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भ्रष्टाचार से जकड़ा कौशाम्बी...डिप्टी सीएम दें इस्तीफा: सांसद पुष्पेंद्र सरोज
Thu, 26 Feb 2026 12:18 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Thu, 26 Feb 2026 12:18 AM IST
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कलक्ट्रेट के बाहर मीडिया कर्मियों से बातचीत करते सांसद पुष्पेंद्र सरोज- सोशल मीडिया
जिला मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट परिसर में बुधवार को आयोजित दिशा बैठक उस समय विवादों में घिर गई जब जिले के सांसद पुष्पेंद्र सरोज ने बैठक स्थगित करते हुए डिप्टी सीएम का बिना नाम लिए प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला। सांसद ने आरोप लगाया कि अधिकारियों की लापरवाही और भ्रष्टाचार के कारण जिले का विकास प्रभावित हो रहा है।
बैठक में पहुंचते ही सांसद ने पिछली दिशा बैठक की कार्रवाई का विवरण मांगा। आरोप है कि संबंधित अधिकारी आवश्यक अभिलेख प्रस्तुत नहीं कर सके और संतोषजनक जवाब देने में असफल रहे। इस पर नाराजगी जताते हुए सांसद ने बैठक तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दी और जिलाधिकारी को निर्देश दिया कि एक सप्ताह के भीतर पूरी कार्रवाई तैयार कर दोबारा बैठक आयोजित की जाए।
बैठक कक्ष से बाहर निकलकर मीडिया से बातचीत में सांसद ने कहा, यह दुर्भाग्य है कि जिस जिले से डिप्टी सीएम आते हैं, वहीं विकास कार्य ठप पड़े हैं। उनके जिले में भ्रष्टाचार नहीं होना चाहिए था, गरीबों का शोषण नहीं होना चाहिए था, लेकिन हकीकत इसके उलट है।
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उन्होंने डिप्टी सीएम के एक पुराने बयान का जिक्र करते हुए कहा, उन्होंने खुद कहा था कि उनके विधायक न होने से जिला 100 साल पीछे चला गया। अब तो हालात ऐसे हैं कि पूरा जिला 150 साल पीछे चला गया है। सांसद ने कहा कि नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए डिप्टी सीएम को इस्तीफा दे देना चाहिए।
बता दें कि ‘दिशा’ बैठकें केंद्र प्रायोजित योजनाओं जैसे- मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना, सड़क, बिजली और पेयजल की समीक्षा के लिए प्रत्येक तिमाही में आयोजित की जाती हैं, जिनकी अध्यक्षता संबंधित लोकसभा सांसद करते हैं।
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बैठक में पहुंचते ही सांसद ने पिछली दिशा बैठक की कार्रवाई का विवरण मांगा। आरोप है कि संबंधित अधिकारी आवश्यक अभिलेख प्रस्तुत नहीं कर सके और संतोषजनक जवाब देने में असफल रहे। इस पर नाराजगी जताते हुए सांसद ने बैठक तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दी और जिलाधिकारी को निर्देश दिया कि एक सप्ताह के भीतर पूरी कार्रवाई तैयार कर दोबारा बैठक आयोजित की जाए।
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बैठक कक्ष से बाहर निकलकर मीडिया से बातचीत में सांसद ने कहा, यह दुर्भाग्य है कि जिस जिले से डिप्टी सीएम आते हैं, वहीं विकास कार्य ठप पड़े हैं। उनके जिले में भ्रष्टाचार नहीं होना चाहिए था, गरीबों का शोषण नहीं होना चाहिए था, लेकिन हकीकत इसके उलट है।
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उन्होंने डिप्टी सीएम के एक पुराने बयान का जिक्र करते हुए कहा, उन्होंने खुद कहा था कि उनके विधायक न होने से जिला 100 साल पीछे चला गया। अब तो हालात ऐसे हैं कि पूरा जिला 150 साल पीछे चला गया है। सांसद ने कहा कि नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए डिप्टी सीएम को इस्तीफा दे देना चाहिए।
बता दें कि ‘दिशा’ बैठकें केंद्र प्रायोजित योजनाओं जैसे- मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना, सड़क, बिजली और पेयजल की समीक्षा के लिए प्रत्येक तिमाही में आयोजित की जाती हैं, जिनकी अध्यक्षता संबंधित लोकसभा सांसद करते हैं।