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फतेहपुर के भू-माफिया ने कौशाम्बी में हड़पी करोड़ों की जमीन
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फतेहपुर के एक भू-माफिया ने अभिलेखों में हेराफेरी कर कौशाम्बी के कई गांवों में भूमि को अवैध तरीके से अपने नाम दर्ज करा लिया है। शिकायत पर सिराथू तहसील प्रशासन ने जांच कराई तो कोर्रों स्थित 10 बिस्वा भूमि संबंधित व्यक्ति के नाम दर्ज मिली। रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद तहसील प्रशासन ने प्रकरण की जांच शुरू की तो कुछ और गांवों की भूमि को अवैध तरीके से हड़पने का मामला प्रकाश में आया है।
फतेहपुर जनपद के बसवां गांव निवासी मोहनलाल ने सिराथू तहसील के कोर्रों गांव स्थित सड़क किनारे गाटा संख्या 109 को धोखाधड़ी कर वर्ष 2018 में अपने नाम दर्ज कराया। जिसकी कीमत इस समय एक करोड़ से अधिक है। शिकायत के आधार पर सिराथू एसडीएम विनय कुमार गुप्ता ने पूरे प्रकरण की जांच कराई तो स्पष्ट हुआ कि मोहनलाल ने वर्ष 1972 में इस भूमि को फर्जी तरीके से अपने बाबा शिवबरन के नाम दर्ज कराई थी।
वर्ष 2019 में यह जमीन मोहनलाल की मां जनक दुलारी के नाम दर्ज हो गई। कुछ दिन बाद इस भूमि को मोहनलाल ने अपने नाम दर्ज करा लिया। राजस्व विभाग की जांच में धोखाधड़ी कर भूमि हड़पने का मामला प्रकाश में आने पर लेखपाल रोहित अग्रहरि ने आरोपी के खिलाफ मंझनपुर कोतवाली में दो तीन पहले मुकदमा दर्ज कराया। प्रशासन ने प्रकरण की बारीकी से जांच शुरू कराई तो पता चला कि आरोपी ने कोर्रों ही नहीं, जनपद के और कई गांवों में भी फर्जीवाड़ा कर करोड़ों की भूमि अपने नाम दर्ज करा ली है।
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दूसरा मामला सिराथू तहसील क्षेत्र के डोरमा गांव का प्रकाश में आया है। यहां भी मोहनलाल ने धोखाधड़ी कर अपने पिता चंद्रपाल के नाम सड़क किनारे स्थित 10 बिस्वा भूमि दर्ज कराई है। सिराथू एसडीएम ने बताया कि तहसील क्षेत्र के कई गांवों की भूमि को अवैध तरीके से इस व्यक्ति ने अपने नाम दर्ज करा ली है। पूरे प्रकरण की जांच कराई जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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फतेहपुर जनपद के बसवां गांव निवासी मोहनलाल ने सिराथू तहसील के कोर्रों गांव स्थित सड़क किनारे गाटा संख्या 109 को धोखाधड़ी कर वर्ष 2018 में अपने नाम दर्ज कराया। जिसकी कीमत इस समय एक करोड़ से अधिक है। शिकायत के आधार पर सिराथू एसडीएम विनय कुमार गुप्ता ने पूरे प्रकरण की जांच कराई तो स्पष्ट हुआ कि मोहनलाल ने वर्ष 1972 में इस भूमि को फर्जी तरीके से अपने बाबा शिवबरन के नाम दर्ज कराई थी।
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वर्ष 2019 में यह जमीन मोहनलाल की मां जनक दुलारी के नाम दर्ज हो गई। कुछ दिन बाद इस भूमि को मोहनलाल ने अपने नाम दर्ज करा लिया। राजस्व विभाग की जांच में धोखाधड़ी कर भूमि हड़पने का मामला प्रकाश में आने पर लेखपाल रोहित अग्रहरि ने आरोपी के खिलाफ मंझनपुर कोतवाली में दो तीन पहले मुकदमा दर्ज कराया। प्रशासन ने प्रकरण की बारीकी से जांच शुरू कराई तो पता चला कि आरोपी ने कोर्रों ही नहीं, जनपद के और कई गांवों में भी फर्जीवाड़ा कर करोड़ों की भूमि अपने नाम दर्ज करा ली है।
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दूसरा मामला सिराथू तहसील क्षेत्र के डोरमा गांव का प्रकाश में आया है। यहां भी मोहनलाल ने धोखाधड़ी कर अपने पिता चंद्रपाल के नाम सड़क किनारे स्थित 10 बिस्वा भूमि दर्ज कराई है। सिराथू एसडीएम ने बताया कि तहसील क्षेत्र के कई गांवों की भूमि को अवैध तरीके से इस व्यक्ति ने अपने नाम दर्ज करा ली है। पूरे प्रकरण की जांच कराई जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।