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Kaushambi News: पति जेल में...इन्साफ के लिए पत्नी का सड़क पर मौन विरोध
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जेल में बंद एक आरोपी की पत्नी ने शनिवार की शाम पति को इन्साफ दिलाने के लिए मंझनपुर चौराहे पर जस्टिस फॉर गुलफाम की तख्ती लेकर मौन विरोध किया। कई लोगों ने उससे जानकारी जुटानी चाही लेकिन उसने कोई जवाब नहीं दिया। तख्ती पर पड़ोसी की ओर झूठा मुकदमा लिखाने और पुलिस पर रिश्वत मांगने जैसे गंभीर आरोप लिखे थे।
विरोध प्रदर्शन करने वाली सरायअकिल की शाहीन फात्मा करीब एक घंटे बाद मौन तोड़ा। बताया कि पड़ोसी से उसके पति गुलफाम का विवाद हुआ था। छह सितंबर को पड़ोसी ने थाने में तहरीर देकर आरोप लगाया कि 27 अगस्त की शाम गुलफाम ने घर में घुसकर अभद्रता की। पुलिस ने बिना किसी जांच के मुकदमा दर्ज कर लिया। आरोप है कि इसके बाद मुकदमा खत्म करने के नाम पर पुलिस ने रिश्वत मांगी। एक लाख तक की सौदेबाजी हुई।
रिश्वत नहीं देने पर पुलिस ने सात अक्तूबर को गुलफाम को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। शाहीन का कहना है कि उसने न्याय के लिए क्षेत्राधिकारी कार्यालय और थाने के कई चक्कर लगाए लेकिन हर बार उसे सिर्फ आश्वासन ही मिला। अंत में परेशान होकर उसने चौराहे पर मौन होकर तख्ती के जरिये अपनी आवाज पुलिस महकमे के अफसरों तक पहुंचाने की कोशिश की।
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विरोध ने खींचा लोगों का ध्यान
मंझनपुर चौराहे पर विवाहिता बिना बोले जब तख्ती लेकर विरोध कर रही थी तो बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। लोग यह जानने के लिए उत्सुक थे कि मामला आखिर है क्या। कुछ पुलिसकर्मियों ने उससे बातचीत की कोशिश की लेकिन शाहीन ने सिर्फ अधिकारियों से वार्ता करने की बात कही। बाद में नगर कोतवाल ने समझा-बुझाकर उसे घर भेजा।
बोले अफसर
पड़ोसी ने विवाहिता के पति के खिलाफ केस दर्ज कराया था, जिसके बाद गुलफाम को जेल भेजा गया। मुकदमे की विवेचना स्वयं कर रहा हूं। प्रमाणित तथ्यों के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- अभिषेक सिंह, सीओ चायल
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विरोध प्रदर्शन करने वाली सरायअकिल की शाहीन फात्मा करीब एक घंटे बाद मौन तोड़ा। बताया कि पड़ोसी से उसके पति गुलफाम का विवाद हुआ था। छह सितंबर को पड़ोसी ने थाने में तहरीर देकर आरोप लगाया कि 27 अगस्त की शाम गुलफाम ने घर में घुसकर अभद्रता की। पुलिस ने बिना किसी जांच के मुकदमा दर्ज कर लिया। आरोप है कि इसके बाद मुकदमा खत्म करने के नाम पर पुलिस ने रिश्वत मांगी। एक लाख तक की सौदेबाजी हुई।
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रिश्वत नहीं देने पर पुलिस ने सात अक्तूबर को गुलफाम को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। शाहीन का कहना है कि उसने न्याय के लिए क्षेत्राधिकारी कार्यालय और थाने के कई चक्कर लगाए लेकिन हर बार उसे सिर्फ आश्वासन ही मिला। अंत में परेशान होकर उसने चौराहे पर मौन होकर तख्ती के जरिये अपनी आवाज पुलिस महकमे के अफसरों तक पहुंचाने की कोशिश की।
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विरोध ने खींचा लोगों का ध्यान
मंझनपुर चौराहे पर विवाहिता बिना बोले जब तख्ती लेकर विरोध कर रही थी तो बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। लोग यह जानने के लिए उत्सुक थे कि मामला आखिर है क्या। कुछ पुलिसकर्मियों ने उससे बातचीत की कोशिश की लेकिन शाहीन ने सिर्फ अधिकारियों से वार्ता करने की बात कही। बाद में नगर कोतवाल ने समझा-बुझाकर उसे घर भेजा।
बोले अफसर
पड़ोसी ने विवाहिता के पति के खिलाफ केस दर्ज कराया था, जिसके बाद गुलफाम को जेल भेजा गया। मुकदमे की विवेचना स्वयं कर रहा हूं। प्रमाणित तथ्यों के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- अभिषेक सिंह, सीओ चायल