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Kaushambi News: सीसीटीवी कैमरा खरीद में घालमेल, बाजार मूल्य से तीन गुना अधिक भुगतान
Sat, 13 Sep 2025 01:01 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Sat, 13 Sep 2025 01:01 AM IST
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हासिमपुर किनार गांव की गोशाला में लगा कैमरा। संवाद
विकास खंड नेवादा में गोशालाओं की निगरानी के लिए लगाए जा रहे फोर-जी सोलर प्लेट डुअल लेंस सीसीटीवी कैमरों की खरीद में बड़े पैमाने पर अनियमितता का आरोप लगा है। बताते हैं कि ब्लॉक के एक जिम्मेदार अधिकारी के दबाव में बाजार मूल्य से तीन गुना अधिक राशि का भुगतान भदोही की फर्म को किया जा रहा है जिससे ग्राम प्रधानों और सचिवों में हड़कंप मचा है। इससे नेवादा ब्लॉक की समूची कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में है।
ग्राम पंचायत बरियावां, हासिमपुर किनार, चकपिन्हा, जैतपुर पूरेहजारी व नगर पंचायत सराय अकिल समेत कुल 11 गोशालाओं में करीब 1100 लावारिस गोवंश संरक्षित हैं। इनकी 24 घंटे ऑनलाइन निगरानी के लिए फोर-जी थ्री-डी सोलर प्लेट डुअल लेंस सीसीटीवी कैमरा उपकरण लगाए जा रहे हैं, जो ब्लॉक के एक अधिकारी के माध्यम से स्थापित किए गए हैं। बाजार व ऑनलाइन साइट पर उपकरणों की कीमत 5500 से 8500 रुपये प्रति नग मिल रही है, जबकि मकदूमपुर और चायल के शेखपुर रसूलपुर में 12 से 14 हजार रुपये प्रति उपकरण स्थापित किया गया है। वहीं बरियावां ग्राम पंचायत में प्रति उपकरण 29,736 रुपये का भुगतान किया जा रहा है।
ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर बरियावां ग्राम पंचायत की गोशाला में लगे तीन कैमरों का भुगतान कुल 89,208 रुपये भदोही की कमलश्री इंटरप्राइजेज फर्म को किया गया है। पूरे मामले में दिलचस्प बात यह है कि उपकरण की गुणवत्ता पर कोई सवाल नहीं उठा रहा है, बल्कि जिम्मेदार एक-दूसरे पर पल्ला झाड़ रहे हैं। ऐसे में ब्लॉक के अधिकारी शक के घेरे में आ गए हैं।
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सीमा स्तंभ में दोगुना से अधिक भुगतान पर नहीं हुई कार्रवाई
भदोही की फर्म का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले शासन से 1100 रुपये की दर निर्धारित होने के बावजूद घटिया रेत और कंक्रीट से बने सीमा स्तंभ प्रति नग 2346 रुपये का वाउचर लगाकर भदोही की ही श्रीबीबीएस कंस्ट्रक्शन फर्म को भुगतान कराया गया था। इसी तरह आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए वेट स्केल (वजन मशीन) और स्टेडियोमीटर (लंबाई मापने का मीटर) की खरीदारी बाजार मूल्य से तीन गुना अधिक, यानी 6372 रुपये प्रति यूनिट में की गई थी।
30 अप्रैल को अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) ने जांच कर कार्रवाई की बात कही थी लेकिन अब तक मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई।
घपला उजागर होने पर बदल दिया जाता है बिल और फर्म
ग्राम प्रधानों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि सीमा स्तंभ में दोगुना भुगतान का मामला उजागर होने पर सब कुछ बदल दिया गया। अप्रैल माह के अंतिम सप्ताह में श्री बीबीएस कंस्ट्रक्शन का नाम उजागर होने के बाद बिल और वाउचर बदल कर अधिकारियों के दबाव में भदोही की ही अन्य फर्मों पूजा कंस्ट्रक्शन, शोभा कंस्ट्रक्शन, एके कंस्ट्रक्शन, साई प्रोजेक्ट, शांति ट्रेडर्स, श्री साई ट्रेडर्स, सिद्धार्थ इंटरप्राइजेज के नाम से सामग्रियों का भुगतान किया जा रहा है।
