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कंछल पर हमले के विरोध में बाजार बंद 11 को
Updated Tue, 09 Dec 2014 12:22 AM IST
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मंझनपुर। उद्योग व्यापारी मंडल के प्रदेश अध्यक्ष व पूर्व राज्यसभा सदस्य बनवारीलाल कंछल पर हुए हमले से जिलेभर के व्यापारियों में जबरदस्त गुस्सा है। सोमवार को मंझनपुर में बैठक करके व्यापारियों ने आरोपी अधिवक्ताओं की गिरफ्तारी और उनके रजिस्ट्रेशन को रद्द करने की मांग की।
ऐलान किया कि मांगे पूरी नहीं होने पर 11 दिसंबर को बाजार बंद रखा जाएगा। इस दौरान व्यापार मंडल के प्रांतीय महामंत्री रमेशचंद्र अग्रहरि ने दावा किया कि बंदी के दौरान एक भी दुकान कोई भी दुकानदार नहीं खोलेगा। उन्होंने सभी व्यापारियों से सहयोग का आह्वान भी किया।
मंझनपुर स्थित उद्योग व्यापार मंडल के कार्यालय में सोमवार को बैठक हुई। इसमें संगठन के प्रांतीय महामंत्री रमेशचंद्र अग्रहरि ने बताया कि 17 नवंबर को शिवाजी मार्ग लखनऊ में एक व्यापारी की दुकान पर अधिवक्ता जबरन कब्जा कर रहे थे। व्यापारी की सूचना पर प्रदेश अध्यक्ष बनवारीलाल कंछल और उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के पदाधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे और अधिवक्ताओं का विरोध किया था।
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धरना देकर एफआईआर करवाई थी। इसी मुकदमे की पैरवी में कचहरी जाने पर अधिवक्ताओं ने पांच दिसंबर को उनके ऊपर हमला कर दिया था। महामंत्री ने कहा कि यह हमला प्रदेश अध्यक्ष पर ही नहीं सूबे के दो करोड़ व्यापारियों पर हुआ है। तीन दिन बीतने के बाद भी हमलावरों पर कार्रवाई नहीं की गई।
उन्होंने हमलावर अधिवक्ताओं की गिरफ्तारी और उनके रजिस्ट्रेशन रद्द करने की मांग की है। कहा कि ऐसा नहीं होने पर प्रदेशभर के व्यापारी बेमियादी आंदोलन करेंगे। उन्होंने बताया कि संघर्ष के क्रम में नौ दिसंबर को चार बजे मंझनपुर में मशाल जुलूस, 10 दिसंबर को पदयात्रा निकाली जाएगी। साथ ही 11 दिसंबर को जिलेभर के व्यापारी दुकानें बंद करके धरना-प्रदर्शन करेंगे।
इस दौरान जिलाधिकारी, गृहसचिव, मुख्यमंत्री, राष्ट्रपति, सर्वोच्च और उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीशों को चार सूत्री ज्ञापन भी भेजा जाएगा। बैठक में हमलावरों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून लगाने, प्रदेश अध्यक्ष को एसपीजी सुरक्षा मुहैया कराने की भी मांग की गई। इस मौके पर राजेश विश्वकर्मा, अनुराग केसरवानी, अंशुल केसरवानी, नरोत्तम केसरवानी, मोहित रस्तोगी, शंभूनाथ, वीरेंद्र केसरी, श्रीकृष्ण, राजू वर्मा, मुंकुदीलाल, सुनील केसरवानी, पंकज उर्फ बबलू सर्राफ, लखनलाल, अखिलेश केसरवानी, राकेश अग्रहरि, अशोक जायसवाल, शिवबाबू केसरवानी, घनश्याम वर्मा आदि मौजूद रहे।
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ऐलान किया कि मांगे पूरी नहीं होने पर 11 दिसंबर को बाजार बंद रखा जाएगा। इस दौरान व्यापार मंडल के प्रांतीय महामंत्री रमेशचंद्र अग्रहरि ने दावा किया कि बंदी के दौरान एक भी दुकान कोई भी दुकानदार नहीं खोलेगा। उन्होंने सभी व्यापारियों से सहयोग का आह्वान भी किया।
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मंझनपुर स्थित उद्योग व्यापार मंडल के कार्यालय में सोमवार को बैठक हुई। इसमें संगठन के प्रांतीय महामंत्री रमेशचंद्र अग्रहरि ने बताया कि 17 नवंबर को शिवाजी मार्ग लखनऊ में एक व्यापारी की दुकान पर अधिवक्ता जबरन कब्जा कर रहे थे। व्यापारी की सूचना पर प्रदेश अध्यक्ष बनवारीलाल कंछल और उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के पदाधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे और अधिवक्ताओं का विरोध किया था।
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धरना देकर एफआईआर करवाई थी। इसी मुकदमे की पैरवी में कचहरी जाने पर अधिवक्ताओं ने पांच दिसंबर को उनके ऊपर हमला कर दिया था। महामंत्री ने कहा कि यह हमला प्रदेश अध्यक्ष पर ही नहीं सूबे के दो करोड़ व्यापारियों पर हुआ है। तीन दिन बीतने के बाद भी हमलावरों पर कार्रवाई नहीं की गई।
उन्होंने हमलावर अधिवक्ताओं की गिरफ्तारी और उनके रजिस्ट्रेशन रद्द करने की मांग की है। कहा कि ऐसा नहीं होने पर प्रदेशभर के व्यापारी बेमियादी आंदोलन करेंगे। उन्होंने बताया कि संघर्ष के क्रम में नौ दिसंबर को चार बजे मंझनपुर में मशाल जुलूस, 10 दिसंबर को पदयात्रा निकाली जाएगी। साथ ही 11 दिसंबर को जिलेभर के व्यापारी दुकानें बंद करके धरना-प्रदर्शन करेंगे।
इस दौरान जिलाधिकारी, गृहसचिव, मुख्यमंत्री, राष्ट्रपति, सर्वोच्च और उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीशों को चार सूत्री ज्ञापन भी भेजा जाएगा। बैठक में हमलावरों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून लगाने, प्रदेश अध्यक्ष को एसपीजी सुरक्षा मुहैया कराने की भी मांग की गई। इस मौके पर राजेश विश्वकर्मा, अनुराग केसरवानी, अंशुल केसरवानी, नरोत्तम केसरवानी, मोहित रस्तोगी, शंभूनाथ, वीरेंद्र केसरी, श्रीकृष्ण, राजू वर्मा, मुंकुदीलाल, सुनील केसरवानी, पंकज उर्फ बबलू सर्राफ, लखनलाल, अखिलेश केसरवानी, राकेश अग्रहरि, अशोक जायसवाल, शिवबाबू केसरवानी, घनश्याम वर्मा आदि मौजूद रहे।