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मूरतगंज ब्लॉक में तीन करोड़ का घोटाला

Fri, 11 Nov 2016 12:37 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी Updated Fri, 11 Nov 2016 12:37 AM IST
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मूरतगंज ब्लॉक में तीन करोड़ से ज्यादा का घोटाला हुआ है। विकास कार्यों की रकम कागजों में हेराफेरी कर पूर्व बीडीओ डकार गए हैं। इस मामले में ब्लॉक प्रमुख पर भी गंभीर आरोप लगे हैं। इससे ब्लॉक के कर्मचारी सकते में हैं। पूर्व बीडीओ व ब्लॉक प्रमुख पर लगे बिंदुवार आरोपों की जांच एडीएम को सौंपी गई थी। 15 दिन के भीतर एडीएम को रिपोर्ट भेजना था, लेकिन यह रिपोर्ट अभी तक शासन को नहीं मिली है। इस पर शासन स्तर के अधिकारियों ने नाराजगी भी जताई है।
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  क्षेत्र पंचायत निधि से मूरतगंज ब्लॉक में बड़े पैमाने पर रकम की हेराफेरी हुई है। जिन कामों को ग्राम पंचायत ने कराया था, उन्हीं कार्यों को क्षेत्र पंचायत से दिखाकर तीन करोड़ 29 लाख रुपये की रकम निकाली गई है। यह रुपया बैंक ऑफ बड़ौदा की शाखा मूरतगंज से तत्कालीन बीडीओ रविशंकर राय और ब्लॉक प्रमुख सऊद के संयुक्त हस्ताक्षर से निकाली गई है। विभागीय जांच में फरवरी माह में इसका खुलासा हुआ था। प्रकरण की जांच तत्कालीन एडीओ पंचायत विनय उपाध्याय को दी गई थी।
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जांच के बाद एडीओ पंचायत ने अपनी रिपोर्ट अधिकारियों को दी। जिसमें उन्होंने जिक्र किया था कि क्षेत्र पंचायत निधि से कराए गए कार्यों में गड़बड़ी हुई है। रुपये का भुगतान नियम के विपरीत किया गया है। अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए इसकी रिपोर्ट शासन को भेजी थी। शासन ने इस मामले की जांच रिपोर्ट एडीएम से 15 दिन के भीतर मांगी थी, लेकिन अभी तक शासन को इसकी रिपोर्ट नहीं मिली। जिले के अधिकारी भी इस प्रकरण को लेकर चुप्पी साधे बैठे हैं। वह प्रकरण को ठंडे बस्ते में ले जाने की कोशिश कर रहे हैं।
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रिटायर्ड होने से पहले सस्पेंड हुए एडीओ
विभागीय जांच में करोड़ों का घोटाला सामने आने के बाद अधिकारियों ने प्रकरण की जांच मूरतगंज ब्लॉक के तत्कालीन एडीओ (पंचायत) विनय उपाध्याय को सौंपी थी। एडीओ ने अपनी जांच में तत्कालीन बीडीओ व ब्लॉक प्रमुख को ही इसके लिए जिम्मेदार ठहराया था। इसके बाद एडीओ पर भी गंभीर आरोप लगे। उनके खिलाफ भी तमाम खामियां अधिकारियों को मिली थीं। आरोप साबित होने पर एडीओ को रिटायर्ड होने से पहले अगस्त माह में सस्पेंड कर दिया गया था।


प्रकरण की जांच एडीएम को सौंपी गई है। एडीएम से इस संबंध में जल्द ही जांच रिपोर्ट मांगी जाएगी। यह रिपोर्ट शासन को भेजना है। इस मामले में शासन स्तर से ही कार्रवाई होनी है।
अखंड प्रताप सिंह, डीएम
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