{"_id":"6983847a01453d2dda0b6a61","slug":"in-january-1868-people-received-the-anti-rabies-vaccine-kaushambi-news-c-261-1-kmb1002-136059-2026-02-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kaushambi News: जनवरी में 1868 लोगों को लगा एंटी रेबीज वैक्सीन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kaushambi News: जनवरी में 1868 लोगों को लगा एंटी रेबीज वैक्सीन
Wed, 04 Feb 2026 11:10 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Wed, 04 Feb 2026 11:10 PM IST
विज्ञापन
सरसवां पीएचसी में कुत्ते के हमले से जख्मी बच्चे को वैक्सीन लगाते फार्मासिस्ट। स्रोत : विभाग
जिले में कुत्ते और बंदरों के काटने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, जिससे स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई है। स्थिति यह है कि जनवरी में कुल 1868 लोगों ने एंटी रेबीज की वैक्सीन लगवाई है। सरसवां प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में रोजाना 40 से अधिक लोग एंटी रेबीज वैक्सीन (एआरवी) लगवाने पहुंच रहे हैं। वहीं, कनैली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भी रोजाना 25 से 30 मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं।
आंकड़े यह साफ दर्शाते हैं कि आवारा कुत्तों और बंदरों का आतंक अब गंभीर स्वास्थ्य समस्या बनता जा रहा है। सरसवां पीएचसी में आने वाले मरीजों ने बताया कि कस्बों और गांवों में आवारा कुत्तों की संख्या तेजी से बढ़ी है। कुछ क्षेत्रों में बंदरों के झुंड लोगों पर अचानक हमला कर रहे हैं।
सरसवां पीएचसी प्रभारी डॉ. प्रसून जायसवाल ने बताया कि कुत्ता या बंदर काटने की स्थिति में तुरंत घाव को साबुन और साफ पानी से धोना चाहिए और बिना देरी किए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचकर एंटी रेबीज वैक्सीन लगवाना चाहिए।
विज्ञापन
सीएचसी में कुत्ता-बंदर काटने के मरीजों की बढ़ी संख्या
कनैली। स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में कुत्ते और बंदरों के काटने से जख्मी मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। सीएचसी के फार्मासिस्ट वीपी सिंह ने बताया कि प्रतिदिन कुत्ते के काटने के 20 से 25 मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं, जबकि बंदरों के काटने के 10 से 15 मामले सामने आ रहे हैं। अधिकांश मरीज एंटी रेबीज वैक्सीन (एआरवी) लगवाने आ रहे हैं। संवाद
:: तीन दिनों के भीतर कुत्ते के बच्चे ने दो बार हमला किया। पहली बार मोटी जींस पहनने की वजह से चोट नहीं लगी, लेकिन दूसरी बार के हमले में पैर में गहरा घाव हो गया। -अनस, जलौली
:: मंगलवार को खरीदारी के लिए बाजार जा रहा था। इसी दौरान अचानक पीछे से आए कुत्ते ने उनका पैर पकड़ लिया। किसी तरह बचाव करने पर भी पैर में घाव हो गया। - मो. सुल्तान, जलौली
सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन आने के बाद विभिन्न विभागों के साथ समन्वय बनाकर धरपकड़ की कार्रवाई की गई थी। हालांकि, आश्रय स्थल की व्यवस्था न होने के कारण यह अभियान लंबे समय तक प्रभावी नहीं रह सका। आश्रय स्थल का कार्य प्रक्रिया में है और इसके पूर्ण होते ही धरपकड़ की कार्रवाई फिर से की जाएगी। -डॉ अशोक कुमार
विज्ञापन
आंकड़े यह साफ दर्शाते हैं कि आवारा कुत्तों और बंदरों का आतंक अब गंभीर स्वास्थ्य समस्या बनता जा रहा है। सरसवां पीएचसी में आने वाले मरीजों ने बताया कि कस्बों और गांवों में आवारा कुत्तों की संख्या तेजी से बढ़ी है। कुछ क्षेत्रों में बंदरों के झुंड लोगों पर अचानक हमला कर रहे हैं।
विज्ञापन
सरसवां पीएचसी प्रभारी डॉ. प्रसून जायसवाल ने बताया कि कुत्ता या बंदर काटने की स्थिति में तुरंत घाव को साबुन और साफ पानी से धोना चाहिए और बिना देरी किए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचकर एंटी रेबीज वैक्सीन लगवाना चाहिए।
विज्ञापन
सीएचसी में कुत्ता-बंदर काटने के मरीजों की बढ़ी संख्या
कनैली। स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में कुत्ते और बंदरों के काटने से जख्मी मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। सीएचसी के फार्मासिस्ट वीपी सिंह ने बताया कि प्रतिदिन कुत्ते के काटने के 20 से 25 मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं, जबकि बंदरों के काटने के 10 से 15 मामले सामने आ रहे हैं। अधिकांश मरीज एंटी रेबीज वैक्सीन (एआरवी) लगवाने आ रहे हैं। संवाद
:: तीन दिनों के भीतर कुत्ते के बच्चे ने दो बार हमला किया। पहली बार मोटी जींस पहनने की वजह से चोट नहीं लगी, लेकिन दूसरी बार के हमले में पैर में गहरा घाव हो गया। -अनस, जलौली
:: मंगलवार को खरीदारी के लिए बाजार जा रहा था। इसी दौरान अचानक पीछे से आए कुत्ते ने उनका पैर पकड़ लिया। किसी तरह बचाव करने पर भी पैर में घाव हो गया। - मो. सुल्तान, जलौली
सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन आने के बाद विभिन्न विभागों के साथ समन्वय बनाकर धरपकड़ की कार्रवाई की गई थी। हालांकि, आश्रय स्थल की व्यवस्था न होने के कारण यह अभियान लंबे समय तक प्रभावी नहीं रह सका। आश्रय स्थल का कार्य प्रक्रिया में है और इसके पूर्ण होते ही धरपकड़ की कार्रवाई फिर से की जाएगी। -डॉ अशोक कुमार

सरसवां पीएचसी में कुत्ते के हमले से जख्मी बच्चे को वैक्सीन लगाते फार्मासिस्ट। स्रोत : विभाग

सरसवां पीएचसी में कुत्ते के हमले से जख्मी बच्चे को वैक्सीन लगाते फार्मासिस्ट। स्रोत : विभाग

सरसवां पीएचसी में कुत्ते के हमले से जख्मी बच्चे को वैक्सीन लगाते फार्मासिस्ट। स्रोत : विभाग