कौशांबी : दो माह की बच्ची की लाश छत पर रखे पानी की टंकी में मिली, रात में बिस्तर से हो गई थी गायब
पिपरी गांव में रविवार देर रात मां के साथ सो रही दो माह की बच्ची रहस्यमय हालत में लापता हो गई। घटना की जानकारी पर पहुंची पुलिस ने खोजबीन शुरू की तभी वह बेहोशी की हालत में पानी की टंकी में मिली। बच्ची को प्रयागराज के अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां इलाज के दौरान बच्ची की मौत हो गई।
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पिपरी गांव में रविवार देर रात मां के साथ सो रही दो माह की बच्ची रहस्यमय हालत में लापता हो गई। घटना की जानकारी पर पहुंची पुलिस ने खोजबीन शुरू की तभी वह बेहोशी की हालत में पानी की टंकी में मिली। बच्ची को प्रयागराज के अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां इलाज के दौरान बच्ची की मौत हो गई। घटना से पीड़ित परिवार में कोहराम है।
पिपरी मजरा मखऊपुर निवासी वीरेंद्र कुमार पाल पीएसी में सिपाही हैं। वीरेंद्र की छोटी बहन कविता ने दो महीना पहले आईवीएफ के जरिए एक बेटी को जन्म दिया था। बेटी को जन्म देने के बाद कविता की तबीयत खराब रहती थी। इस वजह से वह अपने मायके में रहती है। कविता के मुताबिक रविवार रात करीब एक बजे उसने बच्ची को दूध पिलाया। बच्ची के सो जाने के बाद वह भी पास में सो गई।
इसी दौरान बच्ची रहस्मय हालत में लापता हो गई। बेटी को गायब देख कविता चीखने-चिल्लाने लगी तो परिवार के लोग उसके कमरे में पहुंचे। खोजबीन के बाद भी कोई पता नहीं चलने पर मामले की जानकारी पुलिस को दी गई। सूचना के बाद पहुंची पुलिस ने बच्ची की खोजबीन की। इस दौरान बच्ची घर के ऊपर रखी पानी की टंकी में बेहोश पड़ी मिली।
पुलिस व परिवार के सदस्य बच्ची को इलाज के लिए प्रयागराज के अस्पताल ले गए। जहां कुछ ही देर में बच्ची ने दम तोड़ दिया। घटना से पीड़ित परिवार में कोहराम है। मामले में वीरेंद्र की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कर छानबीन शुरू कर दिया है। इस बाबत इंस्पेक्टर श्रवण कुमार सिंह का कहना है कि बच्ची को गायब करने का प्रयास किया गया था। आरोपी ने पकड़े जाने के डर से बच्ची को पानी के टैक में फेंक दिया। घटना की छानबीन की जा रही है। जल्द ही मामले का खुलासा किया जाएगा।
शादी के 12 साल बाद आईपीएफ के जरिए पैदा हुई थी बेटी
पिपरी मजरा माखऊपुर निवासी इंद्रपाल के दूसरे नंबर की बेटी कविता की शादी 12 साल पहले सरायअकिल के तरनी गांव निवासी सेवानिवृत्त रेलकर्मी राम पाल के बेटे अवनीश के साथ हुई थी। शादी के बाद से उसकी पत्नी कविता को बच्चे नहीं हो रहे थे। संतान के लिए अवनीश कविता को दिल्ली ले गया। साल भर पहले कविता का आईवीएफ कराया गया। दो महीने पहले कविता ने ऑपरेशन से बेटी को जन्म दिया।
महीने भर तक आईसीयू भर्ती रही कविता की बेटी को हालत में सुधार होने के बाद घर लाया गया। 15 दिन पहले ही बच्ची का नामकरण बिंदु रखा गया। सोमवार को बिंदु की मौत के बाद कविता की रो-रोकर हालत खराब है। परिवार वालों को घटना के बाबत कुछ समझ नहीं आ रहा है। जिस संतान ने कविता के मायके व ससुराल पक्ष में खुशियां बिखेरी? आखिर उसकी जान कौन और क्यों लेगा। इसे लेकर तमाम तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।
बच्ची के साथ मायके में रह रही थी कविता
कविता अपनी बच्ची के साथ मायके में रह रही थी। वह हर समय बेटी बिंदु को सीने से लगाए रहती थी। रविवार देर रात तक कविता जगती रही। उसका भाई वीरेंद्र घर पर ही था। रविवार को वीरेंद्र का बर्थ डे था। इसकी वजह से कुछ रिश्तेदार भी आए थे। देर रात तक वीरेंद्र ने अपने रिश्तेदारों के साथ मिलकर पार्टी की।
रात एक बजे कविता ने बच्ची को दूध पिलाया। बच्ची के सो जाने पर उसकी भी नींद लग गई। इस दौरान जब कविता की नींद खुली तो बिंदु गायब थी। इसे लेकर कविता चीखने-चिल्लाने लगी थी। बिंदु की मौत से कविता की ससुराल व मायके पक्ष में मातम छाया है। दोनों परिवारों ने जच्चा-बच्चा की सलामती के लिए मन्नतें मान रखी थी।
वीरेंद्र के पत्नी की लाडली थी बिंदू
पीएसी में सिपाही वीरेंद्र दो भाई में बड़ा था। दो साल पहले ही उसकी शादी हुई है। कविता ने जब बेटी को जन्म दिया तो बच्ची की देखभाल वीरेंद्र की पत्नी ही करती थी। वह कविता के नहीं होने पर बच्ची के साथ साए की तरह रहती थी। कविता व उसकी भाभी के लिए बिंदू परी थी। ऐसे में बिंदू की हत्या की कहानी समझ से परे आ रही है।
... तो घर के अंदर ही छिपाकर रखी गई थी दुधमुही
रविवार की आधी रात बच्ची के रहस्मय हालत में गायब होने की सूचना के बाद पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। पुलिस ने घर का कोना-कोना छान मारा, लेकिन कहीं बिंदू का पता नहीं चला। जिस पानी के टैंक में बिंदू पड़ी मिली, उसे भी पुलिस ने पहले दो बार चेक किया। लेकिन तीसरे बार में वह टैंक के अंदर ही बेहोश पड़ी मिली। ऐसे में साफ है कि बिंदू का कातिल परिवार व रिश्तेदारों में कोई एक हो सकता है। मासूम बच्ची को जब पुलिस ने पानी से निकाला तो उसकी सांस चल रही थी। ऐसे में जाहिर है कि चंद मिनट पहले ही आरोपी ने पकड़े जाने के डर से मासूम को पानी के टैंक में फेंका होगा।
इनका कहना है
दुधमुंही बच्ची के लापता होने की सूचना पर पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची थी। खोजबीन के दौरान बच्ची उसी घर के पानी के टैंक में पड़ी मिली। इलाज के दौरान बच्ची की मौत हो गई है। इस मामले में प्रत्येक बिंदु पर जांच की जा रही है।जांच के बाद आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है। - बृजेश कुमार श्रीवास्तव, एसपी