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मां-बेटी को चार-चार साल की कैद
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
Updated Sat, 23 Dec 2017 01:08 AM IST
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अदालत।
- फोटो : amar ujala
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करारी के पारा हसनपुर गांव की मां-बेटी को विशेष अदालत ने शुक्रवार को चार-चार साल कैद की सजा सुनाई। गांव की युवती को घर की बहू बनाने का झांसा देकर गर्भ में पल रही नन्हीं जान को मौत की नींद सुला दिया था। अदालत ने कारावास के साथ छह-छह हजार रुपए जुर्माना भी वसूल करने का आदेश दिया है।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक करारी के पारा हसनपुर गांव की एक युवती को पड़ोसी मैसर प्रेम जाल में फंसाकर भगा ले गया था। युवती के गर्भवती होने पर परिवार आरोपी युवक की मां जुलेखा और बहन सैदी उसे बहू बनाने का झांसा देकर इलाहाबाद के एक निजी अस्पताल ले गईं और जान से मारने की धमकी देते हुए गर्भपात करा दिया। इसके बाद गांव लाकर छोड़ दिया। धमकी दी थी कि किसी से कोई शिकायत की तो अंजाम ठीक नहीं होगा।
पीड़िता के पिता की तहरीर पर 20 मई 2015 को करारी पुलिस ने आरोपी मां-बेटी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करते हुए आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। दो साल तक मामला अपर सत्र न्यायाधीश द्वितीय विशेष अनुपम कुमार की अदालत में चला। अभियोजन पक्ष से शासकीय अधिवक्ता घनश्याम कुमार और बचाव पक्ष को सुनने के बाद अदालत ने मां-बेटी को दोषी पाते हुए चार-चार साल की कैद और छह-छह हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई।
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अभियोजन पक्ष के मुताबिक करारी के पारा हसनपुर गांव की एक युवती को पड़ोसी मैसर प्रेम जाल में फंसाकर भगा ले गया था। युवती के गर्भवती होने पर परिवार आरोपी युवक की मां जुलेखा और बहन सैदी उसे बहू बनाने का झांसा देकर इलाहाबाद के एक निजी अस्पताल ले गईं और जान से मारने की धमकी देते हुए गर्भपात करा दिया। इसके बाद गांव लाकर छोड़ दिया। धमकी दी थी कि किसी से कोई शिकायत की तो अंजाम ठीक नहीं होगा।
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पीड़िता के पिता की तहरीर पर 20 मई 2015 को करारी पुलिस ने आरोपी मां-बेटी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करते हुए आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। दो साल तक मामला अपर सत्र न्यायाधीश द्वितीय विशेष अनुपम कुमार की अदालत में चला। अभियोजन पक्ष से शासकीय अधिवक्ता घनश्याम कुमार और बचाव पक्ष को सुनने के बाद अदालत ने मां-बेटी को दोषी पाते हुए चार-चार साल की कैद और छह-छह हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई।
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