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बारिश ने बढ़ाई किसानों की चिंता की लकीरें
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
Updated Tue, 27 Sep 2016 12:09 AM IST
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दोआबा में चार दिन से लगातार हो रही बारिश फसलों के लिए आफत बन गई है। खेतों में जलभराव होने से दलहनी और तिलहनी फसलें सड़ने लगी हैं। पकने को तैयार फसलों को सड़ता देख किसानों का हाल बेहाल है। उन्हें फसलों को बचाने के लिए कोई राह नहीं सूझ रही है।
जिले में शुक्रवार की रात से प्रतिदिन बारिश हो रही है। इससे धान की फसलों को तो फायदा हो रहा पर खरीफ की खेती में दूसरे नम्बर की फसल कही जाने वाली उड़द, मूंग, अरहर, तिल के लिए पानी जहर साबित हो रहा है। चार दिन से लगातार हो रही बारिश के चलते खेतों में पानी जमा होने से फसलें अब सड़ने लगी हैं। जलमग्न हुए खेतों से पानी बाहर निकल भी नहीं रहा है। ऐसे में पकने को तैयार उड़द, मूंग, तिल की फसलों को सड़ता देख किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खिंच गई हैं।
बिगहरा गांव के किसान राजा तिवारी, गुरौली के खुशीराम गौतम, म्योहर के श्रीराम सिंह आदि का कहना है कि उन्होंने पानी के अभाव में अधिकतर खेतों में उड़द, तिल, मूंग की फसल बो रखी थी। लेकिन चार दिन से लगातार हो रही बारिश ने मंसूबे पर पानी फेर दिया है।
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जिले में शुक्रवार की रात से प्रतिदिन बारिश हो रही है। इससे धान की फसलों को तो फायदा हो रहा पर खरीफ की खेती में दूसरे नम्बर की फसल कही जाने वाली उड़द, मूंग, अरहर, तिल के लिए पानी जहर साबित हो रहा है। चार दिन से लगातार हो रही बारिश के चलते खेतों में पानी जमा होने से फसलें अब सड़ने लगी हैं। जलमग्न हुए खेतों से पानी बाहर निकल भी नहीं रहा है। ऐसे में पकने को तैयार उड़द, मूंग, तिल की फसलों को सड़ता देख किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खिंच गई हैं।
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बिगहरा गांव के किसान राजा तिवारी, गुरौली के खुशीराम गौतम, म्योहर के श्रीराम सिंह आदि का कहना है कि उन्होंने पानी के अभाव में अधिकतर खेतों में उड़द, तिल, मूंग की फसल बो रखी थी। लेकिन चार दिन से लगातार हो रही बारिश ने मंसूबे पर पानी फेर दिया है।
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