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Kaushambi News: राजकीय नलकूप के रखरखाव पर बहे लाखों रुपये, नालियां सूखी

Mon, 18 May 2026 12:05 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी Updated Mon, 18 May 2026 12:05 AM IST
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Lakhs of rupees were spent on the maintenance of the government tube well, drains dried up.
चायल के फतेहपुर सहावपुर में बंद पड़ा सरकारी नलकूप। संवाद
किसानों को सिंचाई सुविधा देने के लिए स्थापित राजकीय नलकूप की मरम्मत और रखरखाव पर लाखों रुपये हर साल बह जा रहे हैं। इसके बावजूद नलकूपों की नालियां सूखी हुई हैं। जिले के 52 राजकीय नलकूप महीनों से बंद पड़े हैं। इससे 12 हजार बीघा खेती प्रभावित हो रही है।
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जिले में कुल 405 राजकीय नलकूप स्थापित हैं। इनमें कई नलकूप तकनीकी खराबी, ट्रांसफाॅर्मर फुंकने और रीबोर न होने के कारण बंद हैं। किसानों का आरोप है कि शिकायतों के बावजूद समाधान नहीं हो पा रहा है। जिससे उन्हें निजी बोरिंग और डीजल पंप के हारे सिंचाई करनी पड़ रही है।
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सिंचाई विभाग के अनुसार, पिछले दिनों 15 खराब नलकूपों की मरम्मत कर उन्हें चालू कराया गया है, जबकि सात नलकूपों पर अभी भी मरम्मत कार्य चल रहा है।
चायल क्षेत्र के फतेहपुर सहावपुर गांव का सरकारी नलकूप वर्षों से बंद पड़ा है। सिंहपुर गांव में भी यही स्थिति है। नेवादा ब्लॉक के जरैनी गांव में नलकूप खराब होने से किसानों को सिंचाई का पानी नहीं मिल पा रहा। वहीं गांव में नाली निर्माण न होने से एक अन्य नलकूप भी बंद पड़ा है, जिससे किसानों को कोई लाभ नहीं मिल रहा।
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गांव का राजकीय नलकूप करीब चार साल से खराब पड़ा है। पहले कम खर्च में खेतों की सिंचाई हो जाती थी, लेकिन अब निजी साधनों से पानी लेना पड़ रहा है। -रामलाल पटेल, कड़ा
विभागीय कर्मचारी सिर्फ कागजों में मरम्मत दिखाते हैं। धान की तैयारी के समय पानी नहीं मिलने से किसान परेशान हैं। -शिवबरन निषाद, चायल
डीजल इंजन से सिंचाई करने में खर्च कई गुना बढ़ गया है। इसका सबसे ज्यादा असर छोटे किसानों पर पड़ रहा है।-राज यादव, मंझनपुर
तीन नलकूप यांत्रिक दोष, एक विद्युत केबिल खराबी और तीन ट्रांसफाॅर्मर खराब होने के कारण बंद हैं। इसके अलावा 36 नलकूप फेल और परित्याग श्रेणी में हैं। इन नलकूपों के रीबोर का प्रस्ताव शासन को भेजा जाता है। शासन से स्वीकृति मिलते ही जुलाई में रीबोर की कार्रवाई कराई जाएगी। -एमके सिंह, अधिशासी अभियंता
फ्लोराइड मिला तो परित्याग करना पड़ा नलकूप


सिराथू ब्लॉक के कूरामुरीदन गांव में किसानों की मांग पर नया नलकूप स्थापित कराया गया था, लेकिन पानी में फ्लोराइड की मात्रा अधिक मिलने पर उसे परित्याग करना पड़ा। अधिशासी अभियंता एमके सिंह ने बताया कि फ्लोराइड युक्त पानी से लोगों में बीमारी फैलने की आशंका थी, इसलिए एहतियात के तौर पर नलकूप बंद कर दिया गया।


नलकूपों की स्थिति
- कुल राजकीय नलकूप : 405
- बंद पड़े नलकूप : 52

- हाल में मरम्मत किए गए नलकूप : 15

- मरम्मत कार्य जारी : 7

- प्रभावित किसान : करीब 6 हजार

- प्रभावित खेती : लगभग 12 हजार बीघा

चायल के फतेहपुर सहावपुर में बंद पड़ा सरकारी नलकूप। संवाद

चायल के फतेहपुर सहावपुर में बंद पड़ा सरकारी नलकूप। संवाद

चायल के फतेहपुर सहावपुर में बंद पड़ा सरकारी नलकूप। संवाद

चायल के फतेहपुर सहावपुर में बंद पड़ा सरकारी नलकूप। संवाद

चायल के फतेहपुर सहावपुर में बंद पड़ा सरकारी नलकूप। संवाद

चायल के फतेहपुर सहावपुर में बंद पड़ा सरकारी नलकूप। संवाद

चायल के फतेहपुर सहावपुर में बंद पड़ा सरकारी नलकूप। संवाद

चायल के फतेहपुर सहावपुर में बंद पड़ा सरकारी नलकूप। संवाद

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