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Kaushambi News: गंगा किनारे मछलियों की तड़प ने बदली शिक्षक की सोच
Sun, 22 Mar 2026 01:39 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Sun, 22 Mar 2026 01:39 AM IST
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उच्च प्राथमिक विद्यालय कंथुवा में विद्यार्थियों को जल संरक्षण की शपथ दिलाते शिक्षक रण विजय निष
- फोटो : Samvad
कड़ा विकासखंड के उच्च प्राथमिक विद्यालय कंथुवा के शिक्षक रणविजय निषाद ने जल संरक्षण को जीवन का उद्देश्य बना लिया है। गंगा के घटते जलस्तर और तड़पती मछलियों को देखकर उन्होंने लोगों को जल बचाने के लिए जागरूक करने का अभियान शुरू किया।
रणविजय निषाद बताते हैं कि कुछ वर्ष पहले वह नाव से कालाकांकर (प्रतापगढ़) जा रहे थे। उस समय गंगा का जलस्तर तेजी से घट रहा था और किनारे पर छोटी मछलियां एक गड्ढे में फंसी थीं। यह दृश्य देखकर उन्होंने जल संरक्षण के लिए काम करने का संकल्प लिया।
इसके बाद उन्होंने गंगातट के सातों, लेहदरी, कंथुवा, मिर्जापुर, नई बस्ती, कड़ा, सौरई और देवीगंज सहित कई गांवों में जाकर ‘जल बचाओ, जीवन बचाओ’ अभियान चलाया। विद्यालयों और महाविद्यालयों में चौपाल लगाकर बच्चों और युवाओं को जल संकट की गंभीरता समझाते हैं। साथ ही पौधरोपण पर भी जोर देते हैं, क्योंकि पेड़-पौधे बारिश और जल संरक्षण में मदद करते हैं।
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विश्व जल दिवस के एक दिन पहले यानि शनिवार को उच्च प्राथमिक विद्यालय कंथुवा में विद्यार्थियों को जल संरक्षण की शपथ दिलाई गई। रणविजय निषाद का यह अभियान गांव-गांव जाकर लोगों को जल बचाने के लिए प्रेरित कर रहा है और भविष्य की पीढ़ी के लिए पानी की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद कर रहा है।
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रणविजय निषाद बताते हैं कि कुछ वर्ष पहले वह नाव से कालाकांकर (प्रतापगढ़) जा रहे थे। उस समय गंगा का जलस्तर तेजी से घट रहा था और किनारे पर छोटी मछलियां एक गड्ढे में फंसी थीं। यह दृश्य देखकर उन्होंने जल संरक्षण के लिए काम करने का संकल्प लिया।
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इसके बाद उन्होंने गंगातट के सातों, लेहदरी, कंथुवा, मिर्जापुर, नई बस्ती, कड़ा, सौरई और देवीगंज सहित कई गांवों में जाकर ‘जल बचाओ, जीवन बचाओ’ अभियान चलाया। विद्यालयों और महाविद्यालयों में चौपाल लगाकर बच्चों और युवाओं को जल संकट की गंभीरता समझाते हैं। साथ ही पौधरोपण पर भी जोर देते हैं, क्योंकि पेड़-पौधे बारिश और जल संरक्षण में मदद करते हैं।
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विश्व जल दिवस के एक दिन पहले यानि शनिवार को उच्च प्राथमिक विद्यालय कंथुवा में विद्यार्थियों को जल संरक्षण की शपथ दिलाई गई। रणविजय निषाद का यह अभियान गांव-गांव जाकर लोगों को जल बचाने के लिए प्रेरित कर रहा है और भविष्य की पीढ़ी के लिए पानी की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद कर रहा है।