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बर्ड फ्लू नहीं, ठंड से हुई थी कबूतरों की मौत
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बर्ड फ्लू नहीं बल्कि ठंड से हुई थी कबूतरों की मौत
- पशु पालन विभाग का दावा, कबूतर में रजीटेंस के कारण नहीं रहता बीमारी का खतरा
संवाद न्यूज एजेंसी
मंझनपुर। सिहोरी टोल प्लाजा के समीप बृहस्पतिवार को कबूतरों की मौत बर्ड फ्लू नहीं बल्कि ठंड लगने से हुई थी। यह दावा पशु पालन विभाग की टीम ने कबूतरों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर किया। विभाग का कहना है कि कबूतर में रजीटेंस ज्यादा होता है। इस वजह से उनमें बर्ड फ्लू का खतरा नहीं रहता।
कोखराज कोतवाली के सिहोरी टोल प्लाजा पर अचानक दो कबूतर उड़ते-उड़ते गिर गए थे। इससे कबूतरों की मौत हो गई। पक्षियों की मौत बर्ड फ्लू से होने की आशंका पर कर्मचारी सहम गए। उन्होंने इसकी जानकारी टोल के मैनेजर जीपी चतुर्वेदी को दी। मैनेजर ने पशु पालन विभाग की सूचना दी थी। घटना की जानकारी पर मूरतगंज राजकीय पशु चिकित्सालय की टीम मृत कबूतरों को साथ ले गई थी। इस बाबत मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. वीपी पाठक का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कबूतरों की मौत का कारण ठंड लगना आया है। वैसे भी कबूतर में रजीटेंस ज्यादा होता है। इस वजह से उनमें बर्ड फ्लू का खतरा नहीं रहता।
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- पशु पालन विभाग का दावा, कबूतर में रजीटेंस के कारण नहीं रहता बीमारी का खतरा
संवाद न्यूज एजेंसी
मंझनपुर। सिहोरी टोल प्लाजा के समीप बृहस्पतिवार को कबूतरों की मौत बर्ड फ्लू नहीं बल्कि ठंड लगने से हुई थी। यह दावा पशु पालन विभाग की टीम ने कबूतरों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर किया। विभाग का कहना है कि कबूतर में रजीटेंस ज्यादा होता है। इस वजह से उनमें बर्ड फ्लू का खतरा नहीं रहता।
कोखराज कोतवाली के सिहोरी टोल प्लाजा पर अचानक दो कबूतर उड़ते-उड़ते गिर गए थे। इससे कबूतरों की मौत हो गई। पक्षियों की मौत बर्ड फ्लू से होने की आशंका पर कर्मचारी सहम गए। उन्होंने इसकी जानकारी टोल के मैनेजर जीपी चतुर्वेदी को दी। मैनेजर ने पशु पालन विभाग की सूचना दी थी। घटना की जानकारी पर मूरतगंज राजकीय पशु चिकित्सालय की टीम मृत कबूतरों को साथ ले गई थी। इस बाबत मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. वीपी पाठक का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कबूतरों की मौत का कारण ठंड लगना आया है। वैसे भी कबूतर में रजीटेंस ज्यादा होता है। इस वजह से उनमें बर्ड फ्लू का खतरा नहीं रहता।
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