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माघी पूर्णिमा पर श्रद्धालुओं ने गंगा में लगाई डुबकी
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 22 Feb 2016 11:55 PM IST
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माघी पूर्णिमा पर सोमवार को कौशाम्बी के कड़ा समेत सभी गंगा घाटों पर
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श्रद्धालुओं का मेला लगा रहा। भोर से शुरू गंगास्नान का सिलसिला पूरे दिन
चला। गंगा में स्नान, दान के साथ ही स्नानार्थियों ने शक्तिपीठ मां शीतला
के दरबार में भी मत्था टेका। देवी मैया से सुख-समृद्धि की कामना की।
माघ महीने में लोग महीनेभर तक गंगास्नान करते हैं। पूर्णिमा स्नान के साथ ही कल्पवास भी समाप्त होता है। वहीं माघी पूर्णिमा पर गंगास्नान का विशेष महत्व बताया गया है। इसी के कारण सोमवार को माघी पूर्णिमा पर कौशाम्बी के सभी घाटों पर स्नानार्थियों की भीड़ दिखी। भोर से ही हर-हर गंगे का जयघोष करते हुए कड़ा, कुबरी, कालेश्वर, शहजादपुर, संदीपन, फतेहपुर समेत सभी गंगाघाटों पर स्नानार्थियों का जमघट लगने लगा था।
सुबह ठंड हवा चलने के बावजूद भोर से ही गंगा में डुबकी लगाने को श्रद्धालु आने शुरू हो गए। सबसे ज्यादा भीड़ कड़ा, कुबरी और कालेश्वर घाट पर रही। जहां कौशाम्बी के अलावा आसपास के अन्य जिलों से भी तमाम स्नानार्थी आए थे। वहीं मां शीतला का दर्शन, पूजन करके लोगों ने परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की।
माघ महीने में लोग महीनेभर तक गंगास्नान करते हैं। पूर्णिमा स्नान के साथ ही कल्पवास भी समाप्त होता है। वहीं माघी पूर्णिमा पर गंगास्नान का विशेष महत्व बताया गया है। इसी के कारण सोमवार को माघी पूर्णिमा पर कौशाम्बी के सभी घाटों पर स्नानार्थियों की भीड़ दिखी। भोर से ही हर-हर गंगे का जयघोष करते हुए कड़ा, कुबरी, कालेश्वर, शहजादपुर, संदीपन, फतेहपुर समेत सभी गंगाघाटों पर स्नानार्थियों का जमघट लगने लगा था।
सुबह ठंड हवा चलने के बावजूद भोर से ही गंगा में डुबकी लगाने को श्रद्धालु आने शुरू हो गए। सबसे ज्यादा भीड़ कड़ा, कुबरी और कालेश्वर घाट पर रही। जहां कौशाम्बी के अलावा आसपास के अन्य जिलों से भी तमाम स्नानार्थी आए थे। वहीं मां शीतला का दर्शन, पूजन करके लोगों ने परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की।