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Kaushambi News: 850 करोड़ से बन रहे फोरलेन हाईवे की राह में हरियाली का रोड़ा

Wed, 18 Oct 2023 12:40 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी Updated Wed, 18 Oct 2023 12:40 AM IST
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Greenery is a hindrance in the way of four lane highway being built for Rs 850 crores.
मंझनपुर। प्रयागराज-कौशाम्बी फोरलेन हाईवे निर्माण में वन विभाग के रिजर्व फाॅरेस्ट के 2490 पेड़ रोड़ा अटका रहे हैं। इन्हें काटने के लिए वन विभाग केंद्र सरकार की एनओसी नहीं ले पा रहा है। इसकी वजह से प्रोजेक्ट का काम प्रभावित हो रहा है।
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पर्यटकों और राहगीरों की सहूलियत के लिए प्रयागराज से कौशाम्बी तक 850 करोड़ रुपये से 41 किमी लंबा फोरलेन हाईवे बनवाया जा रहा है। इसमें से 31 किमी हाईवे कौशाम्बी जिले में है। इसका निर्माण पीडब्ल्यूडी निर्माण खंड करा रहा है। कई जगह तेजी से काम चल रहा है, लेकिन मखऊपुर से सरायअकिल के बीच निर्माण अटका है।
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दरअसल यहां पर वन विभाग का रिजर्व फॉरेस्ट है, जिसके 2490 पेड़ हाईवे निर्माण के लिए कटने हैं। इसके लिए केंद्र सरकार से एनओसी ली जानी है। पेड़ों की कटाई से लेकर एनओसी लेने तक सारी जिम्मेदारी वन विभाग की है, लेकिन इसमें महकमे ने दिलचस्पी नहीं दिखाई। अब तक एनओसी नहीं मिल सकी। इसकी वजह से पेड़ नहीं कटे और हाईवे के निर्माण में अड़चने आ गईं।
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अफसरों काे पता ही नहीं था कि रिजर्व फॉरेस्ट भी है
जिले में 31 किमी लंबे फोरलेन के निर्माण के लिए 4450 पेड़ कटने हैं। पहले वन विभाग के अफसरों को रिजर्व फॉरेस्ट के बारे में पता ही नहीं था। इसलिए पेड़ कटाने और उन्हें लगाने के लिए 5.55 करोड़ का इस्टीमेट बनाया। इसमें से 3.50 करोड़ रुपये पीडब्ल्यूडी ने दे दिए। बाद में जब पता चला तो इस्टीमेट बढ़ाकर करीब 8.50 करोड़ कर दिया गया। रिजर्व क्षेत्र के बाहर वाले 1960 पेड़ विभाग ने कटवा दिए, लेकिन 2490 पेड़ काटने के लिए एनओसी का इंतजार है।


रिजर्व फॉरेस्ट के 2490 पेड़ों की कटाई नहीं होने के कारण फोरलेन हाईवे का निर्माण अटक रहा है। वन विभाग को ये पेड़ कटवाने हैं। 3.50 करोड़ रुपये एक साल पहले दिए गए थे। केंद्र सरकार से एनओसी न मिलने के कारण आगे का भुगतान नहीं हुआ। -एसएन शुक्ला, एई, पीडब्ल्यूडी


वर्जन
पेड़ काटने के साथ ही दूसरी जगह पर 10 गुना पेड़ भी लगाने हैं। इसके लिए भूमि की तलाश में थोड़ा वक्त लग गया। इसलिए एनओसी मिलने में देरी हुई। मिर्जापुर में भूमि मिल गई है। एनओसी लेकर 10 दिन के अंदर काम शुरू करा दिया जाएगा। -राम सिंह यादव, डीएफओ
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