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किसान रामबाबू की मौत की गाज एसडीएम पर
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
Updated Mon, 19 Jun 2017 01:16 AM IST
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kaushambi
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कर्ज में डूबे किसान रामबाबू के फांसी लगाकर जान देने के बाद डीएम मनीष कुमार वर्मा ने घटना के चार दिन बाद एसडीएम विवेक चतुर्वेदी को हटाकर कलेक्ट्रेट से सम्बद्ध कर दिया है। सिराथू तहसील का एसडीएम एसएन सिंह को बनाया गया है। ये कार्रवाई डीएम ने रविवार देर शाम की। इससे प्रशासनिक गलियारे में हड़कंप मचा हुआ है। वह इस मामले की कई बिंदुओं पर जांच करा रहे हैं। इसमें पीएम रिपोर्ट पर उठ रहे सवालों की भी जांच उनके स्तर से करवाई जा रही है।
सिराथू तहसील के चक बख्तियारा निवासी रामबाबू चार बीघा का काश्तकार था। रामबाबू ने तीन बैंक व उचरांवा सहकारी समिति (सोसायटी) से कर्ज ले रखा था। कर्ज न देने पर सबसे पहले सोसायटी की ओर से नोटिस रामबाबू को मिली।
इसके बाद रामबाबू मंगलवार की रात बिना किसी को बताए घर से निकला और गांव के बाहर आम की बाग में फांसी लगाकर जान दे दी। इस खबर को अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित करना शुरू किया। इतनी बड़ी घटना की जानकारी के बावजूद सिराथू एसडीएम विवेक चतुर्वेदी देर शाम चक बख्तियारा पीड़ित परिजनों से मिलने पहुंचे। डीएम को जैसे ही इसकी जानकारी हुई उन्होंने जांच कराई।
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जांच में मामला सही पाए जाने पर उन्होंने रविवार की देर शाम एसडीएम विवेक चतुर्वेदी को सिराथू एसडीएम के पद से हटाकर कलेक्ट्रेट से सम्बद्ध कर लिया। हालांकि डीएम कहना है कि व्यवस्था में सुधार के लिए यह कार्रवाई की गई है। वहीं डीएम ने रामबाबू के परिजनों को आर्थिक मदद दिलाने के लिए शासन को पत्र भेजा है।
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सिराथू तहसील के चक बख्तियारा निवासी रामबाबू चार बीघा का काश्तकार था। रामबाबू ने तीन बैंक व उचरांवा सहकारी समिति (सोसायटी) से कर्ज ले रखा था। कर्ज न देने पर सबसे पहले सोसायटी की ओर से नोटिस रामबाबू को मिली।
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इसके बाद रामबाबू मंगलवार की रात बिना किसी को बताए घर से निकला और गांव के बाहर आम की बाग में फांसी लगाकर जान दे दी। इस खबर को अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित करना शुरू किया। इतनी बड़ी घटना की जानकारी के बावजूद सिराथू एसडीएम विवेक चतुर्वेदी देर शाम चक बख्तियारा पीड़ित परिजनों से मिलने पहुंचे। डीएम को जैसे ही इसकी जानकारी हुई उन्होंने जांच कराई।
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जांच में मामला सही पाए जाने पर उन्होंने रविवार की देर शाम एसडीएम विवेक चतुर्वेदी को सिराथू एसडीएम के पद से हटाकर कलेक्ट्रेट से सम्बद्ध कर लिया। हालांकि डीएम कहना है कि व्यवस्था में सुधार के लिए यह कार्रवाई की गई है। वहीं डीएम ने रामबाबू के परिजनों को आर्थिक मदद दिलाने के लिए शासन को पत्र भेजा है।