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सियासी जमीं तैयार करने को शुरू हुई नोटों की बारिश
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
Updated Thu, 10 Sep 2015 11:36 PM IST
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त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर दोआबा की सियासत पूरी तरह से गरमा गई है। सियासी जमीं पर नोटों की बारिश का दौर भी शुरू हो गया है। चुनावी मैदान में जिला पंचायत और बीडीसी सदस्य पद के लिए जिपं अध्यक्ष और प्रमुख पदों के दावेदार अपने समर्थक उतार रहे हैं। इनको आर्थिक सहयोग भी दिया जाने लगा है। ऐसे में साफ है कि इस बार भी चुनाव में वोट के बदले नोट का खेल खेला जाएगा।
बता दें कि त्रिस्तरीय पंचायत की सीटों के आरक्षण की अनंतिम सूची प्रकाशित होने के बाद से जिले की सियासी रंगत बदल गई है। इस दफा के चुनाव की बड़ी दिलचस्प बात यह है कि जिपं अध्यक्ष और प्रमुख पदों के दावेदारों ने सदस्य पदों के लिए अधिकतर सीटों पर अपने करीबियों को उतार दिया है। चुनावी मैदान में उतारने से पहले इनकी काबिलियत अच्छी तरह से आंक ली गई है। यह करीबी चुनाव की तैयारी में दिन-रात एक किए हुए हैं। सुख-दुख में शामिल होने के साथ ही इन्होंने वोटरों को खिलाने पिलाने का काम भी शुरू कर दिया है। इसमें आने वाले खर्च की भरपाई दावेदार नहीं बल्कि जिला पंचायत अध्यक्ष और ब्लाक प्रमुख पद के दावेदार कर रहे हैं। ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि जिला पंचायत और ब्लाक की प्रमुख कुर्सी पर कब्जा करने में दिक्कत न हो।
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बता दें कि त्रिस्तरीय पंचायत की सीटों के आरक्षण की अनंतिम सूची प्रकाशित होने के बाद से जिले की सियासी रंगत बदल गई है। इस दफा के चुनाव की बड़ी दिलचस्प बात यह है कि जिपं अध्यक्ष और प्रमुख पदों के दावेदारों ने सदस्य पदों के लिए अधिकतर सीटों पर अपने करीबियों को उतार दिया है। चुनावी मैदान में उतारने से पहले इनकी काबिलियत अच्छी तरह से आंक ली गई है। यह करीबी चुनाव की तैयारी में दिन-रात एक किए हुए हैं। सुख-दुख में शामिल होने के साथ ही इन्होंने वोटरों को खिलाने पिलाने का काम भी शुरू कर दिया है। इसमें आने वाले खर्च की भरपाई दावेदार नहीं बल्कि जिला पंचायत अध्यक्ष और ब्लाक प्रमुख पद के दावेदार कर रहे हैं। ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि जिला पंचायत और ब्लाक की प्रमुख कुर्सी पर कब्जा करने में दिक्कत न हो।
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