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41 चिकित्साधिकारियों को नोटिस
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41 चिकित्साधिकारियों को नोटिस
एक लाख 16 हजार 151 परिवार आयुष्मान भारत योजना के तहत किए गए हैं चिन्हित
सोमवार शाम तक 62 हजार 386 लाभार्थियों का ही कार्ड बनाया जा सका: सीएमओ
जिलाधिकारी ने कार्ड बनाने का लक्ष्य पूरा करने की 30 नवंबर तक दी मोहलत
संवाद न्यूज एजेंसी
मंझनपुर। आयुष्मान भारत योजना में दिलचस्पी नहीं दिखाना दोआबा के 41 सीएचसी, पीएचसी और न्यू पीएचसी अधीक्षकों को महंगा पड़ सकता है। नाराज जिलाधिकारी ने मंगलवार को नोटिस भेजकर 30 नवंबर तक गोल्डेन कार्ड बनाने का लक्ष्य पूरा करने की मोहलत दी है। इसके बाद भी स्थिति में सुधार नहीं होने पर कार्रवाई करने की चेतावनी दी है।
आर्थिक तंगी से जूझ रहे उद्योगविहीन कौशाम्बी जिले में केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत के तहत जिले में एक लाख 16 हजार 151 परिवारों का चयन किया गया है। इन परिवारों के सभी सदस्यों का गोल्डेन कार्ड बनाया जाना है। बताया जाता है कि अधिकारियों का फोकस इस पर है कि कम से कम परिवार के मुखिया का कार्ड बन ही जाए। हफ्ते भर पहले जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने समीक्षा की तो पाया कि प्राथमिक, न्यू प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी गोल्डेन कार्ड बनवाने में अपेक्षित सहयोग नहीं कर रहे हैं। इसकी वजह से गोल्डेन कार्ड बनाए जाने की प्रगति काफी खराब है। इसके बाद जिलाधिकारी बिफर गए। मंगलवार को उन्होंने जिले की समस्त सात सीएचसी, छह पीएचसी व 28 न्यू पीएचसी प्रभारियों को चेतावनी नोटिस भेज दी। निर्देश दिया है कि 30 नवंबर तक चिन्हित किए गए सभी परिवारों के एक सदस्य का कार्ड जरूर बन जाना चाहिए। ऐसा नहीं हुआ तो संबंधित सीएचसी-पीएचसी प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। वहीं सीएमओ डॉ. दीपेंद्र मालवीय ने बताया कि सोमवार शाम तक 62 हजार 386 लाभार्थियों का ही कार्ड बनाया जा सका। इससे साफ है कि कार्ड बनाए जाने की स्थिति जनपद में खराब है। इसी का नतीजा है कि अब जिलाधिकारी खुद मॉनीटरिंग करने के साथ नोटिस जारी करने लगे हैं।
इनका कहना है
गोल्डेन कार्ड बनवाने में अपेक्षित सहयोग नहीं देने पर जिले के सभी सीएचसी-पीएचसी प्रभारियों को नोटिस दिया गया है। 30 नवंबर तक प्रगति में सुधार नहीं हुआ तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।- मनीष कुमार वर्मा-जिलाधिकारी।
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एक लाख 16 हजार 151 परिवार आयुष्मान भारत योजना के तहत किए गए हैं चिन्हित
सोमवार शाम तक 62 हजार 386 लाभार्थियों का ही कार्ड बनाया जा सका: सीएमओ
जिलाधिकारी ने कार्ड बनाने का लक्ष्य पूरा करने की 30 नवंबर तक दी मोहलत
संवाद न्यूज एजेंसी
मंझनपुर। आयुष्मान भारत योजना में दिलचस्पी नहीं दिखाना दोआबा के 41 सीएचसी, पीएचसी और न्यू पीएचसी अधीक्षकों को महंगा पड़ सकता है। नाराज जिलाधिकारी ने मंगलवार को नोटिस भेजकर 30 नवंबर तक गोल्डेन कार्ड बनाने का लक्ष्य पूरा करने की मोहलत दी है। इसके बाद भी स्थिति में सुधार नहीं होने पर कार्रवाई करने की चेतावनी दी है।
आर्थिक तंगी से जूझ रहे उद्योगविहीन कौशाम्बी जिले में केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत के तहत जिले में एक लाख 16 हजार 151 परिवारों का चयन किया गया है। इन परिवारों के सभी सदस्यों का गोल्डेन कार्ड बनाया जाना है। बताया जाता है कि अधिकारियों का फोकस इस पर है कि कम से कम परिवार के मुखिया का कार्ड बन ही जाए। हफ्ते भर पहले जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने समीक्षा की तो पाया कि प्राथमिक, न्यू प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी गोल्डेन कार्ड बनवाने में अपेक्षित सहयोग नहीं कर रहे हैं। इसकी वजह से गोल्डेन कार्ड बनाए जाने की प्रगति काफी खराब है। इसके बाद जिलाधिकारी बिफर गए। मंगलवार को उन्होंने जिले की समस्त सात सीएचसी, छह पीएचसी व 28 न्यू पीएचसी प्रभारियों को चेतावनी नोटिस भेज दी। निर्देश दिया है कि 30 नवंबर तक चिन्हित किए गए सभी परिवारों के एक सदस्य का कार्ड जरूर बन जाना चाहिए। ऐसा नहीं हुआ तो संबंधित सीएचसी-पीएचसी प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। वहीं सीएमओ डॉ. दीपेंद्र मालवीय ने बताया कि सोमवार शाम तक 62 हजार 386 लाभार्थियों का ही कार्ड बनाया जा सका। इससे साफ है कि कार्ड बनाए जाने की स्थिति जनपद में खराब है। इसी का नतीजा है कि अब जिलाधिकारी खुद मॉनीटरिंग करने के साथ नोटिस जारी करने लगे हैं।
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इनका कहना है
गोल्डेन कार्ड बनवाने में अपेक्षित सहयोग नहीं देने पर जिले के सभी सीएचसी-पीएचसी प्रभारियों को नोटिस दिया गया है। 30 नवंबर तक प्रगति में सुधार नहीं हुआ तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।- मनीष कुमार वर्मा-जिलाधिकारी।
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