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Kaushambi News: प्रसव में निजी से ज्यादा सरकारी अस्पतालों को मिल रही तवज्जो
Fri, 12 Jul 2024 03:50 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Fri, 12 Jul 2024 03:50 AM IST
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जिले में निजी अस्पतालों की संख्या भले ही ज्यादा हो, लेकिन लोगों का पहला विश्वास सरकारी अस्पतालों पर ही है। प्रसव के मामले में भी इन्हें खास तवज्जो मिल रही है। यही वजह है कि बीते तीन महीनों के अंदर निजी अस्पतालों में 3234 प्रसव हुए तो सरकारी अस्पतालों में 4900 महिलाओं ने शिशुओं को जन्म दिया। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग अब इसे और बढ़ाने के प्रयास में लगा है।
जनपद में कुल 43 सरकारी अस्पताल हैं। इनमें से जिला मुख्यालय स्थित मेडिकल काॅलेज, सभी आठ ब्लॉक मुख्यालय स्थित सीएचसी व ब्लॉक पीएचसी में प्रसव की सुविधा दी गई है। इसके अलावा ग्रामीणअंचल की 35 न्यू पीएचसी में से 20 ऐसी हैं, जहां प्रसव होता है। इस तरह कुल 29 सरकारी अस्पतालों में प्रसव होता है। जबकि, जनपद में पंजीकृत क्लीनिकों, पॉलीक्लीनिकों और नर्सिंग होम की संख्या लगभग 95 हैं। इनमें से करीब 50 निजी अस्पतालों में मरीजों को भर्ती करने की सुविधा दी जाती हैं। इनमें ज्यादातर निजी अस्पतालों में प्रसव भी कराए जाते हैं। शासन की मंशा है कि अधिक से अधिक प्रसव अस्पतालों में हों। इसके लिए महिलाओं को घर से लाने और पहुंचाने के लिए 102 एंबुलेंस, सीएचसी-पीएचसी में निशुल्क दवाएं, जांचें आदि की सुविधाएं मुहैया कराई जाती हैं। 45 निजी अल्ट्रासाउंड सेंटरों में गर्भवती महिलाओं की नि:शुल्क जांच की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा जननी सुरक्षा योजना और मातृ वंदना योजना के तहत सरकारी अस्पतालों में प्रसव कराने पर धनराशि भी दी जाती है। यही वजह है कि निजी की अपेक्षा सरकारी अस्पतालों में प्रसव अधिक हो रहे हैं। इस वित्तीय वर्ष में अप्रैल से लेकर जून सरकारी अस्पतालों में 4900 प्रसव हुए, जबकि निजी अस्पतालों में 3234 प्रसव कराए गए। यह हाल तब है जब कई ब्लॉक स्तरीय स्वास्थ्य केंद्रों में गाइनोकोलॉजिस्ट का पद रिक्त है।
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सिराथू में निजी अस्पताल पड़ रहे भारी
स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट बताती है कि सिराथू क्षेत्र में सरकारी अस्पतालों पर निजी चिकित्सालय भारी पड़ रहे हैं। यहां पर बीते तीन महीने में 487 महिलाओं ने सीएचसी व पीएचसी समेत अन्य सरकारी अस्पतालों में प्रसव कराया। जबकि, निजी अस्पतालों में 1345 महिलाओं का प्रसव हुआ।
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सरकारी और निजी अस्पतालों में हुए प्रसव के आंकड़े
ब्लाॅक - सरकारी अस्पताल - प्राइवेट अस्पताल
चायल - 391 - 248
कड़ा - 581 - 253
कौशाम्बी- 394 - 222
मंझनपुर- 850 - 180
मूरतगंज - 461 - 369
नेवादा- 512 - 366
सरसवां- 475 - 251
सिराथू- 487 - 1345
जिला मुख्यालय- 749 - 000
जनपद में कुल - 4900 - 3234
