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Kaushambi : गड्ढे की खुदाई के दौरान मिले एक हजार से अधिक सिक्के, एक हजार साल पुराने बताए जा रहे

Thu, 04 Sep 2025 04:15 PM IST
विनोद सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांंबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांंबी Published by: विनोद सिंह Updated Thu, 04 Sep 2025 04:15 PM IST
सार

चायल तहसील के प्राथमिक विद्यालय में वाटर हार्वेस्टिंग निर्माण के लिए गड्ढा खोदाई का कार्य चल रहा है। बुधवार दोपहर खुदाई का काम कर रहे मजदूर तब स्तब्ध रह गए जब जमीन की खोदाई में मिट्टी के बर्तन से सिक्के निकलना शुरू हो गया।

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More than a thousand coins found during the excavation of the pit, said to be a thousand years old
कौशाम्बी के चायल में खुदाई के दौरान मिले मुगलकालीन सिक्के। - फोटो : संवाद।

विस्तार

चायल तहसील के प्राथमिक विद्यालय में वाटर हार्वेस्टिंग निर्माण के लिए गड्ढा खोदाई का कार्य चल रहा है। बुधवार दोपहर खुदाई का काम कर रहे मजदूर तब स्तब्ध रह गए जब जमीन की खोदाई में मिट्टी के बर्तन से सिक्के निकलना शुरू हो गया। पहले तो सोने, चांदी के सिक्कों का हो हल्ला हुआ, लेकिन जब विद्यालय के अध्यापकों ने इनमें से कुछ सिक्कों को धोकर देखा तो यह मुगल काल के सिक्के तांबे के प्रतीत हो रहे थे। फिलहाल यह सिक्के मजदूरों के पास हैं। कई सिक्के इधर उधर के लोग अपने घर उठा ले गए।

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प्राथमिक विद्यालय कठरा में वाटर हार्वेस्टिंग के लिए गढ्ढा खुदाई का निर्माण का कार्य चल रहा है। रोजगार सेवक संजीत कुमार व प्रधान मीना देवी के परिवारीजन खोदाई के कार्य की निगरानी रख रहे हैं। बुधवार को अचानक गढ्ढे की खोदाई के दौरान जमीन के नीचे मिट्टी के बर्तन में फावड़ा लगा तो सैकड़ों पुराने सिक्के बाहर निकल आए। मजदूरों ने इसकी जानकारी रोजगार सेवक समेत अध्यापको को दी। मजदूरों ने गढ्ढे की खुदाई कर सिक्कों को बाहर निकला। रोजगार सेवक संजीत कुमार के मुताबिक सिक्कों का वजन करीब एक किलो तक है।
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सिक्कों की संख्या एक सौ  के करीब है। कई सिक्कों को लोगों ने अपने पास रख लिया, जबकि ज्यादातर सिक्के अभी मजदूरों के पास ही हैं। एक सिक्के की धुलाई कर पत्थर में रगड़ने के बाद यह तय हो गया कि सिक्के दो गनी तांबे के हैं। लोगों का कहना है कि हस्त निर्मित सिक्के एक हजार साल पहले मो. शाह आलम के समय के हो सकते हैं। इस संबंध में सीडीओ विनोद राम त्रिपाठी ने बताया कि मामले की जानकारी नहीं है। फिलहाल पता करवा कर क्षेत्रीय पुरातत्व विभाग से सिक्कों की जांच करवाई जाएगी।

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