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Kaushambi News: बिजली बिल कम कराने के नाम पर किसान से 21 हजार की ठगी
Sat, 23 May 2026 11:55 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Sat, 23 May 2026 11:55 PM IST
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बिजली बिल कम कराने के नाम पर किसान से 21 हजार रुपये लेने और बाद में बिल संशोधन न कराने का मामला सामने आया है। मामले में पीड़ित किसान की तहरीर पर पुलिस ने मंझनपुर थाने में बिजली विभाग के एक बिलिंग सुपरवाइजर के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
एफआईआर के मुताबिक भक्तन का पुरवा गांव निवासी छोटे लाल ने बताया कि घर का बिजली मीटर तेज चलने के कारण उसका बिल अधिक आ रहा था। 11 मार्च 2026 को बिजली विभाग के कर्मचारी धर्मेंद्र द्विवेदी चार पहिया वाहन से उनके घर पहुंचे और मीटर जांच के बाद करीब 45,858 रुपये बिल बताया।
किसान का आरोप है कि जब उसने अधिक बिल जमा करने में असमर्थता जताई तो धर्मेंद्र द्विवेदी ने बिल संशोधन कर 21 हजार रुपये जमा कराने पर पूरा बिल शून्य कराने का भरोसा दिया। आरोप है कि उसने रिश्तेदारों से उधार लेकर 21 हजार रुपये कर्मचारी को दे दिए। कर्मचारी ने 72 घंटे में बिल ठीक होने की बात कही थी।
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पीड़ित का कहना है कि 13 दिन बीत जाने के बाद भी न तो बिल संशोधित हुआ और न ही रकम जमा दिखाई गई। अब आरोपी कर्मचारी फोन भी नहीं उठा रहा है।
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एफआईआर के मुताबिक भक्तन का पुरवा गांव निवासी छोटे लाल ने बताया कि घर का बिजली मीटर तेज चलने के कारण उसका बिल अधिक आ रहा था। 11 मार्च 2026 को बिजली विभाग के कर्मचारी धर्मेंद्र द्विवेदी चार पहिया वाहन से उनके घर पहुंचे और मीटर जांच के बाद करीब 45,858 रुपये बिल बताया।
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किसान का आरोप है कि जब उसने अधिक बिल जमा करने में असमर्थता जताई तो धर्मेंद्र द्विवेदी ने बिल संशोधन कर 21 हजार रुपये जमा कराने पर पूरा बिल शून्य कराने का भरोसा दिया। आरोप है कि उसने रिश्तेदारों से उधार लेकर 21 हजार रुपये कर्मचारी को दे दिए। कर्मचारी ने 72 घंटे में बिल ठीक होने की बात कही थी।
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पीड़ित का कहना है कि 13 दिन बीत जाने के बाद भी न तो बिल संशोधित हुआ और न ही रकम जमा दिखाई गई। अब आरोपी कर्मचारी फोन भी नहीं उठा रहा है।