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Kaushambi News: 45 डिग्री से कम नहीं हो रहा ताप, लू लगने से गई एक की जान
Mon, 10 Jun 2024 03:28 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Mon, 10 Jun 2024 03:28 AM IST
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45 डिग्री से कम नहीं हो रहा ताप, लू लगने से गई एक की जान
-- लगातार बना है गर्मी का कहर, सरायअकिल के सुरसेना गांव में काम से लौटे युवक की बिगड़ी थी तबीयत
संवाद न्यूज एजेंसी
मंझनपुर/नेवादा। जिले में लगातार तीसरे दिन तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार रहा। आसमान से पूरे दिन आग बरसती रही। सूरज ढलने के बाद भी शाम से रात तक लू के थपेड़े परेशानी का कारण बने रहे। सरायअकिल क्षेत्र के सुरसेना में युवक के लिए यह गर्मी काल बन गई। काम से लौटने के बाद उसे उल्टी-दस्त होने लगी। गंभीर हालत में उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। कुछ घंटे बाद इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
सुबह से ही सूरज आग का गोला बना रहा सो, तापमान चढ़ा रहा। नौ बजे तक ही कुछ राहत रही। इसके बाद तेज धूप त्वचा को झुलसाने लगी। लू के थपेड़ों ने सड़कों पर चलना मुश्किल कर दिया। सड़कें तवे की तरह तपती रहीं। चिलचिलाती धूप से राहत पाने के लिए राहगीर पानी और छांव तलाशते दिखे। घरों के अंदर लगे पंखे भी गर्म हवा ही फेंक रहे थे। बगैर कूलर और एसी के एक मिनट भी लोग बैठ नहीं सके।
शाम छह बजे के बाद लोगों को कड़क धूप से तो निजात मिल गई, लेकिन गर्म हवाएं फिर भी पीछे पड़ी रहीं। साढ़े छह बजे भी बाइक, साइकिल, ऑटो व ई-रिक्शा से चलने वालों को गर्म हवाओं के थपेड़े झेलने पड़े। वहीं सरायअकिल क्षेत्र के सुरसेना निवासी मजदूर राजेश कुमार (34) के लिए तो यह गर्मी जानलेवा साबित हुई। राजेश के भाई राकेश कुमार ने बताया कि शनिवार को राजेश गांव में मजदूरी करने गया था। दोपहर में घर वापस लौटा। इसके बाद अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई।
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राजेश ने शरीर में जलन होने के साथ घबराहट की शिकायत की, फिर वह उल्टी-दस्त से पीड़ित हो गया। उसकी हालत गंभीर देखकर भाई राकेश ने उसे प्रयागराज के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। डाॅक्टरों ने इलाज तो शुरू कर दिया, लेकिन उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ। रविवार सुबह इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
राकेश ने आशंका जताई कि संभवत: लू लगने की वजह से ही राजेश की तबीयत बिगड़ी थी। मौत की खबर घर पहुंची तो वहां कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर हाल खराब हो गया। घर वालों ने पोस्टमार्टम कराए बिना ही राजेश के शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
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संवाद न्यूज एजेंसी
मंझनपुर/नेवादा। जिले में लगातार तीसरे दिन तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार रहा। आसमान से पूरे दिन आग बरसती रही। सूरज ढलने के बाद भी शाम से रात तक लू के थपेड़े परेशानी का कारण बने रहे। सरायअकिल क्षेत्र के सुरसेना में युवक के लिए यह गर्मी काल बन गई। काम से लौटने के बाद उसे उल्टी-दस्त होने लगी। गंभीर हालत में उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। कुछ घंटे बाद इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
सुबह से ही सूरज आग का गोला बना रहा सो, तापमान चढ़ा रहा। नौ बजे तक ही कुछ राहत रही। इसके बाद तेज धूप त्वचा को झुलसाने लगी। लू के थपेड़ों ने सड़कों पर चलना मुश्किल कर दिया। सड़कें तवे की तरह तपती रहीं। चिलचिलाती धूप से राहत पाने के लिए राहगीर पानी और छांव तलाशते दिखे। घरों के अंदर लगे पंखे भी गर्म हवा ही फेंक रहे थे। बगैर कूलर और एसी के एक मिनट भी लोग बैठ नहीं सके।
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शाम छह बजे के बाद लोगों को कड़क धूप से तो निजात मिल गई, लेकिन गर्म हवाएं फिर भी पीछे पड़ी रहीं। साढ़े छह बजे भी बाइक, साइकिल, ऑटो व ई-रिक्शा से चलने वालों को गर्म हवाओं के थपेड़े झेलने पड़े। वहीं सरायअकिल क्षेत्र के सुरसेना निवासी मजदूर राजेश कुमार (34) के लिए तो यह गर्मी जानलेवा साबित हुई। राजेश के भाई राकेश कुमार ने बताया कि शनिवार को राजेश गांव में मजदूरी करने गया था। दोपहर में घर वापस लौटा। इसके बाद अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई।
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राजेश ने शरीर में जलन होने के साथ घबराहट की शिकायत की, फिर वह उल्टी-दस्त से पीड़ित हो गया। उसकी हालत गंभीर देखकर भाई राकेश ने उसे प्रयागराज के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। डाॅक्टरों ने इलाज तो शुरू कर दिया, लेकिन उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ। रविवार सुबह इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
राकेश ने आशंका जताई कि संभवत: लू लगने की वजह से ही राजेश की तबीयत बिगड़ी थी। मौत की खबर घर पहुंची तो वहां कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर हाल खराब हो गया। घर वालों ने पोस्टमार्टम कराए बिना ही राजेश के शव का अंतिम संस्कार कर दिया।