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Kaushambi News: लर्निंग लैब के रूप में विकसित होंगे नौ आंगनबाड़ी केंद्र
Wed, 02 Aug 2023 01:10 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Wed, 02 Aug 2023 01:10 AM IST
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मंझनपुर। स्कूल पूर्व शिक्षा, टीकाकरण, स्वास्थ्य शिक्षा आदि सेवाओं को वृहद स्तर पर ले जाने के लिए शासन ने योजना बनाई है। इसके लिए जनपद के प्रत्येक ब्लाॅक में एक-एक आंगनबाड़ी केंद्र को लर्निंग लैब के रूप में विकसित किया जाएगा। जिसमें पेयजल, शौचालय, ब्लैक बाेर्ड अथवा ग्रीन बोर्ड आदि की सुविधाएं दी जाएंगी।
जनपद में 1775 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं। अब सरकार आंगनबाड़ी केंद्रों का उच्चीकरण करने जा रही है। इसके लिए प्रथम चरण में ब्लाॅक से एक-एक केंद्र का चयन कर कायाकल्प करते हुए लर्निंग लैब के रूप तैयार किया जाएगा। अभियान के तहत तीन से चार साल के बच्चों को रंगों की जानकारी देना, पेड़-पौधों, फूल आदि की जानकारी के साथ अक्षर ज्ञान भी कराया जाएगा।
डीपीओ सुरेश गुप्ता ने बताया कि लर्निंग लैब को 18 मानकों के साथ तैयार किया जाएगा। इसमें स्वच्छ पेयजल, ओवरहेड टैंक के साथ नल जल आपूर्ति, शौचालय एवं मूत्रालय में नल जल आपूर्ति, क्रियाशील बाल मैत्रिक शौचालय, क्रियाशील महिला शौचालय, क्रियाशील बाल मैत्रिक मूत्रालय, शौचालय में टाइल लगाना, आंगनबाड़ी केंद्र के फर्श का टाइलीकरण, दिव्यांग मैत्रिक शौचालय, कक्षा कक्ष में उचित ऊंचाई के साथ ब्लैक या ग्रीन बोर्ड, केंद्र पर रंगाई पुताई और चित्रकारी, दिव्यांग लाभार्थियो के लिए रेलिंग युक्त रैंप, विद्युत संयोजन एवं आपूर्ति, सुरक्षित वायरिंग के साथ लाइट पंखे, फर्नीचर, गेट के साथ बाउंड्रीवाल के अलावा रसोई में सिंक के साथ नल-जल की व्यवस्था के मानक पूरे किए जाएंगे।
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जिले के हर ब्लाॅक से एक-एक आंगनबाड़ी केंद्र को लर्निंग लैब के रूप में विकसित करने की योजना है। इससे बच्चों का बौद्धिक विकास हो सकेगा। चयनित आंगनबाड़ी केंद्रों पर जरूरी सुविधा उपलब्ध हाेंगी।-सुरेश गुप्ता, डीपीओ
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जनपद में 1775 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं। अब सरकार आंगनबाड़ी केंद्रों का उच्चीकरण करने जा रही है। इसके लिए प्रथम चरण में ब्लाॅक से एक-एक केंद्र का चयन कर कायाकल्प करते हुए लर्निंग लैब के रूप तैयार किया जाएगा। अभियान के तहत तीन से चार साल के बच्चों को रंगों की जानकारी देना, पेड़-पौधों, फूल आदि की जानकारी के साथ अक्षर ज्ञान भी कराया जाएगा।
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डीपीओ सुरेश गुप्ता ने बताया कि लर्निंग लैब को 18 मानकों के साथ तैयार किया जाएगा। इसमें स्वच्छ पेयजल, ओवरहेड टैंक के साथ नल जल आपूर्ति, शौचालय एवं मूत्रालय में नल जल आपूर्ति, क्रियाशील बाल मैत्रिक शौचालय, क्रियाशील महिला शौचालय, क्रियाशील बाल मैत्रिक मूत्रालय, शौचालय में टाइल लगाना, आंगनबाड़ी केंद्र के फर्श का टाइलीकरण, दिव्यांग मैत्रिक शौचालय, कक्षा कक्ष में उचित ऊंचाई के साथ ब्लैक या ग्रीन बोर्ड, केंद्र पर रंगाई पुताई और चित्रकारी, दिव्यांग लाभार्थियो के लिए रेलिंग युक्त रैंप, विद्युत संयोजन एवं आपूर्ति, सुरक्षित वायरिंग के साथ लाइट पंखे, फर्नीचर, गेट के साथ बाउंड्रीवाल के अलावा रसोई में सिंक के साथ नल-जल की व्यवस्था के मानक पूरे किए जाएंगे।
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जिले के हर ब्लाॅक से एक-एक आंगनबाड़ी केंद्र को लर्निंग लैब के रूप में विकसित करने की योजना है। इससे बच्चों का बौद्धिक विकास हो सकेगा। चयनित आंगनबाड़ी केंद्रों पर जरूरी सुविधा उपलब्ध हाेंगी।-सुरेश गुप्ता, डीपीओ