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Kaushambi News: तीन साल से पेंशन बंद, जिंदा होने का सुबूत लेकर टहल रहीं सुदामा
Tue, 30 Sep 2025 01:09 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Tue, 30 Sep 2025 01:09 AM IST
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कड़ा ब्लॉक के भडेहरी गांव निवासी सुदामा देवी की वृद्धावस्था पेंशन तीन साल पहले समाज कल्याण विभाग ने मृत दिखाकर बंद कर दी थी। उनका आरोप है कि तब से वह जीवित होने प्रमाणपत्र लेकर चक्कर काट रही हैं। अधिकारी सुनवाई नहीं कर रहे हैं। बुढ़ापे में दो जून की रोटी और इलाज के लिए परेशान होना पड़ रहा है।
सुदामा देवी के पति गोपी की मृत्यु करीब 40 वर्ष पूर्व बीमारी से हो गई थी। इसके बाद सुदामा मजदूरी कर गुजर-बसर करती रहीं। 10 साल पहले उन्हें वृद्धा पेंशन मिलने लगी तो जीवनयापन आसान हो गया। तीन साल पहले अचानक खाते में पेंशन आनी बंद हो गई।
इसके बाद सुदामा ग्राम प्रधान, सचिव और ब्लॉक के अधिकारियों से शिकायत करती रहीं पर कोई सुनवाई नहीं हुई। बीते सप्ताह जिलाधिकारी के पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत करने के बाद रिपोर्ट में उन्हें मृतक दिखा दिया गया।
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अब तो मजदूरी लायक भी नहीं रही
सुदामा देवी ने बताया कि उनकी उम्र करीब 90 के आसपास है। वह मजदूरी करने में असमर्थ हैं। परिवार के लोग उनकी देखभाल नहीं करते। तीन बेटे हैं। छोटा धरमपाल गांव में मजदूरी करता था। आठ साल पहले उसका एक हाथ थ्रेसर मशीन में कट गया। इसके बाद से वह काम करने की स्थिति में नहीं रहा। बड़ा राम स्वरूप लखनऊ में व मझला बेटा बुद्दीलाल लुधियाना में परिवार समेत रहकर मजदूरी करते हैं। पेंशन बंद होने से दवा और इलाज की व्यवस्था नहीं हो पा रही है।
भडेहरी गांव की सुदामा की पेंशन बंद होने की जानकारी नहीं है। सचिव के सत्यापन की रिपोर्ट लगाने के बाद पेंशन बंद की गई होगी। प्रार्थना पत्र व ऑनलाइन आवेदन करने पर जांच कराकर दोबारा बुजुर्ग महिला को पेंशन योजना से जोड़ा जाएगा। - उमेश प्रताप सिंह, सहायक विकास अधिकारी समाज कल्याण, कड़ा
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सुदामा देवी के पति गोपी की मृत्यु करीब 40 वर्ष पूर्व बीमारी से हो गई थी। इसके बाद सुदामा मजदूरी कर गुजर-बसर करती रहीं। 10 साल पहले उन्हें वृद्धा पेंशन मिलने लगी तो जीवनयापन आसान हो गया। तीन साल पहले अचानक खाते में पेंशन आनी बंद हो गई।
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इसके बाद सुदामा ग्राम प्रधान, सचिव और ब्लॉक के अधिकारियों से शिकायत करती रहीं पर कोई सुनवाई नहीं हुई। बीते सप्ताह जिलाधिकारी के पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत करने के बाद रिपोर्ट में उन्हें मृतक दिखा दिया गया।
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अब तो मजदूरी लायक भी नहीं रही
सुदामा देवी ने बताया कि उनकी उम्र करीब 90 के आसपास है। वह मजदूरी करने में असमर्थ हैं। परिवार के लोग उनकी देखभाल नहीं करते। तीन बेटे हैं। छोटा धरमपाल गांव में मजदूरी करता था। आठ साल पहले उसका एक हाथ थ्रेसर मशीन में कट गया। इसके बाद से वह काम करने की स्थिति में नहीं रहा। बड़ा राम स्वरूप लखनऊ में व मझला बेटा बुद्दीलाल लुधियाना में परिवार समेत रहकर मजदूरी करते हैं। पेंशन बंद होने से दवा और इलाज की व्यवस्था नहीं हो पा रही है।
भडेहरी गांव की सुदामा की पेंशन बंद होने की जानकारी नहीं है। सचिव के सत्यापन की रिपोर्ट लगाने के बाद पेंशन बंद की गई होगी। प्रार्थना पत्र व ऑनलाइन आवेदन करने पर जांच कराकर दोबारा बुजुर्ग महिला को पेंशन योजना से जोड़ा जाएगा। - उमेश प्रताप सिंह, सहायक विकास अधिकारी समाज कल्याण, कड़ा