फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kaushambi News ›   Grand commencement of the Ashadh Fair at the Kadadham Shaktipeeth a massive surge of devotees witnessed on the first day

Kaushambi News: शक्तिपीठ कड़ाधाम में आषाढ़ मेले का भव्य आगाज, पहले दिन उमड़ा आस्था का सैलाब

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 06 Jul 2026 12:49 AM IST
विज्ञापन
Grand commencement of the Ashadh Fair at the Kadadham Shaktipeeth a massive surge of devotees witnessed on the first day
आषाढ़ मेला के पहले दिन छठ को मां शीतला के दर्शन करते श्रद्धालु। संवाद
शक्तिपीठ कड़ाधाम में पांच दिवसीय आषाढ़ मेले के पहले दिन रविवार को श्रद्धालुओं का भारी सैलाब उमड़ पड़ा। मेले के पहले ही दिन चारों तरफ माता के जयकारों की गूंज सुनाई दी और पूरा क्षेत्र भक्तिमय माहौल में सराबोर नजर आया।
विज्ञापन

मेले के प्रथम दिन रविवार को भोर से ही श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला शुरू हो गया था। दूर-दराज से आए हजारों श्रद्धालुओं ने कड़ा के कालेश्वर घाट, कुबरी घाट समेत विभिन्न स्नान घाटों पर पतित पावनी मां गंगा में आस्था की डुबकी लगाई। गंगा स्नान के बाद घाटों पर पुरोहितों को अन्न, वस्त्र और धन का दान कर श्रद्धालुओं ने पुण्य लाभ कमाया।
विज्ञापन

गंगा स्नान और पारंपरिक अनुष्ठानों के पश्चात श्रद्धालुओं का रेला सीधे मां शीतला के दरबार की ओर बढ़ा। हाथों में नारियल, चुनरी, फूल-माला और प्रसाद लेकर भक्तों ने कतारबद्ध होकर माता के दर्शन किए। भक्त हाथों में पालना लेकर मां शीतला के दरबार में चढ़ाने पहुंचे।
विज्ञापन
विज्ञापन

गर्भगृह में माता शीतला की दिव्य प्रतिमा के सम्मुख शीश नवाकर श्रद्धालुओं ने अपने परिवार की सुख, समृद्धि और कुशलता के लिए मंगल कामना की।
मेले के प्रथम दिन उमड़ी भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। घाटों से लेकर मंदिर परिसर तक पुलिस बल तैनात रहा, इससे श्रद्धालुओं को दर्शन-पूजन में किसी असुविधा का सामना न करना पड़े।

मंदिर के पुजारी आत्माराम पंडा ने बताया कि ऋतु परिवर्तन और मानसून के आगमन के समय चेचक सहित मौसमी बीमारियों से बचाव और परिवार की सुख-समृद्धि के लिए मां शीतला की पूजा का विशेष महत्व है। उन्होंने बताया कि आषाढ़ शुक्ल पक्ष की सप्तमी और अष्टमी को महिलाएं व्रत रखकर विधि-विधान से पूजा करती हैं और दही-पूरी का भोग लगाती हैं। मेले को लेकर मंदिर परिसर में सुरक्षा, साफ-सफाई और श्रद्धालुओं की सुविधाओं के व्यापक इंतजाम किए गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed