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अब बंदूक की एक-एक गोली का हिसाब लेने घर आएगी पुलिस 17-33-16
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अब बंदूक की एक-एक गोली का हिसाब लेने घर आएगी पुलिस
शासन के निर्देश पर जिले में शुरू हुई जांच-पड़ताल
संवाद न्यूज एजेंसी
मंझनपुर। असलहाधारकों को एक-एक गोली का पूरा हिसाब रखना होगा। अब पुलिस घर पर आकर पड़ताल करेगी। असलहाधारकों को बताना होगा कि शस्त्र लाइसेंस पर कुल कितने कारतूस खरीदे और उनका इस्तेमाल कब-कब और किन परिस्थितियों में किया। सही जवाब नहीं देने पर कार्रवाई के साथ ही लाइसेेंस भी रद्द हो सकता है। जिले में करीब 16 हजार असलहाधारक हैं।
प्रदेश में बड़े पैमाने पर लाइसेंसी असलहों के दुरुपयोग, कारतूसों के अवैध बिक्री सहित अन्य मामले सामने आए हैं। माना जा रहा है कि लाइसेंस पर कारतूस खरीदकर बदमाशों को बेच दिया जाता है। अपराधियों की धरपकड़ में तमंचे का नेटवर्क तो टूट रहा, लेकिन गोलियों को लेकर पुलिस कार्रवाई नहीं कर पा रही। हाल ही में कानपुर में पुलिस टीम पर हुए हमले के बाद अपराधियों के पास मिली कारतूस लाइसेंसी असलहों पर खरीदी गई थी। ऐेसे में कारतूसों की कालाबाजारी और उनके दुरुपयोेग की आशंका के चलते प्रदेश भर में जांच के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए असलहाधारकों के घर-घर जाकर कारतूसों का हिसाब लिया जाएगा। जांच की हर सप्ताह रिपोर्ट दर्ज कर अधिकारियों को देनी होगी।
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इनका कहना है
इस तरह के आदेश समय-समय पर मिलते रहते हैं। लाइसेंसी असलहों की गोलियों का दुरुपयोग रोकने के लिए इन दिनों जांच कराई जा रही है। असलहाधारकों को हर हाल में कारतूसों का हिसाब देना होगा।
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समर बहादुर सिंह-एएसपी
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शासन के निर्देश पर जिले में शुरू हुई जांच-पड़ताल
संवाद न्यूज एजेंसी
मंझनपुर। असलहाधारकों को एक-एक गोली का पूरा हिसाब रखना होगा। अब पुलिस घर पर आकर पड़ताल करेगी। असलहाधारकों को बताना होगा कि शस्त्र लाइसेंस पर कुल कितने कारतूस खरीदे और उनका इस्तेमाल कब-कब और किन परिस्थितियों में किया। सही जवाब नहीं देने पर कार्रवाई के साथ ही लाइसेेंस भी रद्द हो सकता है। जिले में करीब 16 हजार असलहाधारक हैं।
प्रदेश में बड़े पैमाने पर लाइसेंसी असलहों के दुरुपयोग, कारतूसों के अवैध बिक्री सहित अन्य मामले सामने आए हैं। माना जा रहा है कि लाइसेंस पर कारतूस खरीदकर बदमाशों को बेच दिया जाता है। अपराधियों की धरपकड़ में तमंचे का नेटवर्क तो टूट रहा, लेकिन गोलियों को लेकर पुलिस कार्रवाई नहीं कर पा रही। हाल ही में कानपुर में पुलिस टीम पर हुए हमले के बाद अपराधियों के पास मिली कारतूस लाइसेंसी असलहों पर खरीदी गई थी। ऐेसे में कारतूसों की कालाबाजारी और उनके दुरुपयोेग की आशंका के चलते प्रदेश भर में जांच के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए असलहाधारकों के घर-घर जाकर कारतूसों का हिसाब लिया जाएगा। जांच की हर सप्ताह रिपोर्ट दर्ज कर अधिकारियों को देनी होगी।
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इनका कहना है
इस तरह के आदेश समय-समय पर मिलते रहते हैं। लाइसेंसी असलहों की गोलियों का दुरुपयोग रोकने के लिए इन दिनों जांच कराई जा रही है। असलहाधारकों को हर हाल में कारतूसों का हिसाब देना होगा।
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समर बहादुर सिंह-एएसपी