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Kaushambi News: बस में बैठे-बैठे चली गई जान, सर्दी लगने की आशंका
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एक की सैनी के पास रोडवेज बस में तो दूसरे की घर में थमी सांस
24 घंटे के भीतर दो लोगों की ह्रदय गति रुकने से मौत हो गई। आशंका जताई जा रही है कि दोनों को सर्दी लगी है। दोनों के घर वालों ने पोस्टमार्टम कराए बिना ही शवों का अंतिम संस्कार कर दिया।
मंझनपुर कोतवाली के कादीपुर गांव निवासी बबलू (42) काफी दिनों से बीमार चल रहे थे। बृहस्पतिवार को पत्नी शर्मिला जेठ संतोष कुमार उसे इलाज के लिए मूरतगंज से लीडररोड बस पर बैठाकर कानपुर अस्पताल ले जा रहे थे। रास्ते में सैनी के पास अचानक दिल का दौरा पड़ने से उनकी बस में ही मौत हो गई। चालक ने सड़क किनारे गाड़ी खड़ी कर शव को नीचे उतार दिया।
साथ रहे भाई संतोष ने जानकारी पुलिस को देते हुए मदद मांगी। इस पर कोतवाली प्रभारी बृजेश कुमार करवरिया मौके पर पहुंचे। परिजनों की सहमति पर बिना पोस्टमार्टम कराए ही दूसरे वाहन से शव मृतक के घर कादीपुर भिजवा दिया। शुक्रवार सुबह घर वालों ने मृतक के शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
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सरायअकिल कोतवाली के जलालपुर जवाहरगंज गांव निवासी अलोक अग्रहरि (32) पुत्र महंत प्रासद अग्रहरि ने किनारे की दुकान खोल रखी थी। शुक्रवार सुबह नहाने के बाद दुकान पहुंचते ही अचानक आलोक को उलझन के साथ तेज पसीना आ गया और उनकी हालत बिगड़ गई। परिजन आननफानन उसे इलाज के लिए सरायअकिल के एक निजी अस्पताल ले गए। जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद प्रयागराज रेफर कर दिया। लेकिन, रास्ते में उनकी मौत हो गई। बड़े भाई सुरेंद्र अग्रहरि ने बताया कि डाॅक्टरों ने हार्ट अटैक आने की बात बताई है। परिजन बिना पोस्टमार्टम करवाए ही शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
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24 घंटे के भीतर दो लोगों की ह्रदय गति रुकने से मौत हो गई। आशंका जताई जा रही है कि दोनों को सर्दी लगी है। दोनों के घर वालों ने पोस्टमार्टम कराए बिना ही शवों का अंतिम संस्कार कर दिया।
मंझनपुर कोतवाली के कादीपुर गांव निवासी बबलू (42) काफी दिनों से बीमार चल रहे थे। बृहस्पतिवार को पत्नी शर्मिला जेठ संतोष कुमार उसे इलाज के लिए मूरतगंज से लीडररोड बस पर बैठाकर कानपुर अस्पताल ले जा रहे थे। रास्ते में सैनी के पास अचानक दिल का दौरा पड़ने से उनकी बस में ही मौत हो गई। चालक ने सड़क किनारे गाड़ी खड़ी कर शव को नीचे उतार दिया।
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साथ रहे भाई संतोष ने जानकारी पुलिस को देते हुए मदद मांगी। इस पर कोतवाली प्रभारी बृजेश कुमार करवरिया मौके पर पहुंचे। परिजनों की सहमति पर बिना पोस्टमार्टम कराए ही दूसरे वाहन से शव मृतक के घर कादीपुर भिजवा दिया। शुक्रवार सुबह घर वालों ने मृतक के शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
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सरायअकिल कोतवाली के जलालपुर जवाहरगंज गांव निवासी अलोक अग्रहरि (32) पुत्र महंत प्रासद अग्रहरि ने किनारे की दुकान खोल रखी थी। शुक्रवार सुबह नहाने के बाद दुकान पहुंचते ही अचानक आलोक को उलझन के साथ तेज पसीना आ गया और उनकी हालत बिगड़ गई। परिजन आननफानन उसे इलाज के लिए सरायअकिल के एक निजी अस्पताल ले गए। जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद प्रयागराज रेफर कर दिया। लेकिन, रास्ते में उनकी मौत हो गई। बड़े भाई सुरेंद्र अग्रहरि ने बताया कि डाॅक्टरों ने हार्ट अटैक आने की बात बताई है। परिजन बिना पोस्टमार्टम करवाए ही शव का अंतिम संस्कार कर दिया।