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Kaushambi News: रबी फसलों की तैयारी तेज, किसानों को मिलने लगे बीज व जैव उर्वरक
Sat, 25 Oct 2025 12:58 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Sat, 25 Oct 2025 12:58 AM IST
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किसान कल्यान केंद्र में चना के बीच के साथ खड़े किसान। स्रोत- किसान
जिले में रबी फसलों की बोआई की तैयारियां तेज हो गई है। ऐसे में कृषि विभाग से बीज का वितरण शुरू हो गया है। इनमें सामान्य बीज के साथ ही मिनी किट के रूप में आए बीज भी उपलब्ध हैं। मिनी किट के लिए किसानों का पंजीकरण कराना अनिवार्य है। पंजीकृत किसानों को बीज बायोमेट्रिक सत्यापन के बाद ही दिया जा रहा है।
जिला कृषि अधिकारी सुरुचि विश्वकर्मा ने बताया कि बीज पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। किसी भी किसान को बीज की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा। जिले में जैव उर्वरकों की खेप भी पहुंच चुकी है। इनमें तीन प्रकार के जैव उत्पाद राइजोबियम कल्चर, एजोटोबैक्टर कल्चर और पीएसबी कल्चर शामिल हैं। जो 200 ग्राम के पैकेट में किसानों को उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
यह जैव उर्वरक मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने और फसलों की उत्पादकता में सहायक हैं। कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि कृषि यंत्रों की बुकिंग प्रक्रिया भी जारी है। किसान अनुदान पर उपलब्ध आधुनिक उपकरणों की बुकिंग 29 अक्तूबर तक करा सकते हैं।
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कृषि विभाग के अनुसार, अब तक गेहूं का क्षेत्रफल 79,647 हेक्टेयर और सरसों का 4,792 हेक्टेयर दर्ज किया गया है। विभाग का कहना है कि यह प्रारंभिक आंकड़ा है। आने वाले दिनों में क्षेत्रफल में बदलाव संभव है।
जिले में बीज की उपलब्धता
जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि जिले में मंझनपुर, सिराथू, सरसवां, सैनी, कोखराज, नेवादा, चायल और कनैली में सरकारी राजकीय बीज भंडार हैं। सभी गोदामों में गेहूं के 200-200 क्विंटल और सरसवां में 300 क्विंटल की मात्रा उपलब्ध है। जिले के लिए 7,300 क्विंटल का लक्ष्य है जिसमें से 1,700 क्विंटल बीज मिल चुका है।
यह बीज डीबीडब्ल्यू 303, 222 व 187 करन वंदना प्रजाति के हैं। उन्होंने बताया कि चना का 358 क्विंटल, मटर का 66 क्विंटल, मसूर का 1.4 क्विंटल व सरसों का 25.70 क्विंटल बीज मिला है, जो किसानों को दिया जा रहा है। इसके अलावा मिनी किट के रूप में चना का 144 क्विंटल और सरसों का 30 क्विंटल बीज मिला है।
उन्होंने बताया कि समय पर बोआई और तकनीकी संसाधनों के उपयोग से इस साल रबी फसलों का उत्पादन लक्ष्य आसानी से हासिल किया जा सकेगा। किसानों से अपील की गई है कि वे सरकारी योजनाओं का लाभ उठाते हुए समय पर बीज और उर्वरक प्राप्त करें, ताकि बेहतर उपज सुनिश्चित हो सके।
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जिला कृषि अधिकारी सुरुचि विश्वकर्मा ने बताया कि बीज पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। किसी भी किसान को बीज की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा। जिले में जैव उर्वरकों की खेप भी पहुंच चुकी है। इनमें तीन प्रकार के जैव उत्पाद राइजोबियम कल्चर, एजोटोबैक्टर कल्चर और पीएसबी कल्चर शामिल हैं। जो 200 ग्राम के पैकेट में किसानों को उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
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यह जैव उर्वरक मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने और फसलों की उत्पादकता में सहायक हैं। कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि कृषि यंत्रों की बुकिंग प्रक्रिया भी जारी है। किसान अनुदान पर उपलब्ध आधुनिक उपकरणों की बुकिंग 29 अक्तूबर तक करा सकते हैं।
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कृषि विभाग के अनुसार, अब तक गेहूं का क्षेत्रफल 79,647 हेक्टेयर और सरसों का 4,792 हेक्टेयर दर्ज किया गया है। विभाग का कहना है कि यह प्रारंभिक आंकड़ा है। आने वाले दिनों में क्षेत्रफल में बदलाव संभव है।
जिले में बीज की उपलब्धता
जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि जिले में मंझनपुर, सिराथू, सरसवां, सैनी, कोखराज, नेवादा, चायल और कनैली में सरकारी राजकीय बीज भंडार हैं। सभी गोदामों में गेहूं के 200-200 क्विंटल और सरसवां में 300 क्विंटल की मात्रा उपलब्ध है। जिले के लिए 7,300 क्विंटल का लक्ष्य है जिसमें से 1,700 क्विंटल बीज मिल चुका है।
यह बीज डीबीडब्ल्यू 303, 222 व 187 करन वंदना प्रजाति के हैं। उन्होंने बताया कि चना का 358 क्विंटल, मटर का 66 क्विंटल, मसूर का 1.4 क्विंटल व सरसों का 25.70 क्विंटल बीज मिला है, जो किसानों को दिया जा रहा है। इसके अलावा मिनी किट के रूप में चना का 144 क्विंटल और सरसों का 30 क्विंटल बीज मिला है।
उन्होंने बताया कि समय पर बोआई और तकनीकी संसाधनों के उपयोग से इस साल रबी फसलों का उत्पादन लक्ष्य आसानी से हासिल किया जा सकेगा। किसानों से अपील की गई है कि वे सरकारी योजनाओं का लाभ उठाते हुए समय पर बीज और उर्वरक प्राप्त करें, ताकि बेहतर उपज सुनिश्चित हो सके।