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Kaushambi News: अस्पताल पहुंच रहे पेट दर्द, उल्टी दस्त के मरीज, बच्चों की सेहत पर भी असर
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मेडिकल कॉलेज के बालरोग विभाग की ओपीडी में बच्चे का इलाज करते डॉक्टर। संवाद
कृमि संक्रमण बच्चों की सेहत पर असर डाल रहा है। मेडिकल कॉलेज के ओपीडी में रोजाना 10 से 15 बच्चे पेट दर्द, कमजोरी, उल्टी-दस्त और भूख न लगने की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं।
मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विभाग के ओपीडी में मौजूद डॉ. विश्व प्रकाश ने बताया कि कृमि संक्रमण होने पर बच्चों में खून की कमी, वजन न बढ़ना और थकान जैसी समस्याएं आती हैं। समय पर इलाज न मिलने पर यह समस्या और भी गंभीर हो सकती है। ऐसे मामलों में दवा के साथ साफ-सफाई और खान-पान पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।
ओपीडी में पहुंचे तीमारदार सुरेश, श्यामबाबू और नीरज कुमार ने बताया कि उनके बच्चों को कई दिनों से पेट में दर्द और कमजोरी की शिकायत थी। जांच कराने पर कृमि संक्रमण की जानकारी मिली, जिसके बाद डॉक्टरों ने दवा और सावधानी बरतने की सलाह दी।
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बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. विश्व प्रकाश ने अभिभावकों से बच्चों को नियमित हाथ धोने, उबला या साफ पानी पिलाने और नाखून छोटे रखने की सलाह दी है।
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मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विभाग के ओपीडी में मौजूद डॉ. विश्व प्रकाश ने बताया कि कृमि संक्रमण होने पर बच्चों में खून की कमी, वजन न बढ़ना और थकान जैसी समस्याएं आती हैं। समय पर इलाज न मिलने पर यह समस्या और भी गंभीर हो सकती है। ऐसे मामलों में दवा के साथ साफ-सफाई और खान-पान पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।
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ओपीडी में पहुंचे तीमारदार सुरेश, श्यामबाबू और नीरज कुमार ने बताया कि उनके बच्चों को कई दिनों से पेट में दर्द और कमजोरी की शिकायत थी। जांच कराने पर कृमि संक्रमण की जानकारी मिली, जिसके बाद डॉक्टरों ने दवा और सावधानी बरतने की सलाह दी।
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बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. विश्व प्रकाश ने अभिभावकों से बच्चों को नियमित हाथ धोने, उबला या साफ पानी पिलाने और नाखून छोटे रखने की सलाह दी है।