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संस्थागत प्रसव की खराब प्रगति पर पांच चिकित्साधिकारियों को नोटिस
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Notice to five medical officers on poor progress of institutional delivery
- फोटो : KAUSHAMBI
संस्थागत प्रसव की खराब प्रगति पर पांच चिकित्साधिकारियों को नोटिस
जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कलक्ट्रेट में हुई स्वास्थ्य समिति की बैठक
संवाद न्यूज एजेंसी
मंझनपुर। कलक्ट्रेट स्थित सम्राट उदयन सभागार में मंगलवार को जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक हुई। समीक्षा के दौरान संस्थागत प्रसव की स्थिति खराब पाए जाने पर पांच चिकित्साधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। डीएम ने चेताया कि मनमानी करने पर कार्रवाई की जाएगी।
जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने जननी सुरक्षा योजना, परिवार कल्याण कार्यक्रम, टीकारण कार्यक्रम, नगरीय स्वास्थ्य कार्यक्रम, राष्ट्रीय अंधता निवारण कार्यक्रम, पीसीपीएनडीटी, राष्ट्रीय क्षय नियंत्रण कार्यक्रम, आयुष्मान भारत योजना, प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना आदि की समीक्षा की। जननी सुरक्षा योजना के तहत संस्थागत प्रसव की प्रगति खराब पाए जाने पर मूरतगंज, सरसवां, कड़ा, सिराथू एवं कनैली स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्साधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया। डीएम ने नाराजगी व्यक्त करते हुए 31 दिसंबर 2019 तक संस्थागत प्रसव की प्रगति ठीक करने का निर्देश दिया। चेताया कि इसके बाद प्रतिकूल प्रविष्टि दी जाएगी। जिला चिकित्सालय में भी संस्थागत प्रसव की प्रगति खराब मिली। इसपर डीएम ने सीएमएस को जरू री निर्देश दिए।
संस्थागत प्रसव में अपेक्षित सहयोग न देने वाली आशा तथा एनएनएम के विरूद्ध भी कार्रवाई का निर्देश सीएमओ को दिया। सभी प्रभारी चिकित्साधिकारियों को शत-प्रतिशत संस्थागत प्रसव सुनिश्चित कराने की सलाह दी। ये भी कहाकि प्रसूताओं को दिए जाने वाले इंसेटिव का भुगतान समय पर किया जाना चाहिए। प्रसव के बाद जच्चा एवं बच्चा को कम से कम 48 घंटे अस्पताल में ही रखा जाए। जिलाधिकारीने सभी एमओआईसी को निर्देशित किया कि वे आशाओं को घर-घर भेजकर गर्भवती महिलाओं की पहचान कराकर उनका रजिस्ट्रेशन करना सुनिश्चित करें। परिवार कल्याण कार्यक्रम के तहत पुरुष एवं महिला की नसबंदी की खराब प्रगति मिलने पर सभी प्रभारी चिकित्साधिकारियोंको फटकार लगाई। साथ ही कैंप लगाकर लक्ष्य के सापेक्ष नसबंदी कराने का निर्देश दिया। इस मौके पर मुख्य विकास अधिकारी इन्द्रसेन सिंह, मुख्यचिकित्साधिकारी डॉ पीएन चतुर्वेदी, मुख्य चिकित्साधीक्षक डॉ दीपक सेठ आदि मौजूद रहे।
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जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कलक्ट्रेट में हुई स्वास्थ्य समिति की बैठक
संवाद न्यूज एजेंसी
मंझनपुर। कलक्ट्रेट स्थित सम्राट उदयन सभागार में मंगलवार को जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक हुई। समीक्षा के दौरान संस्थागत प्रसव की स्थिति खराब पाए जाने पर पांच चिकित्साधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। डीएम ने चेताया कि मनमानी करने पर कार्रवाई की जाएगी।
जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने जननी सुरक्षा योजना, परिवार कल्याण कार्यक्रम, टीकारण कार्यक्रम, नगरीय स्वास्थ्य कार्यक्रम, राष्ट्रीय अंधता निवारण कार्यक्रम, पीसीपीएनडीटी, राष्ट्रीय क्षय नियंत्रण कार्यक्रम, आयुष्मान भारत योजना, प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना आदि की समीक्षा की। जननी सुरक्षा योजना के तहत संस्थागत प्रसव की प्रगति खराब पाए जाने पर मूरतगंज, सरसवां, कड़ा, सिराथू एवं कनैली स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्साधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया। डीएम ने नाराजगी व्यक्त करते हुए 31 दिसंबर 2019 तक संस्थागत प्रसव की प्रगति ठीक करने का निर्देश दिया। चेताया कि इसके बाद प्रतिकूल प्रविष्टि दी जाएगी। जिला चिकित्सालय में भी संस्थागत प्रसव की प्रगति खराब मिली। इसपर डीएम ने सीएमएस को जरू री निर्देश दिए।
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संस्थागत प्रसव में अपेक्षित सहयोग न देने वाली आशा तथा एनएनएम के विरूद्ध भी कार्रवाई का निर्देश सीएमओ को दिया। सभी प्रभारी चिकित्साधिकारियों को शत-प्रतिशत संस्थागत प्रसव सुनिश्चित कराने की सलाह दी। ये भी कहाकि प्रसूताओं को दिए जाने वाले इंसेटिव का भुगतान समय पर किया जाना चाहिए। प्रसव के बाद जच्चा एवं बच्चा को कम से कम 48 घंटे अस्पताल में ही रखा जाए। जिलाधिकारीने सभी एमओआईसी को निर्देशित किया कि वे आशाओं को घर-घर भेजकर गर्भवती महिलाओं की पहचान कराकर उनका रजिस्ट्रेशन करना सुनिश्चित करें। परिवार कल्याण कार्यक्रम के तहत पुरुष एवं महिला की नसबंदी की खराब प्रगति मिलने पर सभी प्रभारी चिकित्साधिकारियोंको फटकार लगाई। साथ ही कैंप लगाकर लक्ष्य के सापेक्ष नसबंदी कराने का निर्देश दिया। इस मौके पर मुख्य विकास अधिकारी इन्द्रसेन सिंह, मुख्यचिकित्साधिकारी डॉ पीएन चतुर्वेदी, मुख्य चिकित्साधीक्षक डॉ दीपक सेठ आदि मौजूद रहे।
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