इनका कहना है
खंड विकास अधिकारी के माध्यम से गोशाला में कैमरा लगाया गया है। उनके ही निर्देश पर संबंधित फर्म को भुगतान किया गया है। - राजकरन पाल, पंचायत सचिव, बरियावां
-- आंगनबाड़ी में पहले जिस फर्म ने सामग्री आपूर्ति की है। उसी ने गोशालाओं में सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए हैं इसमें मेरा किसी प्रकार का हस्तक्षेप नहीं है। - संजय कुमार गुप्ता, बीडीओ नेवादा
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ग्राम पंचायत बरियावां, हासिमपुर किनार, चकपिन्हा, जैतपुर पूरेहजारी व नगर पंचायत सराय अकिल समेत कुल 11 गोशालाओं में करीब 1100 लावारिस गोवंश संरक्षित हैं। इनकी 24 घंटे ऑनलाइन निगरानी के लिए फोर-जी थ्री-डी सोलर प्लेट डुअल लेंस सीसीटीवी कैमरा उपकरण लगाए जा रहे हैं, जो ब्लॉक के एक अधिकारी के माध्यम से स्थापित किए गए हैं। बाजार व ऑनलाइन साइट पर उपकरणों की कीमत 5500 से 8500 रुपये प्रति नग मिल रही है, जबकि मकदूमपुर और चायल के शेखपुर रसूलपुर में 12 से 14 हजार रुपये प्रति उपकरण स्थापित किया गया है। वहीं बरियावां ग्राम पंचायत में प्रति उपकरण 29,736 रुपये का भुगतान किया जा रहा है।
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ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर बरियावां ग्राम पंचायत की गोशाला में लगे तीन कैमरों का भुगतान कुल 89,208 रुपये भदोही की कमलश्री इंटरप्राइजेज फर्म को किया गया है। पूरे मामले में दिलचस्प बात यह है कि उपकरण की गुणवत्ता पर कोई सवाल नहीं उठा रहा है, बल्कि जिम्मेदार एक-दूसरे पर पल्ला झाड़ रहे हैं। ऐसे में ब्लॉक के अधिकारी शक के घेरे में आ गए हैं।
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सीमा स्तंभ में दोगुना से अधिक भुगतान पर नहीं हुई कार्रवाई
भदोही की फर्म का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले शासन से 1100 रुपये की दर निर्धारित होने के बावजूद घटिया रेत और कंक्रीट से बने सीमा स्तंभ प्रति नग 2346 रुपये का वाउचर लगाकर भदोही की ही श्रीबीबीएस कंस्ट्रक्शन फर्म को भुगतान कराया गया था। इसी तरह आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए वेट स्केल (वजन मशीन) और स्टेडियोमीटर (लंबाई मापने का मीटर) की खरीदारी बाजार मूल्य से तीन गुना अधिक, यानी 6372 रुपये प्रति यूनिट में की गई थी।
30 अप्रैल को अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) ने जांच कर कार्रवाई की बात कही थी लेकिन अब तक मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई।
घपला उजागर होने पर बदल दिया जाता है बिल और फर्म
ग्राम प्रधानों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि सीमा स्तंभ में दोगुना भुगतान का मामला उजागर होने पर सब कुछ बदल दिया गया। अप्रैल माह के अंतिम सप्ताह में श्री बीबीएस कंस्ट्रक्शन का नाम उजागर होने के बाद बिल और वाउचर बदल कर अधिकारियों के दबाव में भदोही की ही अन्य फर्मों पूजा कंस्ट्रक्शन, शोभा कंस्ट्रक्शन, एके कंस्ट्रक्शन, साई प्रोजेक्ट, शांति ट्रेडर्स, श्री साई ट्रेडर्स, सिद्धार्थ इंटरप्राइजेज के नाम से सामग्रियों का भुगतान किया जा रहा है।
इनका कहना है
खंड विकास अधिकारी के माध्यम से गोशाला में कैमरा लगाया गया है। उनके ही निर्देश पर संबंधित फर्म को भुगतान किया गया है। - राजकरन पाल, पंचायत सचिव, बरियावां