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Kaushambi News: थानों की हेल्प डेस्क महिलाओं के लिए बनी वरदान

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 11 Sep 2025 02:17 AM IST
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The help desk of police stations has become a boon for women
करारी थाने में महिला डेस्क में तैनात सिपाही। संवाद
थानों में बनाई गईं महिला हेल्प डेस्क महिलाओं के वरदान साबित हो रही हैं। यहां पर आने वाली पीड़िताएं खुलकर अपनी बात रख रही हैं। आंकड़ों पर नजर डालें तो मंझनपुर सर्किल के थानों में आठ महीने में 1017 महिलाओं ने शिकायत दर्ज कराई। इनमें से 521 मामलों में सुलह कराई गई व 302 मामलों में केस दर्ज किया गया। 106 लोगों के खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई कर उनका चालान किया गया।
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शासन द्वारा थानों में महिलाओं की शिकायतों के निस्तारण के लिए हेल्प डेस्क बनाई गई है। समस्याओं की सुनवाई के लिए महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती भी की गई है। अब पीड़ित महिलाएं यहां बिना किसी संकोच के खुलकर अपनी परेशानी बता रही हैं। महिला पुलिसकर्मी इनकी समस्याओं को गंभीरता से सुनकर उनके निस्तारण का प्रयास करती हैं।
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एक जनवरी 2025 से 31 अगस्त तक के आंकड़े

थाना शिकायतपत्र सुलह केस दर्ज चालान
करारी 420 165 221 34
मंझनपुर 152 48 56 34
पइंसा 116 48 12 31
मंझनपुर 329 260 13 07

पति-पत्नी के बीच विवाद व छेड़छाड़ के आते हैं ज्यादा मामले
महिला हेल्प डेस्क पर सबसे अधिक मामले घरेलू हिंसा, पति-पत्नी के बीच विवाद और जमीन संबंधित आ रहे हैं। वहीं छेड़छाड़, मारपीट और गुमशुदगी के मामलों की भी अच्छी खासी संख्या रहती है। करारी कोतवाली में तैनात महिला उपनिरीक्षक कंचन देवी, आरक्षी सेजल सिंह व जागृति कश्यप ने बताया कि हेल्प डेस्क पर महिलाएं खुलकर अपनी बात रखती हैं। अधिकतर मामले दोनों पक्षों के बीच आपसी सुलह-समझौते से निपटाए जा रहे हैं।
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पीड़िताओं से लिया जाता है फीडबैक
महिला हेल्प डेस्क पर आने वाली शिकायतों का निपटारा करने के बाद महिला आरक्षी पीड़िताओं से समस्या निस्तारण के बारे में बात कर उनका फीडबैक लेती हैं। इसके अलावा इंस्पेक्टर से लेकर सीओ, एएसपी, एसपी और आईजी व एडीजी तक निरीक्षण के दौरान पीड़िता के मोबाइल नंबर पर फोन कर उनसे समस्या निस्तारण के संबंध में जानकारी लेते हैं।


महिलाएं खुलकर अपनी बात रख सकें और उन्हें किसी प्रकार की समस्या न हो, इसके लिए हर थाने में महिला हेल्प डेस्क स्थापित की गई है। यदि शिकायतकर्ता को पढ़ने लिखने में समस्या है तो उनके आवेदन तैयार करने भी सुविधा यहां मिलती है। महिला सिपाही ही पारिवारिक विवाद में सुलह-समझौते का भी काम करती हैं।
- राजेश कुमार, एसपी कौशाम्बी
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