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Kaushambi News: धंसती इंटरलॉकिंग से मौत को दावत... राहगीरों के लिए खतरा बने बदहाल फुटपाथ
Fri, 20 Feb 2026 02:06 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Fri, 20 Feb 2026 02:06 AM IST
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मंझनपुर कोतवाली के सामने धंसी इंटरलॉकिंग। संवाद
नगर पालिका ने पैदल यात्रियों की सुविधा के लिए एक साल पहले कोतवाली-कलक्ट्रेट मार्ग और गांधी नगर दुर्गा मंदिर के पास इंटरलॉकिंग फुटपाथ बनवाया था। अब कई जगह इंटरलॉकिंग धंस रही है और ईंटें खिसक गई हैं। इससे फुटपाथ बदहाल हो गया है और राहगीरों के फिसलने का खतरा बढ़ गया है।
कस्बे के कई स्थानों पर फुटपाथ की इंटरलॉकिंग ईंटें खिसककर नालों की ओर झुक गई हैं, जिससे राहगीरों के फिसलने और चोटिल होने का खतरा बढ़ गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण के दौरान गुणवत्ता का पर्याप्त ध्यान नहीं रखा गया, जिसका असर अब दिखाई दे रहा है।
रोजाना इन मार्गों से गुजरने वाले पैदल यात्री, छात्र और दुकानदार सबसे अधिक परेशानी झेल रहे हैं। उनका कहना है कि चलते समय अचानक ईंटें हिलने लगती हैं या इंटरलॉकिंग धंस जाती है, जिससे संतुलन बिगड़ जाता है और गिरने की आशंका बनी रहती है।
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बरसात के दिनों में स्थिति और गंभीर हो जाती है, क्योंकि नालों के किनारे की इंटरलॉकिंग कमजोर होकर और बैठ जाती है। कई जगह ईंटें टूटने से गड्ढे बन गए हैं, जो रात में आसानी से दिखाई नहीं देते और दुर्घटना का खतरा बढ़ा रहे हैं।
स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि दुकानों के सामने की इंटरलॉकिंग धंसने से पानी भर जाता है और ग्राहकों की आवाजाही प्रभावित होती है। लोगों ने नगर पालिका प्रशासन से जल्द मरम्मत, नियमित निरीक्षण और नालों के किनारे का फुटपाथ मजबूत बनाने की मांग की है।
नाले के निर्माण के बाद छोड़ा गहरा गड्ढा
मंझनपुर नगर पालिका क्षेत्र के गांधी नगर मोहल्ले में कुछ दिन पहले नाले के निर्माण के बाद ठेकेदार द्वारा छोड़ा गया गड्ढा स्थानीय लोगों के लिए खतरा बना हुआ है। यह गड्ढा करीब पांच से छह फीट गहरा बताया जा रहा है, जिसमें यदि कोई बच्चा या जानवर गिर जाए तो बाहर निकल पाना मुश्किल होगा। आसपास रहने वाले लोगों ने बताया कि कई बार शिकायत के बावजूद गड्ढा नहीं भरा गया। स्थानीय लोगों ने कहा कि ठेकेदार का कहना है कि नाले का ठेका जहां तक था, वहां तक निर्माण कराया गया है। लोगों ने गड्ढा भरवाने की मांग की है।
खुले नाले बन रहे जानलेवा, दो हादसों ने बढ़ाई चिंता
केस-एक
चार नवंबर को मंझनपुर के हजरतगंज मोहल्ले में दर्दनाक हादसा हुआ था। घर के बाहर खेलते समय दो साल की मासूम इनाया नाले के पास पहुंच गई और पैर फिसलने से पानी में गिर गई। परिजनों ने उसे बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
केस-दो
नवंबर 2022 में भइला मकदूमपुर निवासी फूलचंद्र साइकिल से काम से लौट रहे थे। समदा प्राइमरी स्कूल के पास संतुलन बिगड़ने से वह नाले में गिर गए। आसपास के लोगों ने उन्हें बाहर निकालकर जिला अस्पताल ले जाने का प्रयास किया, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई।
बरसात में स्थिति और खराब हो जाती है। नालों के किनारे इंटरलॉकिंग बैठने से फिसलन बढ़ जाती है और दुर्घटना का खतरा रहता है।
- अमरेश कुमार
निर्माण के बाद नियमित मरम्मत नहीं हुई। नगर पालिका को निरीक्षण कर जल्द मरम्मत करानी चाहिए, ताकि लोगों को राहत मिल सके।
- राजेंद्र प्रसाद
फुटपाथ की इंटरलॉकिंग धंसने से चलना मुश्किल हो गया है। कई जगह ईंटें हिलती हैं, जिससे गिरने का डर बना रहता है।
- संतोष कुमार
दुकानों के सामने इंटरलॉकिंग टूटने से पानी भर जाता है। इससे ग्राहकों की आवाजाही प्रभावित होती है और व्यापार पर असर पड़ रहा है।
- लवकुश।
इंटरलॉकिंग धंसने की शिकायतें मिली हैं। टीम को निरीक्षण के निर्देश दिए गए हैं। जहां समस्या है वहां जल्द मरम्मत कराई जाएगी और नालों के किनारे मजबूती का काम होगा। लापरवाही पाए जाने पर संबंधित ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- बीरेंद्र कुमार सरोज उर्फ फौजी, पालिकाध्यक्ष
