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दवा न डॉक्टर, कैसे होगा मरीजों का इलाज
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
Updated Sun, 10 Sep 2017 01:48 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र करारी में दवाएं नहीं हैं। आने वाले मरीजों से डॉक्टर बाहर से दवाएं व इंजेक्शन मंगाकर इलाज करते हैं। दो डॉक्टर तैनात हैं, लेकिन एक ही डॉक्टर की मौजूदगी रहती है। अस्पताल की बदहाल सेवाओं से लोगों में गुस्सा है।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र करारी में शनिवार को करीब 15 मरीज आए थे। इनमें कैमुल हैदर सिर पर लगी चोट की पट्टी कराने आया था। डॉक्टर इशरार अहमद मरीजों का इलाज कर रहे थे। कैमुल हैदर काफी देर तक मरहम पट्टी होने का इंतजार करता रहा, लेकिन उसकी पट्टी नहीं हुई। पूछने पर बताया गया कि वार्ड ब्वाय यहां डेढ़ साल से नहीं है। फार्मासिस्ट खाली होगा तो पट्टी होगी। इसके बाद डॉक्टर ने सभी मरीजों का चेकअप किया और दवाएं लिखी। एक भी मरीज को अस्पताल के स्टोर से दवा नहीं मिली।
सभी मरीजों ने बाहर से दवाएं व इंजेक्शन खरीदा। इसके बाद वे वापस डॉक्टर को दवा दिखाने भी आए। पूछने पर बताया कि अस्पताल में विटामिन, डीसीएम सिरप, ईसीएम टेबलेट, मॉक्सी कैप्सूल के अलावा कई महत्वपूर्ण इंजेक्शन भी नहीं हैं। मेट्रोजेल व सेप्ट्रान टेलबेट बी नहीं है। अस्पताल की इस अव्यवस्था को लेकर लोगों में गुस्सा है। उनका कहना है कि दवाएं आती हैं तो कहां जाती हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि वह मामले की शिकायत अधिकारियों से करेंगे।
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प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र करारी में शनिवार को करीब 15 मरीज आए थे। इनमें कैमुल हैदर सिर पर लगी चोट की पट्टी कराने आया था। डॉक्टर इशरार अहमद मरीजों का इलाज कर रहे थे। कैमुल हैदर काफी देर तक मरहम पट्टी होने का इंतजार करता रहा, लेकिन उसकी पट्टी नहीं हुई। पूछने पर बताया गया कि वार्ड ब्वाय यहां डेढ़ साल से नहीं है। फार्मासिस्ट खाली होगा तो पट्टी होगी। इसके बाद डॉक्टर ने सभी मरीजों का चेकअप किया और दवाएं लिखी। एक भी मरीज को अस्पताल के स्टोर से दवा नहीं मिली।
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सभी मरीजों ने बाहर से दवाएं व इंजेक्शन खरीदा। इसके बाद वे वापस डॉक्टर को दवा दिखाने भी आए। पूछने पर बताया कि अस्पताल में विटामिन, डीसीएम सिरप, ईसीएम टेबलेट, मॉक्सी कैप्सूल के अलावा कई महत्वपूर्ण इंजेक्शन भी नहीं हैं। मेट्रोजेल व सेप्ट्रान टेलबेट बी नहीं है। अस्पताल की इस अव्यवस्था को लेकर लोगों में गुस्सा है। उनका कहना है कि दवाएं आती हैं तो कहां जाती हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि वह मामले की शिकायत अधिकारियों से करेंगे।
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