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सरकारी अस्पतालों में अन्य मरीजों के साथ गर्भवती महिलाओं को बेहतर सुविधाएं मिल रहीं हैं। जांचों से लेकर उन्हें भोजन तक उपलब्ध कराया जाता है। घर से लाने और वापस पहुंचाने की भी व्यवस्था सरकार ने दी है। यही कारण है कि सरकारी अस्पतालों में प्रसव अधिक हो रहे हैं। इन्हें और अधिक बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।
डॉ. सुष्पेंद्र कुमार,सीएमओ
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जनपद में कुल 43 सरकारी अस्पताल हैं। इनमें से जिला मुख्यालय स्थित मेडिकल काॅलेज, सभी आठ ब्लॉक मुख्यालय स्थित सीएचसी व ब्लॉक पीएचसी में प्रसव की सुविधा दी गई है। इसके अलावा ग्रामीणअंचल की 35 न्यू पीएचसी में से 20 ऐसी हैं, जहां प्रसव होता है। इस तरह कुल 29 सरकारी अस्पतालों में प्रसव होता है। जबकि, जनपद में पंजीकृत क्लीनिकों, पॉलीक्लीनिकों और नर्सिंग होम की संख्या लगभग 95 हैं। इनमें से करीब 50 निजी अस्पतालों में मरीजों को भर्ती करने की सुविधा दी जाती हैं। इनमें ज्यादातर निजी अस्पतालों में प्रसव भी कराए जाते हैं। शासन की मंशा है कि अधिक से अधिक प्रसव अस्पतालों में हों। इसके लिए महिलाओं को घर से लाने और पहुंचाने के लिए 102 एंबुलेंस, सीएचसी-पीएचसी में निशुल्क दवाएं, जांचें आदि की सुविधाएं मुहैया कराई जाती हैं। 45 निजी अल्ट्रासाउंड सेंटरों में गर्भवती महिलाओं की नि:शुल्क जांच की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा जननी सुरक्षा योजना और मातृ वंदना योजना के तहत सरकारी अस्पतालों में प्रसव कराने पर धनराशि भी दी जाती है। यही वजह है कि निजी की अपेक्षा सरकारी अस्पतालों में प्रसव अधिक हो रहे हैं। इस वित्तीय वर्ष में अप्रैल से लेकर जून सरकारी अस्पतालों में 4900 प्रसव हुए, जबकि निजी अस्पतालों में 3234 प्रसव कराए गए। यह हाल तब है जब कई ब्लॉक स्तरीय स्वास्थ्य केंद्रों में गाइनोकोलॉजिस्ट का पद रिक्त है।
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सिराथू में निजी अस्पताल पड़ रहे भारी
स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट बताती है कि सिराथू क्षेत्र में सरकारी अस्पतालों पर निजी चिकित्सालय भारी पड़ रहे हैं। यहां पर बीते तीन महीने में 487 महिलाओं ने सीएचसी व पीएचसी समेत अन्य सरकारी अस्पतालों में प्रसव कराया। जबकि, निजी अस्पतालों में 1345 महिलाओं का प्रसव हुआ।
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सरकारी और निजी अस्पतालों में हुए प्रसव के आंकड़े
ब्लाॅक - सरकारी अस्पताल - प्राइवेट अस्पताल
चायल - 391 - 248
कड़ा - 581 - 253
कौशाम्बी- 394 - 222
मंझनपुर- 850 - 180
मूरतगंज - 461 - 369
नेवादा- 512 - 366
सरसवां- 475 - 251
सिराथू- 487 - 1345
जिला मुख्यालय- 749 - 000
जनपद में कुल - 4900 - 3234
सरकारी अस्पतालों में अन्य मरीजों के साथ गर्भवती महिलाओं को बेहतर सुविधाएं मिल रहीं हैं। जांचों से लेकर उन्हें भोजन तक उपलब्ध कराया जाता है। घर से लाने और वापस पहुंचाने की भी व्यवस्था सरकार ने दी है। यही कारण है कि सरकारी अस्पतालों में प्रसव अधिक हो रहे हैं। इन्हें और अधिक बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।
डॉ. सुष्पेंद्र कुमार,सीएमओ