मंझनपुर। एक ओर जहां स्वच्छ भारत मिशन के तहत तमाम तरह के अभियान चलाकर लोगों को साफ-सफाई के लिए जागरूक किया जा रहा है। वहीं, दूसरी ओर सरकारी अस्पतालों में इसकी अनदेखी की जा रही है। इसका उदाहरण संयुक्त जिला चिकित्सालय है। अस्पताल का इमरजेंसी वार्ड हो या फिर सामान्य वार्ड हर तरफ गंदगी का ढेर लगा हुआ है। इससे मरीजों और तीमारदारों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड, जनरल वार्ड, जच्चा-बच्चा वार्ड हो या फिर आवासीय परिसर जगह-जगह पान की पीक नजर आती है।
यह बात अलग है कि धूम्रपान निषेध को लेकर अस्पताल की दीवारों में बड़े-बड़े स्लोगन लिखाए गए हैं। जिसमें धूम्रपान करते पकड़े जाने पर जुर्माने की भी चेतावनी है, लेकिन इसका अनुपालन नहीं हो रहा है। इतना ही नहीं अस्पताल में मरीजों के इलाज के दौरान इस्तेमाल होने वाले बायोवेस्ट (निडिल,मरहम-पट्टी आदि) का भी इमरजेंसी वार्ड के गेट पर ढेर लगा है। इस ओर जिम्मेदारों की निगाह नहीं जा रही है। सीएमएस डॉ. दीपक सेठ का कहना है कि नियमित साफ-सफाई कराई जाती है। इसके बाद भी यदि कहीं गंदगी का ढेर है तो उसे भी साफ करा दिया जाएगा। ऐसा न होने पर जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।