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नवनिर्मित आवास में नहीं रहते अधिकारी-कर्मचारी
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Officers-employees not living in newly constructed housing
- फोटो : KAUSHAMBI
नवनिर्मित आवास में नहीं रहते अधिकारी-कर्मचारी
चायल ब्लॉक परिसर के चार करोड़ से बना था भवन
संवाद न्यूज एजेंसी
चायल। चायल ब्लॉक परिसर में चार अप्रैल 2018 को अधिकारियों-कमर्चारियों के लिए करीब चार करोड़ से आवासीय भवनों के निर्माण का शिलान्यास ग्रामीण विकास, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य राज्यमंत्री डॉ महेंद्र सिंह ने किया था। इमारत जुलाई 2019 में बनकर तैयार हो गई। आवास में सोलर पैनल लगा कर बिजली की व्यवस्था व पानी के लिए हैंडपंप के साथ टंकी की भी व्यवस्था की गई है। तीन माह पूर्व सभी कर्मचारियों और अधिकारियों को आवास आवंटित भी कर दिया गया। उनके तनख्वाह से आवास का शुल्क भी कटने लगा। भवन में टाइप- 4, टाइप- 3 व टाइप- 2 के कुल 27 आवास बनाये गए हैं। इनमे बीडीओ के लिए टाइप-4 के दो आवास, एडीओ व बाबू के लिए टाइप-3 के 10 आवास और ग्राम विकास अधिकारियों के लिए टाइप-2 के 15 आवास हैं। चायल ब्लॉक में कुल 11 ग्राम विकास अधिकारियों की नियुक्ति है। सभी नवनिर्मित आवास आवंटित हो चुके हैं। मगर यहां रात में कोई भी अधिकारी-कर्मचारी नहीं रहता है। बताया जाता है कि ब्लॉक में काम करने वाले सभी कर्मचारी-अधिकारी प्रयागराज में रहते हैं। किसी ने वहां खुद का मकान बनवाया है तो कोई किराए पर ही रह रहा है। वहीं बीडीओ चायल हरिश्चन्द्र सिंह का कहना है कि तीन माह पूर्व सभी कमर्चारियों को आवास आवंटित कर दिया गया गया था। जिसमें सभी ने रहना भी शुरू कर दिया है। रात में किसी के न रहने की जानकारी नही है। मेरा ब्लॉक कौशाम्बी है, मुझे चायल का प्रभार दिया गया है इसलिए मैं भी वहां नही रहता हूं।
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चायल ब्लॉक परिसर के चार करोड़ से बना था भवन
संवाद न्यूज एजेंसी
चायल। चायल ब्लॉक परिसर में चार अप्रैल 2018 को अधिकारियों-कमर्चारियों के लिए करीब चार करोड़ से आवासीय भवनों के निर्माण का शिलान्यास ग्रामीण विकास, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य राज्यमंत्री डॉ महेंद्र सिंह ने किया था। इमारत जुलाई 2019 में बनकर तैयार हो गई। आवास में सोलर पैनल लगा कर बिजली की व्यवस्था व पानी के लिए हैंडपंप के साथ टंकी की भी व्यवस्था की गई है। तीन माह पूर्व सभी कर्मचारियों और अधिकारियों को आवास आवंटित भी कर दिया गया। उनके तनख्वाह से आवास का शुल्क भी कटने लगा। भवन में टाइप- 4, टाइप- 3 व टाइप- 2 के कुल 27 आवास बनाये गए हैं। इनमे बीडीओ के लिए टाइप-4 के दो आवास, एडीओ व बाबू के लिए टाइप-3 के 10 आवास और ग्राम विकास अधिकारियों के लिए टाइप-2 के 15 आवास हैं। चायल ब्लॉक में कुल 11 ग्राम विकास अधिकारियों की नियुक्ति है। सभी नवनिर्मित आवास आवंटित हो चुके हैं। मगर यहां रात में कोई भी अधिकारी-कर्मचारी नहीं रहता है। बताया जाता है कि ब्लॉक में काम करने वाले सभी कर्मचारी-अधिकारी प्रयागराज में रहते हैं। किसी ने वहां खुद का मकान बनवाया है तो कोई किराए पर ही रह रहा है। वहीं बीडीओ चायल हरिश्चन्द्र सिंह का कहना है कि तीन माह पूर्व सभी कमर्चारियों को आवास आवंटित कर दिया गया गया था। जिसमें सभी ने रहना भी शुरू कर दिया है। रात में किसी के न रहने की जानकारी नही है। मेरा ब्लॉक कौशाम्बी है, मुझे चायल का प्रभार दिया गया है इसलिए मैं भी वहां नही रहता हूं।