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नवरात्र के आठवें दिन की गई महागौरी व सिद्धिदात्री की पूजा
Sun, 14 Apr 2019 12:36 AM IST
shailendra Kumar
kaushambi
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Published by: shailendra Kumar
Updated Sun, 14 Apr 2019 12:36 AM IST
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मंझनपुर/कड़ा/करारी। वासंतिक नवरात्र के आठवें दिन शनिवार को महागौरी व सिद्धिदात्री स्वरूप की पूजा अर्चना की गई। शक्ति पीठ कड़ा धाम सहित जिले के सभी देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ पूजा-अर्चना करते दिखाई दी। इस मौके पर मंदिरों में घंटे-घड़ियाल की गूंज सुबह से लेकर देर शाम तक सुनाई दी।
ज्योतिष के अनुसार नवरात्र में इस बार एक तिथि की हानि है। इसके चलते आठवें दिन ही अष्टमी और नवमी मनाई गई। देवी का आठवां स्वरूप महागौरी का है। इनका रूप पूर्णत: गौर वर्ण है। इनकी उपमा शंख, चंद्र और कुंद के फूल से दी गई है। अष्टवर्षा भवेद् गौरी यानी इनकी आयु आठ साल की मानी गई है। इनके सभी आभूषण और वस्त्र सफेद हैं। इसीलिए उन्हें श्वेताम्बरधरा कहा गया है। इनकी पूरी मुद्रा बहुत शांत है।
ये अमोघ फलदायिनी हैं। शनिवार को भक्तों ने घरों और मंदिरों में मां भगवती की पूरे विधि-विधान के साथ पूजन किया। तमाम भक्तों ने व्रत भी रखा। देवी भगवती की अराधना के लिए 51 शक्तिपीठों में प्रसिद्ध कड़ा स्थित मां शीतला की दरबार में शुक्रवार को भारी भीड़ दिखी। यहां स्थानीय के अलावा आसपास के विभिन्न जिलों से आए हजारों भक्तों का रेला भोर से ही मां की दरबार में इकट्ठा हो गया था। घंटों इतजार के बाद कपाट खुलने पर भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी।
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कई-कई घंटे इंतजार करने के बाद पल भर के लिए मां का दर्शन हुआ। भक्तों ने मां के सामने शीष नवाकर घर-परिवार के सुख-समृद्धि की कामना की। इसके अलावा मंझनपुर स्थित दुर्गा मंदिर, पश्चिमशरीरा के झारखंडी माता, अढ़ौली के आनंदी माता समेत सभी प्रमुख कस्बों, बाजारों में स्थित मंदिरों में भक्तों ने मां की पूजा-अराधना की। कुछ भक्तों ने घरों में दुर्गा सप्तशती का पाठ भी किया।
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ज्योतिष के अनुसार नवरात्र में इस बार एक तिथि की हानि है। इसके चलते आठवें दिन ही अष्टमी और नवमी मनाई गई। देवी का आठवां स्वरूप महागौरी का है। इनका रूप पूर्णत: गौर वर्ण है। इनकी उपमा शंख, चंद्र और कुंद के फूल से दी गई है। अष्टवर्षा भवेद् गौरी यानी इनकी आयु आठ साल की मानी गई है। इनके सभी आभूषण और वस्त्र सफेद हैं। इसीलिए उन्हें श्वेताम्बरधरा कहा गया है। इनकी पूरी मुद्रा बहुत शांत है।
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ये अमोघ फलदायिनी हैं। शनिवार को भक्तों ने घरों और मंदिरों में मां भगवती की पूरे विधि-विधान के साथ पूजन किया। तमाम भक्तों ने व्रत भी रखा। देवी भगवती की अराधना के लिए 51 शक्तिपीठों में प्रसिद्ध कड़ा स्थित मां शीतला की दरबार में शुक्रवार को भारी भीड़ दिखी। यहां स्थानीय के अलावा आसपास के विभिन्न जिलों से आए हजारों भक्तों का रेला भोर से ही मां की दरबार में इकट्ठा हो गया था। घंटों इतजार के बाद कपाट खुलने पर भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी।
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कई-कई घंटे इंतजार करने के बाद पल भर के लिए मां का दर्शन हुआ। भक्तों ने मां के सामने शीष नवाकर घर-परिवार के सुख-समृद्धि की कामना की। इसके अलावा मंझनपुर स्थित दुर्गा मंदिर, पश्चिमशरीरा के झारखंडी माता, अढ़ौली के आनंदी माता समेत सभी प्रमुख कस्बों, बाजारों में स्थित मंदिरों में भक्तों ने मां की पूजा-अराधना की। कुछ भक्तों ने घरों में दुर्गा सप्तशती का पाठ भी किया।