{"_id":"6998b17a617824d57703cd99","slug":"sick-employment-officer-dies-alleges-not-receiving-honorarium-for-11-months-kaushambi-news-c-261-1-kmb1011-136876-2026-02-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kaushambi News: बीमार रोजगार सेवक की मौत, 11 माह से मानदेय न मिलने का आरोप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kaushambi News: बीमार रोजगार सेवक की मौत, 11 माह से मानदेय न मिलने का आरोप
Sat, 21 Feb 2026 12:39 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Sat, 21 Feb 2026 12:39 AM IST
विज्ञापन
रोजगार सेवक इन्द्रपाल का फाइल फोटो
- फोटो : मृतक महिला।
ब्लॉक क्षेत्र के अकबराबाद गांव में तैनात रोजगार सेवक इंद्रपाल (55) की बृहस्पतिवार को मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि उन्हें पिछले 11 महीनों से मानदेय नहीं मिला था, जिससे परिवार आर्थिक संकट से जूझ रहा था और समुचित इलाज नहीं हो सका।
बंथरी गांव निवासी उनके पुत्र दुर्गेश कुमार के अनुसार इंद्रपाल दो वर्षों से ब्रेन ट्यूमर जैसी गंभीर बीमारी से पीड़ित थे। गंभीर स्थिति के बावजूद वह मनरेगा कार्यों का दायित्व निभाते रहे, लेकिन इलाज का खर्च बढ़ने से परिवार पर आर्थिक बोझ बढ़ता गया।
परिजनों का कहना है कि मानदेय न मिलने से उपचार बाधित हुआ और अंत में इलाज के अभाव में उनकी मृत्यु हो गई। वहीं, बीडीओ संजय कुमार गुप्ता ने बताया कि मनरेगा कार्मिकों को भुगतान मैटेरियल मद से बनने वाली कंटीजेंसी से किया जाता है और भुगतान लंबित होने के कारण मानदेय जारी नहीं हो सका। ग्राम रोजगार सेवक संघ ने घटना पर दुख जताते हुए इसे संविदा कर्मियों की उपेक्षा को गंभीर मामला बताया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
बंथरी गांव निवासी उनके पुत्र दुर्गेश कुमार के अनुसार इंद्रपाल दो वर्षों से ब्रेन ट्यूमर जैसी गंभीर बीमारी से पीड़ित थे। गंभीर स्थिति के बावजूद वह मनरेगा कार्यों का दायित्व निभाते रहे, लेकिन इलाज का खर्च बढ़ने से परिवार पर आर्थिक बोझ बढ़ता गया।
विज्ञापन
परिजनों का कहना है कि मानदेय न मिलने से उपचार बाधित हुआ और अंत में इलाज के अभाव में उनकी मृत्यु हो गई। वहीं, बीडीओ संजय कुमार गुप्ता ने बताया कि मनरेगा कार्मिकों को भुगतान मैटेरियल मद से बनने वाली कंटीजेंसी से किया जाता है और भुगतान लंबित होने के कारण मानदेय जारी नहीं हो सका। ग्राम रोजगार सेवक संघ ने घटना पर दुख जताते हुए इसे संविदा कर्मियों की उपेक्षा को गंभीर मामला बताया है।
विज्ञापन