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Kaushambi News: नाबालिग से छेड़खानी के दोषी को दो वर्ष का कारावास, पांच हजार जुर्माना
Thu, 25 Dec 2025 02:26 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Thu, 25 Dec 2025 02:26 AM IST
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नाबालिग से छेड़खानी के एक मामले में न्यायालय ने अभियुक्त को दोषी करार दिया है। शासन की तरफ से संचालित ऑपरेशन कन्विक्शन के अंतर्गत पुलिस की प्रभावी पैरवी के चलते विशेष न्यायालय ने अभियुक्त को दो वर्ष के कारावास की सजा सुनाने के साथ उसपर पांच हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
पुलिस के अनुसार, घटना 11 दिसंबर 2020 की है जब थाना पश्चिम शरीरा क्षेत्र की एक नाबालिग ने थाने में तहरीर देकर शिकायत की थी कि मो. हारुन ने उसके साथ अश्लील शब्दों का प्रयोग करते हुए छेड़खानी की। पीड़िता की सूचना के आधार पर पश्चिम शरीरा थाने में आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई थी।
मामले की विवेचना के बाद पुलिस की तरफ से साक्ष्य इकट्ठा कर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया गया। इसके बाद शासन की प्राथमिकता वाले ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत पुलिस अधीक्षक राकेश कुमार के निर्देशन में मॉनिटरिंग सेल की तरफ से मुकदमे की निरंतर समीक्षा की गई और अभियोजन की ओर से प्रभावी पैरवी सुनिश्चित की गई।
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लगातार सुनवाई व प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर बुधवार को विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट अमित मालवीय ने अभियुक्त मो. हारुन पुत्र मोहर अली निवासी ग्राम पूरब शरीरा थाना पश्चिम शरीरा को दोषी ठहराया। न्यायालय ने अभियुक्त को दो साल के कारावास और पांच हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
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पुलिस के अनुसार, घटना 11 दिसंबर 2020 की है जब थाना पश्चिम शरीरा क्षेत्र की एक नाबालिग ने थाने में तहरीर देकर शिकायत की थी कि मो. हारुन ने उसके साथ अश्लील शब्दों का प्रयोग करते हुए छेड़खानी की। पीड़िता की सूचना के आधार पर पश्चिम शरीरा थाने में आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई थी।
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मामले की विवेचना के बाद पुलिस की तरफ से साक्ष्य इकट्ठा कर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया गया। इसके बाद शासन की प्राथमिकता वाले ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत पुलिस अधीक्षक राकेश कुमार के निर्देशन में मॉनिटरिंग सेल की तरफ से मुकदमे की निरंतर समीक्षा की गई और अभियोजन की ओर से प्रभावी पैरवी सुनिश्चित की गई।
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लगातार सुनवाई व प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर बुधवार को विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट अमित मालवीय ने अभियुक्त मो. हारुन पुत्र मोहर अली निवासी ग्राम पूरब शरीरा थाना पश्चिम शरीरा को दोषी ठहराया। न्यायालय ने अभियुक्त को दो साल के कारावास और पांच हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।