{"_id":"68b9ea841c083edebc055de9","slug":"now-high-risk-pregnant-women-will-get-treatment-facility-in-chc-kaushambi-news-c-261-1-kmb1002-129827-2025-09-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kaushambi News: अब सीएचसी में हाई-रिस्क गर्भवती महिलाओं को इलाज की मिलेगी सुविधा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kaushambi News: अब सीएचसी में हाई-रिस्क गर्भवती महिलाओं को इलाज की मिलेगी सुविधा
Fri, 05 Sep 2025 01:07 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Fri, 05 Sep 2025 01:07 AM IST
विज्ञापन
सिराथू सीएचसी में हाई-रिस्क की महिला का उपचार करते अधीक्षक। संवाद
सीएचसी में हाई-रिस्क गर्भवती महिलाओं को अब इलाज की सुविधा उपलब्ध होगी। यहां पर एनीमिया प्रबंधन कक्ष का शुभारंभ किया गया। अभी तक खून की कमी या अन्य जटिलताओं के मामले में गर्भवती महिलाओं को मेडिकल कॉलेज भेजना पड़ता था। मरीजों को लाने-ले जाने में समय और परेशानी होती थी।
अधीक्षक डॉ. अरुण कुमार तिवारी ने बताया कि सिराथू ब्लॉक की करीब तीन लाख की आबादी को स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने वाले इस सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रसव और ऑपरेशन की सुविधा पहले से है। हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं के लिए बेहतर प्रबंधन न होने के चलते, खून की कमी पाए जाने पर मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला चिकित्सालय के लिए रेफर करना पड़ता था। अब एनीमिया कक्ष बनने से यहां पर मरीजों को तत्काल उपचार मिलेगा।
बता दें कि महीने में दो दिन आयोजित होने वाले एचआरपी डे में 25 से 30 गर्भवती महिलाओं की जांच होती है जिनमें से कई को खून की कमी की वजह से हाई रिस्क की श्रेणी में रखा जाता है। पहले इन महिलाओं का इलाज जिला अस्पताल में ही होता था लेकिन अब सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पर्याप्त व्यवस्था होने से स्थानीय स्तर पर ही इलाज हो सकेगा। इससे मरीजों और उनके परिजनों को राहत मिलेगी तथा गर्भवती महिलाओं के लिए सुरक्षित माहौल तैयार होगा।
विज्ञापन
- सिराथू सीएचसी में शुरू हुआ एनीमिया प्रबंधन कक्ष हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं के लिए बड़ी राहत है। पहले खून की कमी या जटिलता पर मरीजों को मेडिकल कॉलेज भेजना पड़ता था। अब स्थानीय स्तर पर ही दवाएं और उपचार उपलब्ध रहेंगे। इससे समय की बचत होगी और मातृ स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार होगा। -डॉ. संजय कुमार, सीएमओ
विज्ञापन
अधीक्षक डॉ. अरुण कुमार तिवारी ने बताया कि सिराथू ब्लॉक की करीब तीन लाख की आबादी को स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने वाले इस सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रसव और ऑपरेशन की सुविधा पहले से है। हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं के लिए बेहतर प्रबंधन न होने के चलते, खून की कमी पाए जाने पर मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला चिकित्सालय के लिए रेफर करना पड़ता था। अब एनीमिया कक्ष बनने से यहां पर मरीजों को तत्काल उपचार मिलेगा।
विज्ञापन
बता दें कि महीने में दो दिन आयोजित होने वाले एचआरपी डे में 25 से 30 गर्भवती महिलाओं की जांच होती है जिनमें से कई को खून की कमी की वजह से हाई रिस्क की श्रेणी में रखा जाता है। पहले इन महिलाओं का इलाज जिला अस्पताल में ही होता था लेकिन अब सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पर्याप्त व्यवस्था होने से स्थानीय स्तर पर ही इलाज हो सकेगा। इससे मरीजों और उनके परिजनों को राहत मिलेगी तथा गर्भवती महिलाओं के लिए सुरक्षित माहौल तैयार होगा।
विज्ञापन
- सिराथू सीएचसी में शुरू हुआ एनीमिया प्रबंधन कक्ष हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं के लिए बड़ी राहत है। पहले खून की कमी या जटिलता पर मरीजों को मेडिकल कॉलेज भेजना पड़ता था। अब स्थानीय स्तर पर ही दवाएं और उपचार उपलब्ध रहेंगे। इससे समय की बचत होगी और मातृ स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार होगा। -डॉ. संजय कुमार, सीएमओ