बताए घर से निकल गईं। दोपहर भरवारी रेलवे फाटक से करीब दो सौ मीटर पश्चिम दिशा में कालका एक्सप्रेस ट्रेन के सामने कूदकर खुदकुशी कर ली।
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क्षत-विक्षत शव देख राहगीर सिहर उठे। भीड़ इकट्ठा हो गई। सूचना पर पहुंची जीआरपी ने घटनास्थल का निरीक्षण कर शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा। घटना की जानकारी होने पर पति बड़ेलाल भी पहुंच गए। उन्होंने बताया कि वह तहसील सरकारी काम से गए थे। दोपहर को वापस लौटे तो पत्नी नहीं मिलीं। पूछने पर परिजन भी कुछ नहीं बता पाए। इस बीच मौत की खबर आई।
इनसेट
28 अप्रैल को पुलिस से की थी शिकायत
मृतका के पति बड़ेलाल ने बताया कि 28 अप्रैल को भी भाई-भयाहू ने उनकी पत्नी से झगड़ा किया था। साथ ही जान से मारने की धमकी दी थी। इससे क्षुब्ध गीता देवी ने थाने में शिकायत कर कार्रवाई की मांग की थी। लेकिन पुलिस ने पारिवारिक मामला होने के कारण समझाकर शांत करा दिया था। पुलिस ने कार्रवाई की होती तो शायद यह नौबत न आती। हालांकि, कोखराज थानाध्यक्ष चंद्रभूषण मौर्य का कहना है कि अप्रैल में ग्राम प्रधान ने ऐसी कोई शिकायत नहीं की थी।
चार साल से संभाल रही थीं व्यवस्था
गीता देवी मई 2021 में ग्राम प्रधान निर्वाचित हुई थीं। कड़े मुकाबले में उन्होंने निकटतम प्रतिद्वंद्वी को 24 मतों से शिकस्त दी थी। 5200 मतदाताओं वाली ग्राम पंचायत रामपुर सुहेला की आबादी 12 हजार के करीब है। यहां इससे पहले दो बार क्रमश: पुष्पा देवी और कुसमा देवी ग्राम प्रधान रहीं। ग्रामीणों के मुताबिक, गीता निर्विवाद रूप से ग्राम पंचायत की व्यवस्था संभाल रही थीं। लेकिन घर में उलझ गईं।
महिला प्रधान ने खुदकुशी की है। उनके पति ने अपने परिवार के सदस्यों पर प्रताड़ना और आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया है। घटना रेलवे क्षेत्र की होने के कारण जीआरपी ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। फिलहाल, मामले की जांच की जा रही है।
- चंद्रभूषण मौर्य, थानाध्यक्ष, कोखराज