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भीषण गर्मी में चायल क्षेत्र के 1859 हैंडपंपों ने दिया दगा
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नगर पंचायत चायल में लगा हैंडपंप बदहाल
- फोटो : KAUSHAMBI
तहसील के तीनों विकास खंडों में पेयजल की गंभीर समस्या है। विभागीय अधिकारी सरकारी आंकड़ों को पूरा करने के लिए लाखों रुपये पानी की तरह बहा दिए। इसके बाद भी समस्या जस की तस बनी हुई है। विकास खंड चायल के कुल 28 गांवों में सरकारी आंकड़ों के हिसाब से 1264 हैंडपंपों में सिर्फ 74 ही खराब हैं। जबकि ग्राम प्रधानों के मुताबिक हकीकत में यहां कुल 475 हैंडपंप खराब हैं।
इसी तरह मूरतगंज विकास खंड के 43 गांवों में विभागीय आंकड़ों की मानें तो कुल 1840 हैंडपंपों में से 143 ही खराब हैं। जबकि वास्तव में यहां 613 हैंडपंप खराब हैं। इसी तरह नेवादा विकास खंड के 63 गांवों में लगे 3150 हैंडपंपों में केवल 274 खराब हैं। ग्रामीणों के मुताबिक यहां के 771 हैंडपंप खराब हैं।
इस तरह से देखा जाए तो चायल तहसील क्षेत्र के नेवादा, चायल और मूरतगंज ब्लॉक क्षेत्रों में कुल 1859 हैंडपंप खराब हैं। जिस वजह से गर्मी में ग्रामीण पानी के लिए परेशान हो रहे हैं। कागजों पर जिम्मेदारों ने गांवों में खराब हैंडपंपों के रीबोर के नाम पर लाखों रुपया खर्च तो कर दिया, लेकिन हालत जस की तस बनी हुई है। ग्रामीण निजी नलकूप अथवा सबमर्सिबल का सहारा ले रहें हैं।
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नगर पंचायतों में भी हैंडपंप खराब, जिम्मेदार मौन
पेयजल का संकट नगर पंचायत चायल, सरायअकिल के साथ ही नव गठित चरवा टाउन एरिया में भी है। चायल नगर पंचायत में स्थिति ये है की खराब हैंडपंपों के रीबोर एवं मरम्मत के नाम पर जिम्मेदार हर साल लाखों रुपए खर्च कर रहे हैं। इसके बाद भी कस्बे में पानी की समस्या बनी हुई है। चायल के सभी दस वार्डों में लगे हैंड पंप खराब हालत में हैं।
कई गांवों में चिन्हित नहीं हुई जमीन, अटका पेयजल टंकी का निर्माण
ग्रामीण इलाकों में जल शक्ति मिशन योजना के तहत पेयजल टंकी का निर्माण होना है। इसके लिए शासन ने कार्यदायी संस्था का चयन भी कर लिया है। संस्था ने गांवों में डेरा भी डाल दिया है। लेकिन चायल क्षेत्र के हरदुआ, फतेहपुर सहावपुर, नीबी शाना, जलालपुर शाना, पक्सराई, उदाथू और गढ़वा सहित दो दर्जन से अधिक गांवों में अभी तक पेयजल टंकी बनाने के लिए जगह ही नहीं चिन्हित हो सकी है। इससे निर्माण कार्य परवान नहीं चढ़ पा रहा है। इन गांवों में जिस भूमि को लेखपाल व ग्राम प्रधान ने चिन्हित भी कर लिया वहां अवैध कब्जा है।
गर्मी में ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल मुहैया कराने के लिए ग्राम प्रधान व पंचायत सचिवों को विशेष निगरानी रखने के लिए कहा गया है। खराब हैंडपंपों को दुरुस्त कराने के निर्देश दिए गए हैं। कई गांवों में पेयजल टंकी का निर्माण शुरू हो चुका है। कुछ गांवों में जमीन चिन्हित नहीं होने के कारण कार्य प्रभावित है। जल्द ही वहां जमीन चिन्हित कराकर काम शुरू कराया जाएगा। मनीष कुमार यादव-उपजिलाधिकारी, चायल
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इसी तरह मूरतगंज विकास खंड के 43 गांवों में विभागीय आंकड़ों की मानें तो कुल 1840 हैंडपंपों में से 143 ही खराब हैं। जबकि वास्तव में यहां 613 हैंडपंप खराब हैं। इसी तरह नेवादा विकास खंड के 63 गांवों में लगे 3150 हैंडपंपों में केवल 274 खराब हैं। ग्रामीणों के मुताबिक यहां के 771 हैंडपंप खराब हैं।
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इस तरह से देखा जाए तो चायल तहसील क्षेत्र के नेवादा, चायल और मूरतगंज ब्लॉक क्षेत्रों में कुल 1859 हैंडपंप खराब हैं। जिस वजह से गर्मी में ग्रामीण पानी के लिए परेशान हो रहे हैं। कागजों पर जिम्मेदारों ने गांवों में खराब हैंडपंपों के रीबोर के नाम पर लाखों रुपया खर्च तो कर दिया, लेकिन हालत जस की तस बनी हुई है। ग्रामीण निजी नलकूप अथवा सबमर्सिबल का सहारा ले रहें हैं।
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नगर पंचायतों में भी हैंडपंप खराब, जिम्मेदार मौन
पेयजल का संकट नगर पंचायत चायल, सरायअकिल के साथ ही नव गठित चरवा टाउन एरिया में भी है। चायल नगर पंचायत में स्थिति ये है की खराब हैंडपंपों के रीबोर एवं मरम्मत के नाम पर जिम्मेदार हर साल लाखों रुपए खर्च कर रहे हैं। इसके बाद भी कस्बे में पानी की समस्या बनी हुई है। चायल के सभी दस वार्डों में लगे हैंड पंप खराब हालत में हैं।
कई गांवों में चिन्हित नहीं हुई जमीन, अटका पेयजल टंकी का निर्माण
ग्रामीण इलाकों में जल शक्ति मिशन योजना के तहत पेयजल टंकी का निर्माण होना है। इसके लिए शासन ने कार्यदायी संस्था का चयन भी कर लिया है। संस्था ने गांवों में डेरा भी डाल दिया है। लेकिन चायल क्षेत्र के हरदुआ, फतेहपुर सहावपुर, नीबी शाना, जलालपुर शाना, पक्सराई, उदाथू और गढ़वा सहित दो दर्जन से अधिक गांवों में अभी तक पेयजल टंकी बनाने के लिए जगह ही नहीं चिन्हित हो सकी है। इससे निर्माण कार्य परवान नहीं चढ़ पा रहा है। इन गांवों में जिस भूमि को लेखपाल व ग्राम प्रधान ने चिन्हित भी कर लिया वहां अवैध कब्जा है।
गर्मी में ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल मुहैया कराने के लिए ग्राम प्रधान व पंचायत सचिवों को विशेष निगरानी रखने के लिए कहा गया है। खराब हैंडपंपों को दुरुस्त कराने के निर्देश दिए गए हैं। कई गांवों में पेयजल टंकी का निर्माण शुरू हो चुका है। कुछ गांवों में जमीन चिन्हित नहीं होने के कारण कार्य प्रभावित है। जल्द ही वहां जमीन चिन्हित कराकर काम शुरू कराया जाएगा। मनीष कुमार यादव-उपजिलाधिकारी, चायल