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कस्बे के कई स्थानों पर फुटपाथ की इंटरलॉकिंग ईंटें खिसककर नालों की ओर झुक गई हैं, जिससे राहगीरों के फिसलने और चोटिल होने का खतरा बढ़ गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण के दौरान गुणवत्ता का पर्याप्त ध्यान नहीं रखा गया, जिसका असर अब दिखाई दे रहा है।
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रोजाना इन मार्गों से गुजरने वाले पैदल यात्री, छात्र और दुकानदार सबसे अधिक परेशानी झेल रहे हैं। उनका कहना है कि चलते समय अचानक ईंटें हिलने लगती हैं या इंटरलॉकिंग धंस जाती है, जिससे संतुलन बिगड़ जाता है और गिरने की आशंका बनी रहती है।
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बरसात के दिनों में स्थिति और गंभीर हो जाती है, क्योंकि नालों के किनारे की इंटरलॉकिंग कमजोर होकर और बैठ जाती है। कई जगह ईंटें टूटने से गड्ढे बन गए हैं, जो रात में आसानी से दिखाई नहीं देते और दुर्घटना का खतरा बढ़ा रहे हैं।
स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि दुकानों के सामने की इंटरलॉकिंग धंसने से पानी भर जाता है और ग्राहकों की आवाजाही प्रभावित होती है। लोगों ने नगर पालिका प्रशासन से जल्द मरम्मत, नियमित निरीक्षण और नालों के किनारे का फुटपाथ मजबूत बनाने की मांग की है।
नाले के निर्माण के बाद छोड़ा गहरा गड्ढा
मंझनपुर नगर पालिका क्षेत्र के गांधी नगर मोहल्ले में कुछ दिन पहले नाले के निर्माण के बाद ठेकेदार द्वारा छोड़ा गया गड्ढा स्थानीय लोगों के लिए खतरा बना हुआ है। यह गड्ढा करीब पांच से छह फीट गहरा बताया जा रहा है, जिसमें यदि कोई बच्चा या जानवर गिर जाए तो बाहर निकल पाना मुश्किल होगा। आसपास रहने वाले लोगों ने बताया कि कई बार शिकायत के बावजूद गड्ढा नहीं भरा गया। स्थानीय लोगों ने कहा कि ठेकेदार का कहना है कि नाले का ठेका जहां तक था, वहां तक निर्माण कराया गया है। लोगों ने गड्ढा भरवाने की मांग की है।
खुले नाले बन रहे जानलेवा, दो हादसों ने बढ़ाई चिंता
केस-एक
चार नवंबर को मंझनपुर के हजरतगंज मोहल्ले में दर्दनाक हादसा हुआ था। घर के बाहर खेलते समय दो साल की मासूम इनाया नाले के पास पहुंच गई और पैर फिसलने से पानी में गिर गई। परिजनों ने उसे बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
केस-दो
नवंबर 2022 में भइला मकदूमपुर निवासी फूलचंद्र साइकिल से काम से लौट रहे थे। समदा प्राइमरी स्कूल के पास संतुलन बिगड़ने से वह नाले में गिर गए। आसपास के लोगों ने उन्हें बाहर निकालकर जिला अस्पताल ले जाने का प्रयास किया, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई।
बरसात में स्थिति और खराब हो जाती है। नालों के किनारे इंटरलॉकिंग बैठने से फिसलन बढ़ जाती है और दुर्घटना का खतरा रहता है।
- अमरेश कुमार
निर्माण के बाद नियमित मरम्मत नहीं हुई। नगर पालिका को निरीक्षण कर जल्द मरम्मत करानी चाहिए, ताकि लोगों को राहत मिल सके।
- राजेंद्र प्रसाद
फुटपाथ की इंटरलॉकिंग धंसने से चलना मुश्किल हो गया है। कई जगह ईंटें हिलती हैं, जिससे गिरने का डर बना रहता है।
- संतोष कुमार
दुकानों के सामने इंटरलॉकिंग टूटने से पानी भर जाता है। इससे ग्राहकों की आवाजाही प्रभावित होती है और व्यापार पर असर पड़ रहा है।
- लवकुश।
इंटरलॉकिंग धंसने की शिकायतें मिली हैं। टीम को निरीक्षण के निर्देश दिए गए हैं। जहां समस्या है वहां जल्द मरम्मत कराई जाएगी और नालों के किनारे मजबूती का काम होगा। लापरवाही पाए जाने पर संबंधित ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- बीरेंद्र कुमार सरोज उर्फ फौजी, पालिकाध्यक्ष

मंझनपुर कोतवाली के सामने धंसी इंटरलॉकिंग। संवाद

मंझनपुर कोतवाली के सामने धंसी इंटरलॉकिंग। संवाद

मंझनपुर कोतवाली के सामने धंसी इंटरलॉकिंग। संवाद

मंझनपुर कोतवाली के सामने धंसी इंटरलॉकिंग। संवाद

मंझनपुर कोतवाली के सामने धंसी इंटरलॉकिंग। संवाद

मंझनपुर कोतवाली के सामने धंसी इंटरलॉकिंग। संवाद

मंझनपुर कोतवाली के सामने धंसी इंटरलॉकिंग। संवाद