{"_id":"d7feae970968cf1304ea2dd609ac5318","slug":"kaushambi-news-hindi-news-503","type":"story","status":"publish","title_hn":"एसडीएम से आवासीय मदद की गुहार लगाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एसडीएम से आवासीय मदद की गुहार लगाई
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
Updated Tue, 19 Jan 2016 11:33 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
करारी क्षेत्र के बंधुरी रसूलपुर गांव निवासी लल्लन उर्फ तोड़ी और उसकी पत्नी सीमा देवी की 5 जनवरी को करंट की चपेट में आने से मौत हो गई थी। मेहनत-मजदूरी करने वाले दंपती की मौत से 6 बच्चे आरती (15), सोनू (10), मोनी (8), सोनी (6), कांति (4) और शांति (9 माह) अनाथ हो गए हैं।
इन बच्चों को अब तक प्रशासन की ओर से कोई मदद नहीं मिली है। हालांकि पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के जन्मदिन पर पूर्वमंत्री इंद्रजीत सरोज और अन्य बसपाइयों ने अपनी ओर से इन बच्चों की आर्थिक मदद की थी। वहीं मां-बाप के दुनिया में नहीं रहने से अनाथ बच्चों के पास रहने के लिए घर में नहीं है। एक कच्ची मिट्टी की कोठरी है।
वह भी जर्जर है। किसी भी रोज बारिश में जमींदोज हो सकती है। इसे देखते हुए मंगलवार को गांववाले बच्चों को लेकर मंझनपुर तहसील आए थे। बच्चों ने प्रार्थनापत्र देकर एसडीएम से आवासीय मदद की गुहार लगाई। प्रार्थनापत्र लेकर एसडीएम ने जल्द ही इन बच्चों को इंदिरा अथवा लोहिया आवास उपलब्ध कराने का भरोसा दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
इन बच्चों को अब तक प्रशासन की ओर से कोई मदद नहीं मिली है। हालांकि पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के जन्मदिन पर पूर्वमंत्री इंद्रजीत सरोज और अन्य बसपाइयों ने अपनी ओर से इन बच्चों की आर्थिक मदद की थी। वहीं मां-बाप के दुनिया में नहीं रहने से अनाथ बच्चों के पास रहने के लिए घर में नहीं है। एक कच्ची मिट्टी की कोठरी है।
विज्ञापन
वह भी जर्जर है। किसी भी रोज बारिश में जमींदोज हो सकती है। इसे देखते हुए मंगलवार को गांववाले बच्चों को लेकर मंझनपुर तहसील आए थे। बच्चों ने प्रार्थनापत्र देकर एसडीएम से आवासीय मदद की गुहार लगाई। प्रार्थनापत्र लेकर एसडीएम ने जल्द ही इन बच्चों को इंदिरा अथवा लोहिया आवास उपलब्ध कराने का भरोसा दिया है।
विज्ञापन