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औषधीय खेती से सुधरेगी किसानों की हालत
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
Updated Tue, 13 Sep 2016 12:46 AM IST
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दोआबा के किसान औषधीय खेती अपनाकर अपनी माली हालत सुधार सकते हैं। इसके लिए सेन्ट्रोडोर, पामारोजा और कालमेघ जैसी प्रमुख प्रजातियां हैं। इनकी खेती करने से किसानों को सामान्य फसलों की तुलना में अधिक लाभ मिलेगा। यह बातें रविवार को टेंवा गांव के एक किसान सम्मेलन में सेन्ट्रोडोर पौधे को रोपित करते हुए कहीं।
डीएम अखंड प्रताप सिंह 11 सितम्बर को सदर तहसील के टेंवा गांव पहुंचे। उनके साथ एसपी बीके मिश्र और मुख्य विकास अधिकारी दिनेश कुमार सिंह भी रहे। अफसरों ने गांव के किसानों को कृषि विविधिकरण के बावत विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि सामान्य खेती से किसानों को अच्छी आय नहीं मिल पाती। इसके बाद उन्होंने गांव के किसान आरपी सिंह के खेत में सेन्ट्रोडोर पौधे का रोपण किया।
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डीएम अखंड प्रताप सिंह 11 सितम्बर को सदर तहसील के टेंवा गांव पहुंचे। उनके साथ एसपी बीके मिश्र और मुख्य विकास अधिकारी दिनेश कुमार सिंह भी रहे। अफसरों ने गांव के किसानों को कृषि विविधिकरण के बावत विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि सामान्य खेती से किसानों को अच्छी आय नहीं मिल पाती। इसके बाद उन्होंने गांव के किसान आरपी सिंह के खेत में सेन्ट्रोडोर पौधे का रोपण किया।
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