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Kaushambi News: गोशालाओं के खर्च का शासन से ग्राम पंचायतों को होगा सीधा भुगतान
Tue, 08 Aug 2023 12:50 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Tue, 08 Aug 2023 12:50 AM IST
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मंझनपुर। गोशालाओं के भुगतान की व्यवस्था बदल गई है। पहले बजट शासन से जिले को मिलता था। यहां से डिमांड के हिसाब से ब्लॉकों और फिर वहां से ग्राम पंचायतों को दिया जाता था। नई व्यवस्था में शासन से सीधे यह बजट ग्राम पंचायतों के खाते में जाएगा।
जिले में स्थाई और अस्थाई मिलाकर कुल 83 गोशालाएं हैं, जिनमें से 69 ग्रामीण अंचल हैं। इनका संचालन ग्राम पंचायतें देखती हैं। इनमें संरक्षित गोवंश के भरण पोषण के लिए शासन की ओर से प्रति गोवंश 30 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से दिए जाते हैं।
पहले ग्राम पंचायतें ब्लॉकों को डिमांड भेजती थीं। ब्लॉक से डिमांड जिले पर आती थी। इसी के हिसाब से जिले को शासन से मिलता था। फिर यहां से डिमांड के मुताबिक बजट ब्लॉकों और फिर वहां से ग्राम पंचायतों को दिया जाता था।
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सीवीओ डॉ.एके सागर ने बताया कि अब शासन ने भुगतान की इस व्यवस्था में बदलाव कर दिया है। अब ग्राम पंचायतें ब्लॉकों के माध्यम से अपनी डिमांड भेजेंगी। इसके बाद उसे यहां से शासन को भेज दिया जाएगा। शासन से पूरा भुगतान डायरेक्ट बेनीफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से सीधे ग्राम पंचायतों के खाते में भेजा जाएगा। पहले डिमांड भी ऑफ लाइन आती थी, लेकिन अब डिमांड भी ऑनलाइन ही ली जाएगी। इस नई व्यवस्था से भुगतान की प्रक्रिया में और भी पारदर्शिता आएगी।
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जिले में स्थाई और अस्थाई मिलाकर कुल 83 गोशालाएं हैं, जिनमें से 69 ग्रामीण अंचल हैं। इनका संचालन ग्राम पंचायतें देखती हैं। इनमें संरक्षित गोवंश के भरण पोषण के लिए शासन की ओर से प्रति गोवंश 30 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से दिए जाते हैं।
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पहले ग्राम पंचायतें ब्लॉकों को डिमांड भेजती थीं। ब्लॉक से डिमांड जिले पर आती थी। इसी के हिसाब से जिले को शासन से मिलता था। फिर यहां से डिमांड के मुताबिक बजट ब्लॉकों और फिर वहां से ग्राम पंचायतों को दिया जाता था।
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सीवीओ डॉ.एके सागर ने बताया कि अब शासन ने भुगतान की इस व्यवस्था में बदलाव कर दिया है। अब ग्राम पंचायतें ब्लॉकों के माध्यम से अपनी डिमांड भेजेंगी। इसके बाद उसे यहां से शासन को भेज दिया जाएगा। शासन से पूरा भुगतान डायरेक्ट बेनीफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से सीधे ग्राम पंचायतों के खाते में भेजा जाएगा। पहले डिमांड भी ऑफ लाइन आती थी, लेकिन अब डिमांड भी ऑनलाइन ही ली जाएगी। इस नई व्यवस्था से भुगतान की प्रक्रिया में और भी पारदर्शिता आएगी।