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Kaushambi News: छोटे वाहन से चारपाई पर लादकर घायलों को पहुंचाया अस्पताल
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कौशाम्बी से घायलों को प्रयागराज के स्वरूपरानी नेहरू (एसआरएन) अस्पताल पहुंचाने के लिए एंबुलेंस तक नसीब नहीं हुई। ऐसे में उन्हें पिकअप वाहन से चारपाई पर लादकर अस्पताल पहुंचाया गया।
पीड़ित अरविंद कुमार बताते हैं कि हादसे के बाद करीब एक घंटे तक एंबुलेंस का इंतजार करते रहे। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों से मदद भी मांगी गई मगर कोई सहायता नहीं मिली। ऐसे में पिकअप वाहन से घायलों को अस्पताल पहुंचाने का निर्णय लिया गया। स्ट्रेचर उपलब्ध नहीं होने से घायलों को चारपाई पर लादकर अस्पताल पहुंचाया गया।
पिकअप वाहन से चार घायलों को एसआरएन अस्पताल लाया गया। इनमें प्रवीण सिंह (13) और पांच वर्षीय प्रांजली की मौत अस्पताल पहुंचने से पहले ही मौत हो गई। वहीं, पीड़ित रूपा ने पटाखा स्टोरेज संचालक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
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घायलों के परिजनों के साथ सफाई कर्मी ढो रहे थे स्ट्रेचर
घायलों के एसआरएन अस्पताल पहुंचने पर स्ट्रेचर को सफाई कर्मी ढोते नजर आए। ट्रॉमा सेंटर के बाहर 10 सफाई कर्मियों को स्ट्रेचर ढोने के लिए लगाया गया था। ट्रॉमा सेंटर के ट्रायज रूम में भी ड्रेसिंग का सामान पहुंचाने के लिए कई सफाई कर्मी तैनात किए गए, जबकि एसआरएन अस्पताल में 185 वार्ड बॉय कार्यरत हैं।
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पीड़ित अरविंद कुमार बताते हैं कि हादसे के बाद करीब एक घंटे तक एंबुलेंस का इंतजार करते रहे। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों से मदद भी मांगी गई मगर कोई सहायता नहीं मिली। ऐसे में पिकअप वाहन से घायलों को अस्पताल पहुंचाने का निर्णय लिया गया। स्ट्रेचर उपलब्ध नहीं होने से घायलों को चारपाई पर लादकर अस्पताल पहुंचाया गया।
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पिकअप वाहन से चार घायलों को एसआरएन अस्पताल लाया गया। इनमें प्रवीण सिंह (13) और पांच वर्षीय प्रांजली की मौत अस्पताल पहुंचने से पहले ही मौत हो गई। वहीं, पीड़ित रूपा ने पटाखा स्टोरेज संचालक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
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घायलों के परिजनों के साथ सफाई कर्मी ढो रहे थे स्ट्रेचर
घायलों के एसआरएन अस्पताल पहुंचने पर स्ट्रेचर को सफाई कर्मी ढोते नजर आए। ट्रॉमा सेंटर के बाहर 10 सफाई कर्मियों को स्ट्रेचर ढोने के लिए लगाया गया था। ट्रॉमा सेंटर के ट्रायज रूम में भी ड्रेसिंग का सामान पहुंचाने के लिए कई सफाई कर्मी तैनात किए गए, जबकि एसआरएन अस्पताल में 185 वार्ड बॉय कार्यरत हैं।